बाल अपचारी और बदमाशों की लगी पुलिसिंग क्लास: ट्रैफिक ड्यूटी पर खड़ा कर रही पुलिस
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
अपराध की राह पर बढ़ रहे किशोर और युवा बदमाशों को सुधारने के लिए पुलिस ने अलग ही तरीका अपनाया है। अब शाम ढलते ही नशा करने वाले और ग्रुप बनाकर बैठने वालों को पकड़कर थाने नहीं, बल्कि ट्रैफिक चेकिंग प्वाइंट पर खड़ा किया जा रहा है।
यहां उन्हें एक से डेढ़ घंटे तक पुलिस के साथ ड्यूटी कराई जाती है, ताकि वे अपराध की जगह कानून का महत्व समझ सकें। यह पहल फिलहाल तुकोगंज थाना क्षेत्र से शुरू की गई है।
टीआई जितेंद्र सिंह यादव के मुताबिक 15 से 18 वर्ष के 30 बाल अपचारी और 18 से 28 वर्ष के 50 से ज्यादा युवाओं को चिह्नित किया गया है, जिनका आपराधिक रुझान या संगीन मामलों से जुड़ाव सामने आया है। इनमें से कई को नशे की लत है और शाम होते ही ये समूह बनाकर बैठते हैं।
पुलिस ने इनके माता-पिता की सहमति से इन्हें ट्रैफिक चेकिंग के दौरान पुलिस बल के साथ खड़ा करना शुरू किया है। चेकिंग प्वाइंट पर इन्हें बताया जाता है कि ट्रैफिक नियम तोड़ने पर किस तरह चालान और कानूनी कार्रवाई होती है।
यह भी समझाया जाता है कि अनजाने में हुए अपराध और जानबूझकर किए अपराध में क्या फर्क है और दोनों की सजा कितनी गंभीर हो सकती है। पुलिस इन युवाओं को यह भी बताती है कि एक बार आपराधिक रिकॉर्ड बन जाने के बाद पुलिस की निगरानी, त्योहारों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और सामाजिक बदनामी का सामना करना पड़ता है।
मोहल्ले के पास ही लगते हैं चेकिंग प्वाइंट- खास बात यह है कि जिन युवाओं को चिह्नित किया गया है, उन्हें उनके ही मोहल्ले या आसपास के क्षेत्र में लगाए गए चेकिंग प्वाइंट पर खड़ा किया जाता है। इससे उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी का अहसास होता है। यह उद्देश्य सजा देना नहीं, बल्कि सुधार करना है।
नशे से दूर रखकर उन्हें सकारात्मक दिशा देना इस अभियान का मकसद है। पुलिस का मानना है कि यदि कम उम्र में ही युवाओं को अपराध की राह से मोड़ दिया जाए, तो भविष्य में बड़े अपराधों पर भी अंकुश लगाया जा सकता है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के मार्गदर्शन में शुरू की गई है।
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