शौचालय निर्माण में घूसखोरी करते पकड़ाया परियोजना समन्वयक: 3.42 करोड़ के स्कूल टॉयलेट प्रोजेक्ट में मांगी थी 17 लाख रुपए रिश्वत
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट…इंदौर।
सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए बनने वाले शौचालयों में भी भ्रष्टाचार की बदबू फैल गई। समग्र शिक्षा अभियान के तहत बन रहे 122 शौचालयों के पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने के बदले 17 लाख रुपए रिश्वत मांगने वाले जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) प्रदीप कुमार खरे को लोकायुक्त इंदौर की टीम ने 1 लाख रुपए लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश सहाय के मुताबिक आरोपी डीपीसी प्रदीप कुमार खरे ने 3.42 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे शौचालयों के कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के एवज में कुल लागत का 5 प्रतिशत कमीशन मांगा था। शिकायत प्रभारी सहायक यंत्री दिलीप साधव ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में की थी। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई गई। जांच में सामने आया कि खरे पहली किस्त के रूप में 80 हजार रुपए पहले ही ले चुका था। सोमवार को दूसरी किस्त के रूप में 1 लाख रुपए लेते समय लोकायुक्त की टीम ने उसे दबोच लिया। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम हाथ में ली, टीम ने मौके पर कार्रवाई कर उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत धार जिले के विभिन्न शासकीय स्कूलों में 122 शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य की निगरानी प्रभारी सहायक यंत्री दिलीप साधव कर रहे थे। आरोप है कि निर्माण पूरा होने से पहले ही डीपीसी खरे पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर मोटी रिश्वत मांग रहा था।
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