UGC के नए नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन: सवर्ण सेना ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन; आंदोलन की दी चेतावनी
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा प्रस्तावित नवीन नियमों को लेकर सवर्ण समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसी विरोध के चलते आज इंदौर कमिश्नर कार्यालय में 'सवर्ण सेना' के बैनर तले विभिन्न समाजों के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट मत है कि UGC की वर्तमान नीतियां न केवल उच्च शिक्षा के ढांचे को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि मेधावी छात्रों के भविष्य और शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि शिक्षा व्यवस्था को जातिगत बेड़ियों से मुक्त कर योग्यता और आर्थिक आधार पर केंद्रित किया जाए।
सवर्ण सेना का तर्क है कि बिना व्यापक सामाजिक संवाद और विधिक समीक्षा के थोपे जा रहे ये नियम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 की मूल भावना के विपरीत हैं।
संगठन ने शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण और निजीकरण पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकारी शिक्षण संस्थानों को सशक्त बनाने की अपील की है।
समाज प्रमुखों ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इन विवादित नियमों की तत्काल समीक्षा कर सवर्ण समाज सहित सभी वर्गों के शैक्षणिक अधिकारों की रक्षा नहीं की गई, तो प्रदेश भर में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से श्री परशुराम सेना के प्रदेश अध्यक्ष पं.अनुप शुक्ला, रानी करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुं.धर्मेन्द्र सिंह गौतम, वैश्य समाज से अभय अग्रवाल और कायस्थ समाज से मनीषी निगम सहित सवर्ण समाज के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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