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ट्रस्ट पर गंभीर आरोप: डीजीपी को सौंपी गई 80 पन्नों की शिकायत; SC कांग्रेस के अध्यक्ष बोले- धाम में गुप्त तहखाने बने

KHULASA FIRST

संवाददाता

23 जनवरी 2026, 1:55 अपराह्न
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ट्रस्ट पर गंभीर आरोप

खुलासा फर्स्ट, अशोकनगर।
जिले के आनंदपुर धाम ट्रस्ट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष और मप्र अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व सदस्य प्रदीप अहिरवार ने मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना को 80 पन्नों की विस्तृत शिकायत सौंपते हुए ट्रस्ट की गतिविधियों की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

गुप्त तहखाने बनाए गए हैं
प्रदीप अहिरवार का आरोप है कि आनंदपुर धाम ट्रस्ट परिसर में अवैध तरीके से बड़े-बड़े गुप्त तहखाने बनाए गए हैं, जिनकी न तो नगर प्रशासन से अनुमति ली गई और न ही किसी संबंधित विभाग को इसकी आधिकारिक जानकारी दी गई। उन्होंने आशंका जताई है कि इन तहखानों का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों और लोगों को छिपाकर रखने जैसे गंभीर कृत्यों में किया जा सकता है।

कार्रवाई न होने पर उठे सवाल
शिकायत पत्र में कहा गया है कि आनंदपुर धाम में लंबे समय से आपराधिक और असंवैधानिक गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसी वजह से पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच जरूरी हो गई है।

शोषण और जमीन कब्जाने के आरोप
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों पर युवक-युवतियों के शारीरिक और मानसिक शोषण के गंभीर आरोप हैं। साथ ही दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोगों की जमीनों पर अवैध कब्जा कर अनैतिक खरीद-फरोख्त किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।

अहिरवार का दावा है कि इन मामलों से जुड़े पीड़ितों के बयान, वीडियो सबूत और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं, इसके बावजूद पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है।

मानव तस्करी की आशंका
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आनंदपुर धाम ट्रस्ट के माध्यम से कुछ लोगों को पंजाब, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में भेजा गया, जहां उन्हें बिना कानूनी प्रक्रिया और आधिकारिक रिकॉर्ड के रखा गया।

इसे मानव तस्करी से जोड़ते हुए पूरे नेटवर्क की गहन जांच की मांग की गई है। पत्र में भोपाल निवासी अमरीक सिंह, जिसे हवाला कारोबारी बताया गया है, सहित ट्रस्ट से जुड़े प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच की भी मांग की गई है।

शिकायत के साथ भेजे गए अहम दस्तावेज
डीजीपी को भेजी गई शिकायत के साथ 80 पन्नों में कई अहम दस्तावेज संलग्न किए गए हैं। इनमें ईसागढ़ थाने में आनंदपुर ट्रस्ट से जुड़े महात्माओं और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का विवरण, 11 अप्रैल 2025 को आनंदपुर धाम कार्यक्रम से पहले कराए गए चरित्र सत्यापन की रिपोर्ट, 30 जनवरी 2025 को अशोकनगर कलेक्टर को भेजी गई शिकायत की प्रति, और प्रधानमंत्री कार्यालय, सीएम हेल्पलाइन, जिला प्रशासन तथा थाना प्रभारी को भेजी गई पूर्व शिकायतों की कॉपियां शामिल हैं।

प्रदीप अहिरवार ने डीजीपी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि यदि आरोप सही हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।

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