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पानी के लिए दर-दर भटक रहे वार्ड 37 के रहवासी: जनता पानी को तरसी; मलाई खा रहे माफिया और अफसर

KHULASA FIRST

संवाददाता

23 मई 2026, 6:13 pm
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पानी के लिए दर-दर भटक रहे वार्ड 37 के रहवासी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में पानी का ऐसा गंदा खेल चल रहा है, जिसने नगर निगम की पूरी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। विधानसभा-5 के वार्ड नंबर 37 से एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जहां एक तरफ आम जनता पानी के लिए सड़कों पर धक्के खा रही है, वहीं दूसरी तरफ एक बड़ी बहुमंजिला इमारत में सरकारी टैंकर से धड़ल्ले से पानी खाली किया जा रहा है।

इस घटना ने साफ कर दिया है कि जनता के हक के पानी को चंद ऊंची सेटिंग वालों की ‘विशेष व्यवस्था’ में बेरहमी से खपाया जा रहा है। इस पूरे इलाके में पानी की त्राहि-त्राहि को लेकर कुछ दिनों पहले क्षेत्रीय विधायक महेंद्र हार्डिया का गुस्सा भी सरेआम फूटा था।

लेकिन अफसरों और नेताओं की बंद कमरों की बैठकों के बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। यह समझौता सिर्फ फाइलों और बयानों तक ही सीमित रहा, क्योंकि जमीनी हकीकत आज भी उतनी ही बदतर है।

आम नागरिक सुबह से रात तक खाली डिब्बे लेकर भटकने को मजबूर हैं और दूसरी तरफ चुनिंदा आलीशान इमारतों में बिना किसी रोक-टोक के पानी की रेवड़ियां बांटी जा रही हैं।

निगम का पूरा तंत्र खेल में शामिल... लोगों का सीधा और गंभीर आरोप है कि निगम का पूरा तंत्र इस खेल में शामिल है। जिन कॉलोनियों में करोड़ों रुपए खर्च करके नर्मदा की पाइप लाइन बिछाई गई है, वहां भी जानबूझकर पानी की सप्लाई रोकी जा रही है।

लोगों का कहना है कि यह कोई प्राकृतिक संकट नहीं है, बल्कि पाइप लाइन का पानी जानबूझकर इसलिए काटा जाता है, ताकि टैंकरों का अवैध धंधा फल-फूल सके।

जनता के हिस्से का पानी रोककर उसे मोटी कमाई और सेटिंग के खेल में तब्दील करना सीधे तौर पर एक संगठित पानी माफिया के राज को बयां करता है, जहां प्यासी जनता की मजबूरी का खुलेआम सौदा किया जा रहा है।

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