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हिंसा के बाद सियासत गरमाई: पथराव के दौरान लगे थे जय श्री राम के नारे; अब तक तीन FIR दर्ज, कांग्रेस ने दिए 32 नाम

KHULASA FIRST

संवाददाता

22 फ़रवरी 2026, 1:07 pm
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हिंसा के बाद सियासत गरमाई

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में गांधी भवन स्थित कांग्रेस दफ्तर के बाहर शनिवार को हुए पथराव मामले में एक-दो नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। एक एफआईआर बीजेपी की ओर से, दूसरी कांग्रेस की ओर से और तीसरी पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा के मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज की है।

पथराव के वीडियो सामने आए
घटना के बाद सामने आए वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी हाथों में पत्थर लिए नजर आ रहे हैं। कांग्रेस द्वारा जारी किए गए एक वीडियो में बीजेपी के झंडे लहराते हुए कुछ लोग पथराव करते दिखाई दे रहे हैं।

एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप
वीडियो में “जय श्री राम” के जयकारों के बीच पत्थरबाजी होती दिख रही है। दोनों ही दल इस मामले में अपने-अपने पक्ष में वीडियो जारी कर रहे हैं और एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

कांग्रेस ने 32 नेताओं के नाम दिए
घटना के बाद कांग्रेस के 20 पदाधिकारियों पर नामजद केस दर्ज हुआ है, जिन पर दंगा और बलवा जैसी धाराएं लगाई गई हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से संगठन महासचिव संजय बाकलीवाल के आवेदन पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। कांग्रेस ने अपने आवेदन में बीजेपी और युवा मोर्चा से जुड़े 32 नेताओं के नाम पुलिस को सौंपे हैं।

इनमें रोहित चौधरी, सौगात मिश्रा, सुमित मिश्रा, सर्वजीत गौड़, हरप्रती बख्शी, आवेश राठौर, बिंदू चौहान, अक्षत चौधरी, कमलसिंह चौहान, मनोज परांजपे, निखिल खानविलकर, निक्की राय, चंदनसिंह बैस, यशव यादव, राजा कोठारी, हिमांशु मालवीय, लक्ष्मीनारायण पानेरी, दीपेश पचोरी, अनिल पाटिल, अरुण पेंढारकर, ए. पेंढारकर, मोईन अली, सन्नी तिवारी, मुकेश जायसवाल, नाना चौधरी, अशोक चौहान उर्फ चांदू, शिवपाल, विनोद डींडावा, संजय कौशिक, गब्बर पहलवान, रजत शर्मा और विक्की कखरे के नाम शामिल हैं।

डीसीपी का बयान
डीसीपी कृष्ण लालचंदानी के मुताबिक, बीजेपी के आवेदन में जिन पीड़ितों का उल्लेख किया गया है, उन्हें अपेक्षाकृत अधिक चोटें आई हैं, इसलिए मामला गंभीर मानते हुए नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि सभी वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आरोपियों के नाम जोड़े या हटाए जा सकते हैं। कांग्रेस के आवेदन पर भी विवेचना की जाएगी।

अज्ञात आरोपियों पर दर्ज की एफआईआर
घटना में एक एसआई के घायल होने और पुलिस कार्य में हस्तक्षेप की भी बात सामने आई है। इसी आधार पर तीसरी एफआईआर शासकीय कार्य में बाधा के तहत अज्ञात आरोपियों पर दर्ज की गई है।

दोनों दल आमने-सामने
इस घटना के बाद शहर की राजनीति गरमा गई है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही एक-दूसरे पर गुंडागर्दी के आरोप लगा रहे हैं। बीजेपी नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा का कहना है कि कांग्रेसियों ने पहले से पथराव की तैयारी कर रखी थी और महिला नेत्रियों पर आपत्तिजनक इशारे किए गए। वहीं नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और सांसद शंकर लालवानी ने भी कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है।

दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि “खून के एक-एक कतरे का हिसाब लिया जाएगा।” शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग से पहले ही हमला किया और पिछले आठ महीनों में यह तीसरी बार कांग्रेस भवन पर हमला हुआ है।

इन धाराओं में केस दर्ज
कांग्रेस की शिकायत पर पंढरीनाथ थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 125, 191(2), 296(ए) और 324(2) के तहत मामला दर्ज हुआ है। बीजेपी की शिकायत पर युवा मोर्चा की ओर से आवेश राठौर की शिकायत पर कांग्रेस के कई पदाधिकारियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज हुआ है।

कांग्रेस पदाधिकारियों पर बीएनएस की धारा 115(2), 117(2), 189(1), 189(4), 189(9), 191(1), 296(ए) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो संगठित होकर दंगा, नुकसान पहुंचाने और शांति भंग करने से संबंधित धाराएं हैं। फिलहाल पुलिस वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है।

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