दो आईएएस अधिकारियों को राहत: जानिये क्या है मामला; किस बात का हवाला देकर कोर्ट ने खारिज की याचिका
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर के पूर्व कलेक्टर आकाश त्रिपाठी और वर्तमान में टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय को जमीन विवाद से जुड़े पुराने केस में बड़ी राहत मिली है। जिला कोर्ट ने साफ कहा कि जमीन पर दखल के कोई ठोस सबूत सामने नहीं आए, इसलिए याचिका खारिज की जाती है।
1998 बैच के आईएएस अधिकारी आकाश त्रिपाठी, जो वर्तमान में सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के एमडी पद पर पदस्थ हैं, इस मामले में पक्षकार थे। यह केस साल 2019 का है, जब वे इंदौर में संभागायुक्त और इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के अध्यक्ष थे।
इस केस में तत्कालीन आईडीए सीईओ और वर्तमान टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय, तत्कालीन एसडीएम शाश्वत शर्मा, सोपा के प्रमुख डेविश जैन सहित अन्य को भी पक्षकार बनाया गया था। मामला सुखलिया निवासी प्रदीप देशपांडे द्वारा दायर किया गया था।
याचिकाकर्ता का आरोप था कि खजराना क्षेत्र में स्थित उनकी जमीन (सर्वे नंबर 510/3/4/3, रकबा 0.054 हेक्टेयर) पर अवैध दखल दिया जा रहा है, जबकि कोर्ट द्वारा पहले से ही इस जमीन पर निषेधाज्ञा लागू थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर उनकी जमीन पर हस्तक्षेप किया गया और पुलिस बल भी भेजा गया।
हालांकि, मामले की सुनवाई के बाद नवम जिला न्यायाधीश विवेक कुमार चंदेल ने पाया कि जमीन पर दखल के कोई पुख्ता प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए गए। न तो सीमांकन के ठोस साक्ष्य मिले और न ही पेश किए गए फोटो से स्थिति स्पष्ट हो सकी। पुलिस में दी गई शिकायतों में भी आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई। इन सभी आधारों पर कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए सभी पक्षकारों को राहत दे दी।
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