अमरनाथ यात्रा का सुरक्षा कवच तैयार: अर्धसैनिक बलों के 67 हजार जवान संभालेंगे मोर्चा; अब तक की सबसे बड़ी तैनाती
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, जम्मू ।
वार्षिक अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने अभूतपूर्व सुरक्षा कवच तैयार किया है। गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ विचार-विमर्श के बाद यात्रियों की सुरक्षा के लिए 670 अर्धसैनिक बलों की कंपनियां (करीब 67 हजार जवान) तैनात करने को मंजूरी दी है।
यह अब तक की बड़ी तैनाती मानी जा रही है। यह कंपनियां जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, रेलवे पुलिस और पहले से मौजूद सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी की वाहिनियों के अतिरिक्त हैं।
सीसीटीवी कैमरे,ड्रोन, हेलीकॉप्टर, खोजी कुत्ते, माउंटेन रेस्क्यू टीम, अत्याधुनिक हथियारों व संचार उपकरणों से लैस सुरक्षाकर्मी यात्रा मार्ग और शिविरों के साथ श्रद्धालुओं के काफिले की सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे।
पहले 581 कंपनियों ने संभाली थी सुरक्षा... बता दें कि गत वर्ष यात्रा में 581 कंपनियां तैनात थी। सूत्रों के अनुसार, यात्रा के लिए विस्तृत सुरक्षा योजना को अंतिम रूप गृह मंत्रालय तथा जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श के बाद दिया है।
यात्रा मार्ग से सटे पर्वतीय और वनीय इलाकों में सुरक्षा का जिम्मा मुख्य रूप से सेना ही संभालेगी। कुछे जगहों पर यह जिम्मेदारी सीमा सुरक्षा बल को मिलेगी। लखनपुर-जम्मू, जम्मू-ऊधमपुर-बनिहाल-काजीगुंड और श्रीनगर-बालटाल सेक्शन पर अधिकांश जगहों पर रोड ओपनिंग पार्टी की जिम्मेदारी सीआरपीएफ की रहेगी।
रामबन-बनिहाल, ऊधमपुर के आसपास, काजीगुंड-पहलगाम, कंगन-सोनमर्ग, एचएमटी- कंगन व अनंतनाग-श्रीनगर सेक्शन पर राष्ट्रीय राइफल्स और सीमा सुरक्षा बल भी यह जिम्मेदारी निभाएगी।
रेलवे लाइन पर रहेगी विशेष नजर...श्रीनगर रेलवे लाइन की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान संबंधित अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष जम्मू-ऊधमपुर-कटड़ा-बनिहाल-अनंतनाग-श्रीनगर रेलवे लाइन की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
रेलवे लाइन न सिर्फ भौगोलिक रूप से अत्यंत दुर्गम इलाकों से गुजरती है बल्कि कटड़ा से आगे रेलवे लाइन आतंक प्रभावित इलाकों में ही है।
इस बार बन सकता है नया रिकार्ड इस बीच, 15 अप्रैल से शुरू हुई पंजीकरण प्रक्रिया के बाद से अब तक तीन लाख 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस वर्ष की श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं।
श्रद्धालु इस बार नया रिकार्ड बना सकते हैं। तीन जुलाई से शुरू होने वाली यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर संपन्न होगी।
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