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फर्जी रजिस्ट्री से हड़पी जनता की जमीन अहिल्या उद्यान उजाड़कर काट दिए प्लॉट: सरकारी बगीचा बेचने वाले भूमाफिया रमेश जाट का खुलासा; खुद का आलीशान घर भी पूरी तरह अवैध

KHULASA FIRST

संवाददाता

22 मई 2026, 6:41 pm
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फर्जी रजिस्ट्री से हड़पी जनता की जमीन अहिल्या उद्यान उजाड़कर काट दिए प्लॉट

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कनाड़िया रोड क्षेत्र के मानवता नगर और उससे लगे सर्वसंपन्न नगर में जमीनों की जालसाजी और जनता के हक पर डाका डालने वाले एक बेहद शातिर भूमाफिया गिरोह का खुलासा हुआ है।

खुद को एक बड़े जनप्रतिनिधि का गुर्गा बताकर इलाके में खुलेआम धौंस जमाने वाले कुख्यात दलाल और भूमाफिया रमेश जाट ने कॉलोनाइजरों के साथ मिलकर काले कारनामों की सारी हदें पार कर दी हैं।

रहवासियों के बच्चों के खेलने की बेच खाई... मानवता नगर में जितने भी अवैध, विवादित और फर्जी तरीके से काटे गए बटांकन (एबीसीडीईएफ) वाले नंबर दो के प्लाॅट हैं, उन्हें ठिकाने लगाने और सीधे-साधे खरीदारों को फंसाकर उनकी गाढ़ी कमाई लूटने का मुख्य काम यही शातिर दलाल रमेश जाट करता है।

इस गिरोह ने अपनी काली कमाई के चक्कर में सर्वसंपन्न नगर के अहिल्या उद्यान बगीचे की सरकारी जमीन को भी नहीं छोड़ा और रहवासियों के बच्चों के खेलने की जगह को पूरी तरह उजाड़कर बेच खाया। इस फर्जीवाड़े की मोटी दलाली सीधे रमेश जाट की जेब में गई है।

अपराध और जालसाजी का तरीका बेहद शातिर... इस पूरे संगठित अपराध और जालसाजी का तरीका बेहद शातिर है। सर्वसंपन्न नगर का यह बगीचा मास्टर प्लान में आम जनता के लिए आरक्षित था, लेकिन भूमाफिया रमेश जाट ने अपने साथी फर्जी बिल्डरों के साथ मिलकर इस हरी-भरी जमीन पर जबरन कब्जा किया और वहां तीन अवैध प्लाट काट दिए।

गावड़े और जाट की साठगांठ
सरस्वती गावड़े के पास यह जमीन बेचने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था, लेकिन जाट ने साठगांठ और जालसाजी के दम पर इस अवैध काम को अंजाम दिलवाया। इस काले खेल में जालसाज जाट ने अपने ही खास खरीदार गुर्गे अमित संघवी के नाम पर दो प्लाॅटों की फर्जी रजिस्ट्री करवाई, जबकि एक प्लाॅट किसी अन्य को थमा दिया।

अब यह पूरा गिरोह इन अवैध प्लाॅटों को बाजार में दोबारा किसी नए बकरे को फंसाकर बेचने की फिराक में घूम रहा है। सीधे-साधे लोगों को जाल में फंसाने के लिए यह धोखेबाज गिरोह वही फर्जी रजिस्ट्रियां दिखाता है और खुलेआम झूठ बोल रहा है कि यहां कभी कोई बगीचा था ही नहीं।

मरे हुए इंसान के नाम का सहारा
इस जमीनी डकैती को वैध दिखाने के लिए मरे हुए इंसान के नाम का सहारा लिया गया। मूल कॉलोनाइजर दिवंगत संतोष गावड़े की मौत के बाद कानूनन उनका पुराना मुख्तारनामा स्वतः ही शून्य हो चुका था और पूरे परिवार की लिखित सहमति के बिना एक इंच जमीन भी नहीं बेची जा सकती थी।

इसके बावजूद कानूनी नियमों को पैरों तले कुचलते हुए जाट ने दिवंगत कॉलोनाइजर की पत्नी सरस्वती गावड़े को मोहरा बनाया और इन अवैध प्लाॅटों की फर्जी रजिस्ट्रियां करवा दीं।

प्रशासनिक अधिकारियों और कानूनविदों का साफ कहना है कि चूंकि यह पूरी जमीन सरकारी रिकॉर्ड में बगीचे के नाम दर्ज है, इसलिए देर-सवेर इस पर नगर निगम का पीला पंजा चलना और इस अवैध निर्माण को जमींदोज किया जाना शत-प्रतिशत तय है। जो भी मासूम खरीदार इस जालसाज जाट के झांसे में आएगा, उसकी जीवनभर की कमाई मलबे में तब्दील हो जाएगी।

बिना नक्शा पास कराए जाट ने बनाया घर
जमीन की दलाली और अवैध धंधे करने वाले इस भूमाफिया जाट का खुद का इतिहास भी पूरी तरह काला है। सूत्रों से मिली पक्की जानकारी के अनुसार, मानवता नगर में जाट ने जो अपना खुद का आलीशान मकान खड़ा कर रखा है, वह पूरी तरह से अवैध और काले साम्राज्य का हिस्सा है।

इस निर्माण के लिए न तो नगर ग्राम निवेश विभाग से कोई मंजूरी ली गई और न ही नगर निगम से कोई नक्शा पास कराया गया है। हद तो यह है कि जिस सरकारी जमीन पर जाट ने अपना यह अवैध घर तान रखा है, वह रिकॉर्ड में मानवता नगर की सीमा में आता ही नहीं है। इसी तर्ज पर इस शातिर अपराधी ने अपने घर के ठीक सामने दो और मकान पूरी तरह अवैध रूप से बिना किसी सरकारी अनुमति के खड़े कर रखे हैं।

राजनीतिक संरक्षण की धौंस
इलाके में रमेश जाट का यह काला धंधा और गुंडागर्दी सिर्फ इस बुनियाद पर चल रही है कि वह खुद को एक बड़े राजनेता का खास आदमी और परम मित्र बताता है। इसी राजनीतिक संरक्षण की धौंस दिखाकर वह पूरे क्षेत्र में हर तरह के अवैध निर्माणों और जमीनी कब्जों को शह देता है।

जब भी कोई ईमानदार सरकारी अधिकारी या नगर निगम की टीम इसके अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करने पहुंचती है, तो यह भूमाफिया उसी नेता के नाम की धमकी देकर अधिकारियों को सस्पेंड कराने और ट्रांसफर करवाने का डर दिखाता है।

अब यह धोखेबाज दलाल उसी कथित राजनीतिक रसूख की आड़ लेकर बिना किसी सरकारी अनुमति और बिना वैध नक्शों के इन अवैध मकानों और बगीचे के प्लाटों को दोबारा जनता के गले मढ़ने की तैयारी में जुटा है।

जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस के आला अधिकारियों को इस कुख्यात भूमाफिया रमेश जाट के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर इसके अवैध साम्राज्य को ध्वस्त करने की तत्काल जरूरत है।

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