तीसरी मर्तबा रिमांड पर संजय कलवानी: पुलिस बोली- पूछताछ में नहीं कर रहा सहयोग; मोबाइल भी नहीं किया सरेंडर
KHULASA FIRST
संवाददाता

पुलिस बोली- पूछताछ में नहीं कर रहा सहयोग, मोबाइल भी नहीं किया सरेंडर
मोबाइल छिपाया, माल किया गायब, पुलिस के सवालों पर चुप्पी साधे बैठा
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जीआरवी बिस्कुट प्रालि कंपनी में करोड़ों की अंदरूनी साजिश का पटाक्षेप होते-होते भी नहीं हो पा रहा। कंपनी का ही पूर्व डायरेक्टर संजय कलवानी पुलिस के सामने ऐसे शातिराना तरीके से पेश आ रहा है, जैसे हर सवाल का जवाब उसके पास है, लेकिन वह देना नहीं चाहता। उसने अभी तक अपना मोबाइल और कंपनी से चोरी किए बिस्कुट व चॉकलेट के कार्टन भी जब्त नहीं कराए। ऐसे में बाणगंगा पुलिस को उसे तीसरी बार रिमांड पर लेना पड़ा। वहीं षड्यंत्रकारी के रूप में रशियन नागरिक गौरव अहलावत और विजय पांचाल का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है 19 फरवरी को जीआरवी बिस्कुट प्रालि कंपनी के शेयर होल्डर दिनेश मनवानी ने कंपनी के डायरेक्टर रहे संजय कलवानी पर बाणगंगा थाने में केस दर्ज कराया था। उसने कंपनी में करोड़ों का खेल करने वाले रशियन नागरिक गौरव अहलावत के खिलाफ दायर परिवाद वापस लेकर उसे फायदा पहुंचाया था।
पुलिस ने पहले दो, फिर तीन दिनी रिमांड के बाद कल तीसरी मर्तबा तीन दिन के रिमांड पर लिया है। शुरुआती पूछताछ में आनाकानी कर रहे कलवानी ने दूसरी बार रिमांड लेने पर पूरे षड्यंत्र के पीछे रशियन नागरिक गौरव अहलावत का नाम बताते हुए उससे अपने खाते में मोटी रकम लेना बताया था।
इतना ही नहीं उसने कंपनी को दिवालिया कराने के लिए कंपनी का जीएसटी नंबर भी अहलावत के साथ विजय पांचाल के जरिये सस्पेंड कराने की बात कही थी। कलवानी कंपनी से अपनी कार में तैयार माल के कार्टन चुराकर ले जाता था। इसके चलते पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त उसकी कार जब्त की थी।
चूंकि पूछताछ में अहलावत से अपने अकाउंट में पैसे लेने की बात सामने आई थी। इसके चलते पुलिस अब उसके बैंक अकाउंट की पूरी डिटेल निकालने में जुट गई है। केस को मजबूत करने के लिए पुलिस कलवानी का मोबाइल फोन बरामद करने के लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन वह मोबाइल जब्त नहीं करा रहा। पुलिस ये भी पता लगा रही है कि उसने कंपनी से चुराए लाखों-करोड़ों के तैयार बिस्कुट और चॉकलेट किन-किन लोगों को बेचे।
अपने भाइयों को बेचा माल
फरियादी के वकील वकील धनेश कुमार मिश्रा के अनुसार कल संजय कलवानी को कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस ने तीसरी मर्तबा रिमांड मांगते हुए बताया कि वह पूछताछ में बिलकुल भी को-ऑपरेट नहीं कर रहा। चोरी के माल का पता भी नहीं बता रहा है। अपना मोबाइल फोन भी अब तक सरेंडर नहीं किया।
वहीं खुलासा फर्स्ट को पता लगा है कि कलवानी कंपनी से जो भी माल चुराता, उसे अपने भाइयों की मदद से ठिकाने लगाता था। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस अब आरोपी के भाइयों की भूमिका का भी पता लगा रही है। वहीं गौरव अहलावत और विजय पांचाल की भी तलाश जारी है।
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