शिकायतों के बोझ तले दबे एसडीएम प्रदीप सोनी को देपालपुर भेजा: कलेक्टर का बड़ा एक्शन; दागदार हुई कार्यशैली तो छीन लिया गया कॉलोनी सेल का रसूख
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शिकायतों और विवादों के बीच इंदौर जिला प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने जूनी इंदौर एसडीएम और कॉलोनी सेल जैसे महत्वपूर्ण प्रभार संभाल रहे संयुक्त कलेक्टर प्रदीप सोनी से तत्काल प्रभाव से दोनों जिम्मेदारियां वापस ले लीं। उन्हें अब शहर से हटाकर देपालपुर अनुभाग का एसडीएम नियुक्त किया गया है।
सूत्रों के अनुसार एसडीएम प्रदीप सोनी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं और उनकी कार्यप्रणाली विभागीय जांच के दायरे में थी। प्रशासनिक हलकों में इस निर्णय को दंडात्मक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
इससे पहले भी इसी विभाग में रहते हुए उन पर गंभीर आरोप लगे थे और उन्हें हटाया गया था। कलेक्टर द्वारा दोबारा अवसर दिए जाने के बावजूद कार्यशैली में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और शिकायतों का सिलसिला जारी रहा।
कलेक्टर के आदेशानुसार कॉलोनी सेल की कमान अब संयुक्त कलेक्टर रोशनी पाटीदार को सौंपी गई है। नजूल जमीनों का रिकॉर्ड तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासन को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में विभाग में पारदर्शिता और अनुशासन मजबूत होगा।
वहीं, सांवेर में ग्रीन फील्ड कॉरिडोर और भू-अर्जन जैसे चुनौतीपूर्ण कार्य रिकॉर्ड समय में पूर्ण करने वाले घनश्याम धनगर को पुनः जूनी इंदौर का एसडीएम बनाया गया है। सांवेर से उनके स्थानांतरण के बाद वहां संयुक्त कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी को एसडीएम नियुक्त किया गया है, जो अब राजस्व प्रकरणों और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे।
कलेक्टोरेट में अधिकारियों के बीच हुआ था विवाद
इस घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में कलेक्टोरेट में अधिकारियों के बीच हुआ विवाद भी बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य और संयुक्त कलेक्टर प्रदीप सोनी के बीच शुक्रवार देर शाम कक्ष में कहासुनी हुई। कॉलोनी सेल की कुछ फाइलें लंबित थीं।
वैश्य अपर कलेक्टर कोर्ट की बोर्ड सुनवाई के बाद कक्ष में पहुंचे थे, तभी सोनी फाइलों पर हस्ताक्षर करवाने के लिए पहुंचे थे। तत्काल हस्ताक्षर न होने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद मामला कलेक्टर तक पहुंचा।
कलेक्टर ने इसे सामान्य प्रशासनिक कार्यविभाजन बताया
सूत्रों के मुताबिक वैश्य ने कलेक्टर से स्पष्ट कहा कि या तो सोनी को हटाया जाए या उन्हें अन्यत्र पदस्थ किया जाए। इसके बाद शनिवार दोपहर कलेक्टर ने स्थापना शाखा के अधिकारियों को बुलाकर कार्य विभाजन में संशोधन का आदेश जारी किया। हालांकि कलेक्टर शिवम वर्मा ने इसे सामान्य प्रशासनिक कार्यविभाजन बताया है।
उनका कहना है कि यह बदलाव प्रशासनिक सुविधा के लिए किया गया है, किसी शिकायत या जांच से इसका संबंध नहीं है। उन्होंने सभी अधिकारियों को समयसीमा में जनहित और शासन की नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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