6 शराब ब्रांड के सैंपल फेल: व्हिस्की-रम में फ्लेवर मिलाने का खुलासा; तीन कंपनियों को नोटिस, जवाब के बाद होगी आगे की कार्रवाई
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शराब के नामी ब्रांड खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए इंदौर से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। FSSAI की जांच में छह शराब उत्पादों के सैंपल निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे।
जांच रिपोर्ट में इन उत्पादों को मिथ्याछाप (Misbranded), भ्रामक (Misleading) और मानकों से कमतर (Sub-standard) माना गया है।
FSSAI की टीम ने इंदौर के खंडवा रोड क्षेत्र में स्थित शराब निर्माण इकाइयों से सैंपल लिए थे। लैब जांच में सभी छह सैंपल फेल पाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ उत्पादों में स्वाद और खुशबू के लिए फ्लेवरिंग का इस्तेमाल किया गया था।
रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। कंपनियों के जवाब और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
खंडवा रोड की यूनिट से लिए गए थे सैंपल
FSSAI की टीम ने कुछ समय पहले खंडवा रोड पर बड़वाह के पास खोड़ीगांव में एक ही परिसर में संचालित तीन कंपनियों से छह शराब उत्पादों के सैंपल लिए थे।
सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। रिपोर्ट आने के बाद सभी छह सैंपल मानकों पर फेल पाए गए। जांच में शराब के स्वाद और खुशबू से जुड़े मानकों को लेकर आपत्ति सामने आई।
फ्लेवर मिलाने पर क्यों उठे सवाल?
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, उत्पादों में स्वाद और खुशबू के लिए फ्लेवरिंग का इस्तेमाल किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, जिस श्रेणी के उत्पाद के नाम से शराब बेची जा रही है, उसमें निर्धारित मानकों के अनुरूप उसका मूल स्वरूप और संरचना होना जरूरी है।
इसी वजह से जांच में उत्पादों को सब-स्टैंडर्ड माना गया। वहीं, लेबल पर किए दावों और वास्तविक उत्पाद के बीच अंतर पाए जाने पर इन्हें मिसब्रांडेड और मिसलीडिंग की श्रेणी में भी रखा गया।
इन तीन कंपनियों के छह उत्पाद फेल
जांच में तीन कंपनियों के दो-दो उत्पादों के सैंपल फेल पाए गए हैं।
यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड: एंटीक्विटी ब्लू व्हिस्की और रॉयल चैलेंज व्हिस्की।
एसोसिएटेड अल्कोहल्स एंड ब्रुअरीज लिमिटेड: सेंट्रल प्रोविंस सुपीरियर ग्रेन व्हिस्की और मैकडॉवेल्स नंबर 1 सेलिब्रेशन मैच्योर्ड XXX रम।
इनब्रू बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड : बैगपाइपर डीलक्स व्हिस्की और ओल्ड कास्क डीलक्स XXX रम।
महंगे ब्रांड के नाम पर उपभोक्ताओं को गुमराह करने का आरोप
अधिकारियों के मुताबिक, यदि किसी उत्पाद को व्हिस्की या रम के रूप में लेबल करके बाजार में बेचा जा रहा है तो उसे संबंधित मानकों को पूरा करना जरूरी है। जांच में फ्लेवर और अन्य सामग्री के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी उत्पाद की वास्तविक संरचना और लेबल पर दी गई जानकारी में अंतर है तो इससे उपभोक्ता गुमराह हो सकते हैं।
कंपनियों को नोटिस, जवाब के बाद तय होगी कार्रवाई
सैंपल फेल होने के बाद संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं। उनसे उत्पादों की गुणवत्ता और जांच में सामने आई कमियों को लेकर जवाब मांगा गया है।
अब कंपनियों के जवाब और उपलब्ध जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
फिलहाल सैंपल फेल होने की रिपोर्ट सामने आई है; अंतिम कानूनी कार्रवाई जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
शराब खरीदते समय लेबल जरूर जांचें
इस कार्रवाई के बाद उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी है कि वे शराब खरीदते समय लेबल, बैच नंबर, निर्माता की जानकारी और अन्य विवरण ध्यान से जांचें।
किसी उत्पाद की गुणवत्ता या लेबलिंग को लेकर संदेह होने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा अथवा आबकारी विभाग को शिकायत की जा सकती है।
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