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नेता से अभद्रता के विरोध में हुआ चक्काजाम: महू नाका पर ट्रैफिक पुलिस और भाजपाई आमने-सामने

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 मई 2026, 2:18 pm
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नेता से अभद्रता के विरोध में हुआ चक्काजाम

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
महू नाका चौराहा पर कल दोपहर ट्रैफिक पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच ऐसा टकराव हुआ कि चौराहा जंग का मैदान बन गया। भाजपा नेता वीरेंद्र शेंडगे से कथित मारपीट और अभद्रता के आरोप के बाद सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और तीन घंटे तक चक्काजाम कर दिया।

हालात इतने बिगड़े कि वाहनों की लंबी कतारें लग गईं व ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। मामले में टीआई, सूबेदार व आरक्षक को लाइन अटैच किया गया है।

विवाद दोपहर करीब 12.15 बजे शुरू हुआ, जब महू नाका पर हेलमेट और ट्रैफिक नियमों की चेकिंग चल रही थी। भाजपा के विधानसभा-4 प्रभारी वीरेंद्र शेंडगे दोपहिया से वहां से गुजर रहे थे।

आरोप है कि ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी रोकने की कोशिश की और इसी दौरान थप्पड़ मार दिया। शेंडगे का आरोप है कि उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि अगर गलती है तो चालान बनाइए, लेकिन मारपीट और अभद्रता क्यों?

इसके बाद सूबेदार लक्ष्मी धारवे और आरक्षक शेखर से तीखी बहस हो गई। कुछ देर में मामला इतना बढ़ गया कि भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

इसके बाद चौराहे पर बैठकर चक्काजाम कर दिया, जिसके चलते दशहरा मैदान से लेकर छत्रीबाग तक ट्रैफिक रेंगने लगा। तपती गर्मी में हजारों लोग जाम में फंस गए।

स्थिति संभालने के लिए ट्रैफिक एसीपी सुप्रिया चौधरी, एसीपी शिवेंदु जोशी, एसीपी विजय तिवारी समेत कई थानों का बल मौके पर बुलाना पड़ा।

सीसीटीवी और बॉडी वॉर्न कैमरों ने खोला सच
ट्रैफिक पुलिस ने दावा किया कि वीरेंद्र मोबाइल पर बात करते हुए बिना हेलमेट वाहन चला रहे थे। हालांकि बाद में सीसीटीवी और बॉडी वॉर्न कैमरों की जांच में मोबाइल पर बात करने की पुष्टि नहीं होने की बात सामने आई।

भाजपा नेताओं का कहना था कि शेंडगे विधानसभा की ऑनलाइन मीटिंग से जुड़े हुए थे, उसी दौरान विवाद हुआ और मीटिंग में मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं को पूरी घटना सुनाई दे गई।

मामला बढ़ता देख पुलिस अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रैफिक टीआई राधा यादव, सूबेदार लक्ष्मी धारवे और आरक्षक शेखर को फील्ड ड्यूटी से हटाकर कार्यालय अटैच कर दिया।

इसके बाद कार्यकर्ताओं का गुस्सा शांत हुआ और प्रदर्शन बंद किया।

टीआई ने दी सफाई
टीआई राधा यादव ने पूरे मामले में सफाई देते हुए कहा विवाद शुरू होने के समय वह पलासिया डीसीपी कार्यालय में बैठक में थीं और सीसीटीवी फुटेज से यह साफ हो जाएगा।

उनका कहना है कि सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचीं जरूर थीं, लेकिन किसी से अभद्रता नहीं की। डीसीपी ट्रैफिक राजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने मारपीट का आरोप लगाया है, जबकि पुलिसकर्मियों का कहना है कि चालानी कारवाई के दौरान विवाद हुआ। इसी वजह से तीनों पुलिसकर्मियों को फील्ड से हटाकर जांच शुरू कर दी गई है।

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