पार्षद पति के संरक्षण में होता रहा यौन शोषण: अपहरण, दुष्कर्म और राजनीतिक संरक्षण के आरोपों से मचा हड़कंप
KHULASA FIRST
संवाददाता

पुलिस ने दर्ज नहीं की एफआईआर
युवती का आरोप- भीलवाड़ा से इंदौर तक महीनों बंधक बनाकर रखा, नशीला पदार्थ देकर की गई मनमानी
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के चंदन नगर क्षेत्र से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील और सनसनीखेज मामला सामने आया, जिसमें एक युवती ने कई लोगों पर बहला-फुसलाकर भगाने, जबरन निकाह कराने, बंधक बनाकर रखने, नशीला पदार्थ देकर बार-बार दुष्कर्म करने और राजनीतिक संरक्षण के चलते पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
युवती ने पुलिस आयुक्त और उपायुक्त को दिए आवेदन में दावा किया है कि कई महीनों उसका यौन शोषण किया। युवती के आवेदन के अनुसार जून 2025 में उसे चंदन नगर क्षेत्र से आरोपी उवेश नागौरी राजस्थान के भीलवाड़ा ले गया। वहां कथित तौर पर उसे धोखे में रख निकाह कराया गया और कई दिन तक उसे अपने कब्जे में रखा।
इस दौरान उसके साथ मारपीट, धमकियां और नशीले पदार्थ देने जैसी घटनाएं हुईं। विरोध करने पर डराया-धमकाया जाता रहा। जब उसके परिवार द्वारा गुमशुदगी और अपहरण की शिकायत की गई तो आरोपी उसे वापस इंदौर ले आए, लेकिन यहां भी उसे अलग-अलग स्थानों पर रखकर यौन शोषण किया गया।
युवती ने दावा किया है कि एयरपोर्ट क्षेत्र के एक होटल, चंदन नगर क्षेत्र के एक कमरे और बाद में अन्य स्थानों पर उसे बंधक बनाकर रखा गया।
पार्षद पति ने रुकवाई थाने में कार्रवाई
मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि युवती ने एक स्थानीय पार्षद पति रफीक खान पर आरोप लगाया है कि उसने कथित रूप से आरोपियों को संरक्षण दिया और थाने में प्रभाव का इस्तेमाल कर कार्रवाई रुकवाई। आवेदन में कहा गया है कि जब उसने पुलिस के सामने दुष्कर्म की शिकायत करने की कोशिश की तो उसे डराया गया, समझौते का दबाव बनाया और आरोपी को छोड़ दिया गया।
पीड़िता का कहना है बाद में उसे दोबारा राजस्थान ले जाया गया, जहां कई अन्य लोगों ने दुष्कर्म किया। आवेदन में कुछ व्यक्तियों के नाम भी लिखे हैं, जिन पर कथित तौर पर यौन शोषण, धमकी और आरोपी को शरण देने के आरोप लगाए गए हैं।
सड़क किनारे बेसुध मिली, पुलिस ने नहीं कराया मेडिकल
आवेदन के अनुसार एक मौके पर युवती बेसुध हालत में सड़क किनारे मिली थी, जिसके बाद पुलिस के माध्यम से उसे थाने पहुंचाया गया। इसके बावजूद उसका मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया और न ही विधिवत एफआईआर दर्ज की गई।
युवती का आरोप है कि उसे कई बार थाने बुलाया और घंटों बैठाकर रवाना कर दिया गया। पीड़िता ने दावा किया कि उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिससे उसकी जान को खतरा है। अत: उसे व उसके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
साथ ही भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने, मेडिकल परीक्षण कराने, निष्पक्ष जांच करवाने तथा स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
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