अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों को मौत के मुंह में जाने से बचाया: क्रूज हादसे के हीरो का इस दिन होगा सम्मान; मुख्यमंत्री ने यह बात कही
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, भोपाल/ जबलपुर।
मध्यप्रदेश में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बीच राहत और बहादुरी की एक सकारात्मक खबर सामने आई है। दुर्घटना के दौरान जिन रेस्क्यू टीम के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर डूबते यात्रियों को बचाया, उन्हें स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।
क्रूज डूबने के बाद कई लोग बिना किसी डर के पानी में कूद गए और फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में जुट गए। इनकी बहादुरी से कई जिंदगियां बच सकीं। अब राज्य सरकार ने ऐसे सभी साहसी लोगों को सार्वजनिक रूप से सम्मान देने का फैसला लिया है।
वहीं इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने प्रदेश में क्रूज संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं और हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश भी जारी किए हैं। जबलपुर में बरगी जलाशय में हुए दुखद क्रूज हादसे में लापरवाही के मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की गई है।
क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड एवं टिकट काउंटर प्रभारी (FOA) बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई हैं। होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को कार्य में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया है, जबकि रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच संस्थित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए शासन हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है । सीएम ने हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद पीड़ादायक है और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हादसे को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर इस दुखद घटना में अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन प्रभावितों की हर संभव सहायता में जुटा हुआ है।
प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से राहत राशि की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि हादसे में प्रत्येक मृतक के परिजन को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हादसे की हर पहलू से जांच की जाए और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने को भी कहा गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस घटना ने जहां एक ओर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर रेस्क्यू टीम और स्थानीय लोगों की बहादुरी ने मानवता और साहस की मिसाल भी पेश की है, जिसे अब स्वतंत्रता दिवस पर पूरे सम्मान के साथ सराहा जाएगा।
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