जनसुनवाई बन गई मददगार: कलेक्टर ने दिखाई तत्परता; गर्भवती महिला को मिली समय पर चिकित्सा सहायता
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
राज्य शासन की जनसुनवाई व्यवस्था एक बार फिर जरूरतमंद नागरिकों के लिए उम्मीद और राहत का माध्यम साबित हुई। आर्थिक तंगी और पारिवारिक सहयोग के अभाव में कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही 9 माह की गर्भवती महिला गायत्री ने अपने पति के साथ 21 अप्रैल को इंदौर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचकर सहायता की गुहार लगाई।
गायत्री और उनके पति ने प्रशासन को बताया कि उनके पास प्रसव के लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। पारिवारिक परिस्थितियां भी प्रतिकूल थीं तथा ससुराल पक्ष से सहयोग नहीं मिलने के कारण वे अत्यंत परेशान और असहाय महसूस कर रहे थे। ऐसे संवेदनशील समय में उन्होंने जिला प्रशासन से मदद की अपेक्षा की।
मामले की गंभीरता और मानवीय पक्ष को समझते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए। जिला प्रशासन की संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्यवाही के परिणामस्वरूप गायत्री को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। प्रशासन के समन्वित प्रयासों से उनका सुरक्षित प्रसव कराया गया।
खुशी की बात है कि गायत्री ने एक स्वस्थ पुत्री को जन्म दिया। इस सुखद अवसर पर परिवारजनों ने जिला प्रशासन, चिकित्सा दल एवं संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में प्रशासन ने मानवीय संवेदनाओं के साथ सहयोग प्रदान कर उनका विश्वास मजबूत किया है।
भावुक क्षण तब देखने को मिला जब गायत्री और उनके परिवार ने अपनी नवजात बेटी का नाम कलेक्टर शिवम वर्मा के हाथों रखने की इच्छा व्यक्त की। यह घटना जिला प्रशासन की संवेदनशील कार्यप्रणाली, जनसुनवाई व्यवस्था की प्रभावशीलता तथा जरूरतमंद नागरिकों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण का प्रेरणादायी उदाहरण बन गई है।
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