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बंग-भूमि में भगवा राज: बंगाल में 177 पर कमल;107 पर टीएमसी

KHULASA FIRST

संवाददाता

04 मई 2026, 12:49 pm
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बंग-भूमि में भगवा राज

पश्चिम बंगाल : रुझानों में भाजपा बहुमत की तरफ, असम में फिर भाजपा सरकार

पश्चिम बंगाल में रुझानों में चल रहा कांटा पकड़ मुकाबला, ममता बनर्जी पिछड़ने के बाद आगे हुई

असम में भाजपा ने रच दिया इतिहास, ऐतिहासिक व एकतरफा जीत की तरफ बढ़ा कमलदल

तमिलनाडु के रुझानों ने देशभर को चौंकाया, तमिल सुपरस्टार विजय की पार्टी 101 के आंकड़े के साथ सबसे आगे

केरल में यूडीएफ सत्ता के नजदीक पहुंचा, भाजपा का भी खुलता नजर आ रहा खाता

केंद्र शासित पुड्‌डुचेरी में भाजपा नीत एनडीए दोबारा सरकार बनाने की तरफ बढ़ी, 30 में से 13 पर भाजपा आगे

भाजपा के दिल्ली मुख्यालय पर बैंड-बाजे बजना शुरू, बंगाल के रुझानों से पार्टी में जबरदस्त उत्साह

नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भाजपा ही नहीं, देश की राजनीति के लिहाज़ से देखा जाए तो हिंदुस्तान में आज इतिहास रचने जा रहा है। जो धरती बरस-ओ-बरस कांग्रेस की राजनीतिक ताकत रही, जो राज्य देश ही नहीं, दुनिया में वामपंथ, यानी कम्युनिस्ट पार्टी का गढ़ माना जाता था, वहां पहली बार दक्षिणपंथ, यानी भगवा राज का उदय होने जा रहा है।

जी हां, बात है बंगभूमि, यानी पश्चिम बंगाल की, जहां भाजपा पहली बार सरकार बनाने की ओर अग्रसर है। बंगाल में कमलदल द्वारा सरकार बनाने के ये आसार शुरुआती रुझान में नजर आ रहे हैं। सोमवार को शुरू हुई मतगणना में भाजपा व टीएमसी के बीच शह-मात का खेल सुबह 8 बजे से चल रहा है, लेकिन इस खेल में सरकार बनाने के जादुई आंकड़े के आसपास भाजपा बनी हुई है। खबर लिखे जाने तक भाजपा 177 व टीएमसी 107 सीट पर बढ़त बनाए हुए है।

11 बजते-बजते ‘भद्रलोक’ का मिजाज समझ आने लगा है। बंगाल में भाजपा बहुमत के आंकड़े से आगे 177 सीट पर आगे चल रही थी। इसी वक्त टीएमसी 107 सीट पर बढ़त बनाए हुए है। चौंकाने वाली खबर ये भी है कि खुद टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी अपनी परंपरागत भवानीपुर सीट से भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से पीछे चल रही हैं।

अगर ये ही रुझान अंतिम समय तक बने रहे तो माना जाना चाहिए कि बंगाल एक बड़े उलटफेर की तरफ बढ़ गया है। यहां 293 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा बहुमत के 148 के आंकड़े से आगे बढ़ चली है। कांग्रेस के लिए दुःखद खबर है कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के खाते में खबर लिखे जाने तक शून्य ही दर्ज था।

सोमवार को पश्चिम बंगाल के साथ-साथ असम, तमिलनाडु, केरल व पुड्‌डुचेरी के चुनावों की मतगणना भी शुरू हुई। प्रारंभिक रुझानों में भाजपा असम में दोतिहाई से ज्यादा बहुमत के साथ एक बार फिर सत्ता में आती साफ नजर आ रही है। देश के इस सीमावर्ती प्रांत में हिमंता बिस्वा सरमा दोबारा सरकार बनाने जा रहे हैं।

असम की 126 विधानसभा सीटों में से भाजपा 100 सीट पर बढ़त बनाए हुए है। ये बढ़त पार्टी की भारी जीत की तरफ साफ-साफ इशारा कर रही है। कांग्रेस यहां 25 सीटों के आसपास सिमटती नजर आ रही है। सीएम पद के उम्मीदवार गौरव गोगाई तक पीछे चल रहे हैं।

कांग्रेस के लिए ये किसी सदमे से कम नहीं, क्योंकि वह मानकर चल रही थी कि हिमंता बिस्वा सरमा सरकार की एंटीइनकम्बेंसी के कारण वह सत्ता में आ रही है। असम में 2 सीटों पर अन्य दल या निर्दलीय बढ़त बनाए हुए हैं।

तमिल राजनीति के भी सुपर स्टार बने विजय थलपति... तमिलनाडु के चुनाव परिणाम तो पूरे दक्षिण भारत के लिए किसी जबरदस्त धमाके से कम नहीं। कहां तो ये माना जा रहा था कि डीएमके की स्टालिन सरकार फिर से सत्तासीन होने जा रही है और कहां मतगणना शुरू होने पर यही डीएमके तीसरे पायदान पर है।

पहली बार राजनीतिक पार्टी बनाकर चुनाव मैदान में उतरे तमिल सुपर स्टार विजय थलपति सरकार बनाते नजर आ रहे हैं। सब कयासों को धता बताते हुए विजय की पार्टी टीवीके 110 सीटों पर आगे चल रही थी। तमिलनाडु में 234 सीटें हैं, जबकि चुनाव 233 सीटों पर हुए।

यहां डीएमके 52, एआईडीएमके 72 बढ़त बनाए हुए है। अगर रुझान अंतिम नतीजे में तब्दील हो जाते हैं तो तमिलनाडु में विजय थलपति राज्य की राजनीति के भी सुपर स्टार बन जाएंगे।

कांग्रेस के लिए ‘हारे का सहारा- केरलम’... केरलम में सत्तारूढ़ एलडीएफ गठबंधन की हार होती नजर आ रही है। यहां कांग्रेस समर्थित यूडीएफ सरकार बनाने के आंकड़े तक रुझानों में जा पहुंची है। केरलम की 140 सीटों में से एलडीएफ 40, यूडीएफ 94 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

भाजपा 3 सीटों के बीच आगे-पीछे हो रही है। यानी केरलम में भी भाजपा का खाता खुल सकता है। कांग्रेस के लिए ये राहत की बात है कि वह केरलम के जरिये अपनी राजनीतिक लड़ाई को बरकरार रखने जा रही है। वहीं केंद्र शासित राज्य पुड्‌डुचेरी में भाजपा नीत एनडीए एक बार फिर सरकार बनाने की तरफ बढ़ चला है।

इस छोटे-से राज्य में महज 30 सीटें हैं। इनमें से 23 पर चुनाव हुए और इनमें से भाजपा व उसके सहयोगी दल 15 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं कांग्रेस 7 सीटों पर आगे चल रही है। कुल मिलाकर 5 राज्यों के इन चुनावों में एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार व भाजपा-एनडीए का दबदबा कायम होता नजर आ रहा है।

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