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चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड भीड़ चरम पर भक्ति: एक दिन में 1 लाख से ज्यादा भक्त पहुंचे; रात में भी शुरू हो सकते हैं दर्शन

KHULASA FIRST

संवाददाता

25 मई 2026, 6:06 pm
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चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड भीड़ चरम पर भक्ति

आंकड़ों में श्रद्धालु
यमुनोत्री धाम में 16,213 श्रद्धालु पहुंचे

गंगोत्री धाम में 17,897 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए

केदारनाथ धाम में 29,787 श्रद्धालु पहुंचे

बदरीनाथ धाम में 32,219 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए

इसके अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेमकुंड साहिब भी पहुंचे।

इस वर्ष 19 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या

ने एक दिन में एक लाख का आंकड़ा पार किया है। अब तक कुल

दर्शनार्थियों की संख्या 20 लाख से अधिक हो चुकी है।

खुलासा फर्स्ट, देहरादून।
चारधाम यात्रा इस साल नए रिकॉर्ड बना रही है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सरकार अब रात में भी दर्शन व्यवस्था शुरू करने पर विचार कर रही है। शनिवार को हुई समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने इस संबंध में जानकारी दी।

चारधाम यात्रा को लेकर आईटी पार्क स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा मार्गों, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और भीड़ नियंत्रण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा पड़ावों और होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं के लिए सभी जरूरी सुविधाएं समय रहते दुरुस्त कर ली जाएं, खासकर मानसून सीजन शुरू होने से पहले।

उन्होंने कहा कि यदि मौसम या भीड़ के कारण कोई आपात स्थिति बनती है, तो श्रद्धालुओं को तत्काल एयरलिफ्ट करने के लिए यूकाडा को पूरी तैयारी रखनी होगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि होल्डिंग एरिया में भोजन, पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवा की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य जांच पर विशेष जोर... मुख्य सचिव ने अधिकारियों को चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण के साथ-साथ यात्रियों की स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों और बहुत छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वालों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाए।

प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई यात्री स्वास्थ्य की दृष्टि से फिट नहीं पाया जाता, तो उसे फिलहाल यात्रा न करने की सलाह दी जाए। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।

शनिवार बना सबसे बड़ा रिकॉर्ड डे...चारधाम यात्रा में शनिवार अब तक का सबसे व्यस्त दिन साबित हुआ। पहली बार एक ही दिन में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारों धामों और हेमकुंड साहिब में दर्शन किए।

आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट...उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम तेजी से बदलने की संभावना पर आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि मौसम खराब होने की स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हो।

उन्होंने कहा है कि यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य जांच, मौसम निगरानी और आपातकालीन सेवाओं को और मजबूत किया जाए। साथ ही बुजुर्ग श्रद्धालुओं और अस्वस्थ यात्रियों की विशेष जांच सुनिश्चित की जाए।

चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए प्रशासन अब दर्शन व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और पंजीकरण प्रक्रिया को और व्यवस्थित करने की तैयारी में जुटा हुआ है।

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के खर्चों पर विवाद, नेताओं, अतिथियों और हेली सेवाओं पर लाखों खर्च के दावे

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति से जुड़े कुछ सूचना का अधिकार यानी RTI दस्तावेज और भुगतान विवरण सामने आने के बाद मंदिर समिति के खर्चों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन दस्तावेजों में दावा किया जा रहा है कि केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और मंदिर समिति के फंड से भाजपा नेताओं, संघ से जुड़े लोगों, पदाधिकारियों तथा उनके परिचितों के आवास, भोजन और हेलीकॉप्टर जैसी सुविधाओं पर खर्च किया गया।

एडवोकेट विकेश सिंह नेगी ने सूचना के अधिकार यानी आरटीआई के तहत विविध जानकारी मांगी थी। इसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हालांकि, इन दस्तावेजों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और न ही किसी जांच एजेंसी या अदालत ने इन खर्चों को गैरकानूनी घोषित किया है, लेकिन दस्तावेजों में दर्ज एंट्रीज ने पारदर्शिता और मंदिर निधि के उपयोग को लेकर कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

दस्तावेजों के अनुसार, RTI के जरिए वर्ष 2025 के यात्रा काल में अतिथियों/व्यक्तियों की आवासीय, भोजन और हेली सेवाओं पर हुए खर्च का ब्यौरा मांगा गया था। जवाब में कई बिल, वाउचर और भुगतान रजिस्टर संलग्न किए गए हैं।

दस्तावेजों में किन नामों का उल्लेख...वायरल दस्तावेजों में कुछ एंट्रीज विशेष रूप से चर्चा में हैं। इनमें कथित तौर पर- “मा. विधायक श्री केदारनाथ” के नाम से आवास व्यय, भाजपा जिला अध्यक्ष और भाजपा कार्यकर्ताओं के ठहरने का खर्च, RSS C/o CEO Sir BKTC के नाम से दर्ज प्रविष्टियां, कुछ अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और अतिथियों के लिए कमरे, भोजन और हेलीकॉप्टर खर्च और अतिथि सत्कार मद से लाखों रुपए के भुगतान जैसी प्रविष्टियां दिखाई दे रही हैं।

एक दस्तावेज में अतिथि सत्कार मद के तहत लगभग ₹6.55 लाख तक के भुगतान का उल्लेख है। वहीं अन्य बिलों में हेलीकॉप्टर किराया, आवास और भोजन व्यवस्था के अलग-अलग भुगतान दर्ज हैं।

क्या यह खर्च नियमों के खिलाफ है... यह सबसे बड़ा सवाल है। किसी भी मंदिर समिति या ट्रस्ट द्वारा अतिथियों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों या विशेष आमंत्रितों के लिए खर्च किया जाना अपने आप में अवैध नहीं माना जाता, यदि वह समिति के नियमों और स्वीकृत बजट के तहत हो, लेकिन आरोप है कि यदि श्रद्धालुओं के चढ़ावे का उपयोग राजनीतिक या वैचारिक रूप से जुड़े लोगों की सुविधाओं के लिए किया गया, तो यह नैतिक और प्रशासनिक सवाल खड़े करता है।

दूसरी ओर, मंदिर समिति से जुड़े लोगों का तर्क हो सकता है कि यात्रा प्रबंधन, सुरक्षा, प्रशासनिक समन्वय और धार्मिक आयोजन के दौरान अतिथि सत्कार एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है।

सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद... इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे चढ़ावे के दुरुपयोग का मामला बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि केवल बिलों में नाम दर्ज होने से यह साबित नहीं होता कि पैसा निजी मौज-मस्ती पर खर्च हुआ।

पहले भी चर्चा में रही समिति... हाल ही वर्षों में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति कई मुद्दों को लेकर चर्चा में रही है। RTI के जरिए पहले भी समिति की आय, VIP दर्शन और विशेष सेवाओं से होने वाली कमाई के आंकड़े सामने आ चुके हैं।

एक RTI रिपोर्ट में यह भी सामने आया था कि BKTC ने VIP/priority darshan और हेलीकॉप्टर सेवा से करोड़ों की आय अर्जित की।

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