हत्याकांड के बाद पुलिस पर उठे सवाल: किसकी फटकार के बाद देर रात कार्रवाई; किस पर लगे गंभीर आरोप, किस माफिया को दे रहे संरक्षण
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
हीरानगर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित हत्याकांड ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था, बल्कि पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद स्थानीय रहवासियों में भारी आक्रोश है और उन्होंने थाना प्रभारी (टीआई) सुशील पटेल पर सीधे तौर पर नशा माफिया को संरक्षण देने और कार्रवाई में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं।
“कार्रवाई के बजाय संरक्षण” - रहवासियों के आरोप
इलाके के लोगों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में खुलेआम नशे का कारोबार चल रहा था, लेकिन पुलिस ने इस पर सख्ती करने के बजाय कथित रूप से नजरअंदाज किया। आरोप है कि कई बार संदिग्धों को पकड़कर थाने लाया गया, लेकिन बाद में पैसे लेकर छोड़ दिया गया।
सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि हत्याकांड के मुख्य संदिग्ध विवेक को घटना से एक दिन पहले ही करीब 50 हजार रुपये लेकर छोड़ दिया गया था, जबकि उसके खिलाफ पहले से शिकायतें दर्ज थीं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
खुलेआम नशा और दहशत का माहौल
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आरोपी विवेक क्षेत्र के जाम का बगीचा और गौरी नगर इलाके में खुलेआम नशा करता था और अपने साथियों के साथ दहशत फैलाता था। रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती, तो मासूम बच्चे के सामने उसके पिता की हत्या जैसी भयावह घटना टाली जा सकती थी।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि क्षेत्र में बढ़ते अपराध, अवैध ढाबों और नशे के कारोबार को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का यह भी कहना है कि अवैध गतिविधियों को थाना स्तर से ही कथित संरक्षण मिलने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए।
सीपी की फटकार, देर रात शुरू हुई कार्रवाई
मामले ने तूल पकड़ा तो शहर के पुलिस कमिश्नर (सीपी) ने टीआई को तलब कर कड़ी फटकार लगाई और जवाब मांगा। इसके तुरंत बाद हरकत में आई पुलिस ने एसीपी के नेतृत्व में हीरानगर और बाणगंगा क्षेत्रों में देर रात छापेमार कार्रवाई शुरू कर दी।
ढाबों और होटलों पर दबिश, प्रकरण दर्ज
कार्रवाई के दौरान कई होटलों और ढाबों पर छापे मारे गए, जहां कथित रूप से अवैध तरीके से शराब परोसी जा रही थी। पुलिस ने दाऊ डा ढाबा, गुरु ढाबा, एमके ढाबा, द हट्टी, बुंदेलखंडी ढाबा और बम्बइया ढाबा सहित कई स्थानों पर प्रकरण दर्ज किए। मौके पर मौजूद लोगों को सख्त चेतावनी दी गई और संचालकों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
“दबाव में कार्रवाई” की चर्चा
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि यह कार्रवाई हत्याकांड के बाद बढ़ते दबाव के चलते की गई है। लोगों का कहना है कि यदि पहले ही इस तरह की सख्ती दिखाई जाती, तो अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता था।
सख्त कार्रवाई की मांग
फिलहाल रहवासी टीआई सुशील पटेल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पूरे मामले ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या समय रहते शिकायतों पर ध्यान दिया जाता, तो यह हत्याकांड रोका जा सकता था। पुलिस प्रशासन अब मामले की जांच में जुटा है और आने वाले दिनों में विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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