खबर
Top News

पुलिस का ‘सीक्रेट’ ऑपरेशन: लेडी ड्रग्स माफिया और प्रधान आरक्षक सहित कई हिरासत में; नेटवर्क खंगाल रही क्राइम ब्रांच

KHULASA FIRST

संवाददाता

18 मई 2026, 2:41 pm
101 views
शेयर करें:
पुलिस का ‘सीक्रेट’ ऑपरेशन

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में सक्रिय ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस ने सोमवार तड़के एक गोपनीय और बड़े स्तर का ऑपरेशन चलाकर कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई में अवैध कारोबार से जुड़ी एक महिला के साथ पुलिस विभाग का ही एक प्रधान आरक्षक भी शिकंजे में आया है। पूरी कार्रवाई की निगरानी संतोष कुमार सिंह द्वारा की गई।

छह थानों और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार इस ऑपरेशन में क्राइम ब्रांच के साथ शहर के छह थानों की टीमों को लगाया गया। सबसे पहले टीम ने द्वारकापुरी क्षेत्र में दबिश देकर संदिग्ध महिला अलका दीक्षित को हिरासत में लिया और गुप्त स्थान पर पूछताछ शुरू की।

इसके बाद दूसरी टीम ने अहिरखेड़ी इलाके से उसके बेटे जयदीप को पकड़ा। पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर एमजी रोड थाना क्षेत्र में पदस्थ टीम ने प्रधान आरक्षक विनोद के घर पर छापा मारा।

पुलिसकर्मी पर भी संलिप्तता का शक
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक प्रधान आरक्षक विनोद लंबे समय तक क्राइम ब्रांच में पदस्थ रहा है और वर्तमान में इंटेलिजेंस शाखा में तैनात है। उसके घर से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। छापे के दौरान परिजनों द्वारा विरोध भी किया गया।

गोपनीय तरीके से अलग-अलग पूछताछ
पूरे ऑपरेशन को अत्यंत गोपनीय रखा गया। सभी आरोपियों से अलग-अलग स्थानों पर पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई की मॉनिटरिंग राजेश कुमार सिंह और पूछताछ की जिम्मेदारी राजेश त्रिपाठी को सौंपी गई है। टीम को सख्त निर्देश दिए गए थे कि ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी लीक न हो।

पीथमपुर तक पहुंचा नेटवर्क
सूत्रों के मुताबिक देर रात एक टीम को पीथमपुर भी भेजा गया, जहां ड्रग्स कारोबार से जुड़े कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया। उनसे खजराना थाना में पूछताछ की जा रही है।

अवैध शराब से ड्रग्स कारोबार तक फैला नेटवर्क
पुलिस के अनुसार अहिरखेड़ी निवासी अलका दीक्षित पहले से अवैध शराब कारोबार से जुड़ी रही है। आरोप है कि इसी आड़ में उसने ड्रग्स सप्लाई और अन्य अवैध गतिविधियों का नेटवर्क खड़ा कर लिया। उसका बेटा जयदीप भी इस नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।

गौरतलब है कि जयदीप पहले भी एक जानलेवा हमले के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और आने वाले दिनों में इस मामले में बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!