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जनता प्यासी, अधिकारी तृप्त: करोड़ों रुपए की अमृत योजना के टैंक खड़े मगर आज तक नहीं पहुंचा पानी

KHULASA FIRST

संवाददाता

29 मई 2026, 2:31 pm
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जनता प्यासी, अधिकारी तृप्त

शहर में जलसंकट पर बड़ा सवाल, पाइपलाइन नहीं फिर किस विकास का दावा?

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम और जनप्रतिनिधि अमृत योजना के तहत जलप्रदाय व्यवस्था मजबूत करने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वार्ड क्रमांक 77 के न्यू रानी बाग कॉलोनी के रहवासी बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं।

कॉलोनी में दिखाई दे रहा विशाल पानी का टैंक करोड़ों की योजनाओं और सरकारी दावों की कहानी कहता है, लेकिन विभागीय पत्राचार ने इन दावों की पोल खोल दी है।

रहवासी संघ और जलप्रदाय विभाग के आधिकारिक पत्रों से खुलासा हुआ है कि न्यू रानी बाग कॉलोनी में आज तक पेयजल पाइपलाइन ही नहीं बिछाई गई। यानी टंकी बनी, योजनाएं चलीं, फाइलें घूमीं, लेकिन जनता तक पानी नहीं पहुंचा।

विभाग ने माना…कॉलोनी में पाइपलाइन अस्तित्व में ही नहीं
सहायक यंत्री, जलप्रदाय विभाग, जोन क्रमांक 13 द्वारा 23 मार्च 2026 को जारी पत्र क्रमांक 1078/स.यं./ जोन-13/2026 में स्पष्ट लिखा गया है कि न्यू रानी बाग कॉलोनी में जलप्रदाय पाइपलाइन अस्तित्व में नहीं है।

पत्र में यह भी स्वीकार किया गया कि पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव और अनुमानक तैयार कर मुख्यालय भेजा जा चुका है, लेकिन आज तक निविदा स्वीकृत नहीं हुई। सबसे बड़ा खुलासा यह रहा कि अमृत 1.0 परियोजना के अंतर्गत भी इस क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने का कार्य नहीं किया गया।

फाइल मुख्यालय में अटकी, जनता सड़क पर भटकी
रहवासी संघ ने आरोप लगाया कि विभागीय फाइलें मुख्यालय में ‘निविदा स्वीकृति’ के नाम पर महीनों से लंबित हैं। पत्र में महापौर से मांग की गई है कि तत्काल प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति देकर निविदा प्रक्रिया पूरी कराई जाए और कार्य आदेश जारी किए जाएं। रहवासियों का कहना है कि अधिकारी एसी कमरों में बैठकर फाइलें घुमाते रहे, जबकि जनता पानी के लिए दर-दर भटक रही है।

घरों तक पानी पहुंचाने पर ध्यान नहीं दिया
कॉलोनी में दिख रहा विशाल जलाशय ‘अमृत मिशन’ के तहत निर्मित बताया गया है। बोर्ड के अनुसार इसकी क्षमता 25 लाख लीटर है। सवाल यह उठ रहा है कि जब करोड़ों रुपए खर्च कर टंकियां बनाई जा रही हैं तो आसपास की कॉलोनियों तक पाइपलाइन क्यों नहीं पहुंची? स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि अधिकारियों ने केवल निर्माण कार्यों का प्रचार किया, लेकिन मूल समस्या घरों तक पानी पहुंचाने पर ध्यान नहीं दिया।

अमृत योजना पर उठे सवाल
अब बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जब अमृत योजना के तहत जल संरचनाएं बनाई गईं तो क्या बिना सर्वे और नेटवर्क योजना के केवल निर्माण कार्यों पर खर्च किया गया? यदि कॉलोनियों तक पाइपलाइन ही नहीं पहुंची तो करोड़ों की परियोजनाओं का वास्तविक लाभ किसे मिला?

भीषण गर्मी में बूंद-बूंद को तरस रहे क्षेत्र के रहवासी
न्यू रानी बाग रहवासी संघ के अध्यक्ष सीएल मुकाती ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव को लिखे पत्र में कहा है कि कॉलोनी लंबे समय से जलसंकट झेल रही है। पीएमओ, सीएम हेल्पलाइन और नगर निगम में लगातार शिकायतों के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

गर्मी के मौसम में स्थिति और भयावह हो गई है। कई परिवारों को निजी टैंकरों और वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

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