जय केदार यात्रा में पुख्ता सुरक्षा और व्यवस्थाएं: चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालु; 25 दिनों में 12.60 लाख ने किए दर्शन
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, देहरादून।
उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। यात्रा शुरू होने के महज 25 दिनों के भीतर ही श्रद्धालुओं की संख्या 12 लाख 60 हजार के पार पहुंच गई है। विशेष रूप से केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है, जहां 22 दिनों में ही पांच लाख से अधिक भक्त दर्शन कर चुके हैं।
राज्य सरकार यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रही है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।
19 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में 13 मई तक कुल 12,60,478 श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। इनमें सबसे अधिक 5,23,582 श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचे हैं। इसके अलावा बद्रीनाथ धाम में 3,24,081, गंगोत्री में 2,05,425 और यमुनोत्री में 2,07,390 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
बुधवार को एक ही दिन में 80,401 श्रद्धालुओं ने चारधाम में दर्शन किए। इनमें केदारनाथ में सर्वाधिक 32,423 यात्री पहुंचे, जबकि बद्रीनाथ में 21,260, यमुनोत्री में 13,403 और गंगोत्री धाम में 13,315 श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।
कठिन पैदल मार्ग और उच्च हिमालयी परिस्थितियों के बावजूद केदारनाथ यात्रा लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ धाम में हुए पुनर्निर्माण कार्यों और राज्य सरकार की व्यवस्थाओं का असर यात्रियों की बढ़ती संख्या में दिखाई दे रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 से 2025 तक चार वर्षों में कुल 69,45,487 श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। इनमें वर्ष 2022 में 15,64,248, वर्ष 2023 में 19,58,863, वर्ष 2024 में 16,53,581 और वर्ष 2025 में 17,68,795 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने के लिए स्लॉट प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण प्रणाली को और प्रभावी बनाया गया है। यात्रा मार्गों पर रियल टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों के बाद धाम दिव्य और भव्य स्वरूप में दिखाई दे रहा है। पैदल यात्रा मार्ग को बेहतर बनाए जाने से यात्रियों को काफी राहत मिली है।
साथ ही मौसम की निगरानी के लिए विशेष तंत्र भी सक्रिय किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
चारधाम यात्रा 2026 के दौरान उत्तराखंड में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। उत्तराखंड पुलिस के निर्देशन में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुचारु और सुरक्षित बनी रहे।
पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन में पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी वेद प्रकाश भट्ट, सोनप्रयाग थाना प्रभारी राकेन्द्र कठैत सहित पुलिस बल की तैनाती की गई है। सोनप्रयाग पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से कतारबद्ध कर शटल सेवा प्वाइंट तक भेजा जा रहा है। यहां से यात्री शटल वाहनों के माध्यम से गौरीकुंड पहुंचते हैं और वहां से पैदल केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान करते हैं।
यात्रा मार्ग पर भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। अधिकारियों के अनुसार, लगातार निगरानी और समन्वय के चलते यात्रा बिना किसी बड़ी बाधा के सुचारु रूप से संचालित हो रही है।
इस वर्ष चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुई थी। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए।
यात्रा शुरू होने के साथ ही इस बार मौसम भी चुनौती बनकर सामने आया है। बारिश और ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
पर्यटन विभाग के अनुसार, अब तक चारधाम यात्रा में 11 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें केदारनाथ धाम में 4.50 लाख से अधिक, बदरीनाथ में 2.70 लाख, गंगोत्री में 1.65 लाख और यमुनोत्री में 1.69 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हैं। वहीं, यात्रा के लिए कुल पंजीकरण का आंकड़ा 32.75 लाख के पार पहुंच चुका है।
प्रशासन का कहना है कि बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, स्वास्थ्य और यातायात व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
संबंधित समाचार

प्रमुख रास्ते होंगे अतिक्रमण मुक्त:इंटरसिटी बसें शहर से बाहर; 25 से ज्यादा फ्लाईओवर और 1500 सिटी बसों का लक्ष्य

जमीन घोटाले में फरार पूर्व सीएसपी समेत तीन पर इनाम घोेषित:अग्रिम जमानत खारिज; पुलिस और एसआईटी ने तेज की तलाश

नेपाल में प्रलय से मप्र में मची अपनों की तलाश:एक ही परिवार के 29 सदस्य शामिल; कई जिलों के लोगों से भी संपर्क टूटा

बोरी में छुरियां, कमर में रिवॉल्वर:क्राइम ब्रांच ने दो हथियारबाजों को दबोचा; जिंदा कारतूस भी बरामद

केंद्रीय मंत्री शाह से मिले मुख्यमंत्री:प्रदेश के विकास का रखा पूरा ब्योरा; जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं की प्रगति पर की चर्चा

रात ढाई बजे चोरों का धावा:एक साथ आठ दुकानों के ताले तोड़े; सीसीटीवी में संदिग्ध कैद

मर्डर स्पॉट पर पुलिस का इंसाफ:सीन रीक्रिएशन के दौरान आरोपियों पर बरसाए पाइप; रास्तेभर दर्द से चिल्लाते रहे

कार रोकी तो मिला नोटों का बोरा:गिनती के लिए थाने में बुलाना पड़ी मशीन; पुलिस जांच में जुटी

पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल:अंशुमन यादव बने एडीजी इंटेलिजेंस; चंचल शेखर को खेल विभाग की कमान

वीडियो देखिए, बीमारी से बेहाल परिवारों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री:मदद का ऐलान; स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने का दिया भरोसा

जनशिकायतों पर ढिलाई पड़ी भारी:महापौर ने अफसरों को फटकारा; कहा- हर शिकायत को गंभीरता से सुनें और समय पर करें समाधान

मंदिर परिसर में मचा हड़कंप:बंद कमरे को लेकर लोगों ने बुलाई पुलिस; पुजारी और युवक हिरासत में

घेराबंदी कर पकड़ा चोरी का वाहन:हजारों के खिलौने-कपड़े बरामद; आरोपी गिरफ्तार

आमने-सामने टकराए ट्रक-पिकअप:चंद मिनट में धधके दोनों वाहन; जिंदा जल गया ड्राइवर

पुरानी रंजिश में फायरिंग:आरोपी गिरफ्तार; पिस्टल, खाली कारतूस और मोटरसाइकिल जब्त

युवाओं पर कांग्रेस का फोकस:‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी हो सकते हैं शामिल

पहले दोस्ती, फिर युद्ध की कहानी:विदेशी डॉक्टर ने रिटायर्ड प्रिंसिपल से ऐंठे लाखों; पुुलिस जांच में जुटी

जन्म के 24 घंटे में ही पकड़ में आ जाएगी बीमारी:अस्पताल में शुरू होगी न्यूबोर्न स्क्रीनिंग; केंद्र सरकार की मदद से बढ़ेंगी सुविधाएं

हत्या के आरोपियों का जुलूस:मौका मुआयना कराने ले गई पुलिस; पिटाई का वीडियो वायरल, 7 आरोपी गिरफ्तार

दूषित पानी कांड की रिपोर्ट में अफसरों पर गिरी गाज!:टेंडर में देरी को माना बड़ी वजह; एमआईसी और जनप्रतिनिधियों को क्लीन चिट
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!