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विश्व प्रसिद्ध मंदिर की संपत्ति पर उठे सवाल: विधायक ने मांगा पूरा ब्योरा

KHULASA FIRST

संवाददाता

27 फ़रवरी 2026, 1:53 pm
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विश्व प्रसिद्ध मंदिर की संपत्ति पर उठे सवाल

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर की कुल चल-अचल संपत्ति और आय को लेकर मध्य प्रदेश विधानसभा में सवाल उठाया गया है। उज्जैन उत्तर से भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने 26 फरवरी को विधानसभा सत्र के दौरान मंदिर की संपत्तियों और आय से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी।

मंदिर की आय में हुई बढ़ोतरी
महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन प्रदेश की सबसे प्रमुख धार्मिक नगरी के रूप में उभरा है। देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे मंदिर की आय में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसी पृष्ठभूमि में यह सवाल उठाया गया कि महाकाल मंदिर के पास कुल कितनी संपत्ति है और उसका उपयोग कैसे किया जा रहा है।

विधायक ने मांगी जानकारी
विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग के राज्य मंत्री धर्मेंद्र लोधी से सवाल किया कि, महाकाल मंदिर के नाम पर प्रदेश और प्रदेश के बाहर कितनी भूमि दर्ज है? वर्तमान में मंदिर की चल और अचल संपत्ति कितनी है? इन संपत्तियों का सत्यापन कब-कब किया गया? मंदिर की वार्षिक आय कितनी है? क्या मंदिर की आय का उपयोग अन्य कार्यों या योजनाओं में किया जाता है?

मंत्री का संक्षिप्त जवाब
इन सवालों के जवाब में मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने विस्तृत जानकारी देने से बचते हुए केवल इतना कहा कि, सभी जानकारियां एकत्र की जा रही हैं। मंत्री के इस संक्षिप्त उत्तर से विपक्ष और सदन के भीतर असंतोष भी देखा गया।

सूत्रों के अनुसार महाकाल मंदिर की संपत्ति
हालांकि सरकार ने आधिकारिक आंकड़े पेश नहीं किए, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 300 करोड़ रुपए से अधिक की एफडी। 2000 किलो से ज्यादा चांदी, अनुमानित कीमत करीब 60 करोड़ रुपए।

20 किलो सोना, जिसकी कीमत करीब 30 करोड़ रुपए। मंदिर के नाम पर करीब 90 एकड़ जमीन, जिसकी बाजार कीमत काफी अधिक बताई जा रही है। हालांकि कुछ जमीनों पर कानूनी विवाद भी चल रहे हैं।

एक साल में 107 करोड़ रुपए का दान
महाकाल लोक बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2025 में करीब 6 करोड़ श्रद्धालु महाकाल मंदिर पहुंचे। कुल दान: 107 करोड़ रुपए। दान पेटी से: 43 करोड़ रुपए। शीघ्र दर्शन रसीद से: 64 करोड़ रुपए।

दान में मिला सोना-चांदी
वर्ष 2025 में 592.36 किलो चांदी। 1.48 किलो सोना। चांदी का दान 2024 की तुलना में 193 किलो अधिक रहा। वहीं सोना 2024 (करीब 1.5 किलो) के मुकाबले थोड़ा कम मिला।

पारदर्शिता पर उठे सवाल
मंदिर की बढ़ती आय और संपत्ति के बीच अब यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि क्या संपत्तियों का नियमित सत्यापन हो रहा है? आय का उपयोग किन-किन कार्यों में किया जा रहा है? सरकार कब तक पूरा ब्योरा सार्वजनिक करेगी? अब सबकी निगाहें सरकार के विस्तृत जवाब और आधिकारिक आंकड़ों पर टिकी हैं।

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