20 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन: यात्रा में टूट गया पुराना रिकॉर्ड
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, देहरादून।
उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा इस वर्ष नए रिकॉर्ड बना रही है। अब तक 20 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार और बदरी विशाल सहित चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा मार्गों पर भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है।
केदारनाथ में 30 दिन में साढ़े सात लाख श्रद्धालु...केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद केवल 30 दिनों के भीतर साढ़े सात लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं। बाबा केदार के दर्शन के लिए सुबह से देर रात तक लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
बद्रीनाथ धाम में पांच लाख का आंकड़ा पार...बद्रीनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक पांच लाख से अधिक भक्त बदरी विशाल के दर्शन कर चुके हैं। वहीं गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी छह लाख से ज्यादा तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं।
हेमकुंड साहिब के कपाट भी खुले...सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब के कपाट भी शनिवार से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। ऋषिकेश से पंज प्यारों की अगुवाई में श्रद्धालुओं का पहला जत्था गोविंद घाट और घांघरिया होते हुए हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुआ।
यात्रा मार्गों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम...प्रशासन ने चारधाम यात्रा को लेकर सुरक्षा, स्वास्थ्य और यातायात के विशेष इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्गों पर मेडिकल टीम, एंबुलेंस और राहत दल तैनात किए गए हैं। बुजुर्ग और बीमार श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के लिए जवानों और राहतकर्मियों की मदद ली जा रही है।
श्रद्धालुओं में दिख रहा भारी उत्साह...पहाड़ों में मौसम की चुनौतियों और भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह चरम पर बना हुआ है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है।
बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा में 6-7 फीट का शिवलिंग बना सुरक्षा जवानों ने दर्शन किए
अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले शनिवार को बाबा बर्फानी की पहली तस्वीरें सामने आ गई हैं। बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा में 6-7 फीट का शिवलिंग अपना आकार ले चुका है।
इस दौरान सुरक्षा के लिए तैनात जवानों ने सबसे पहले शिवलिंग के दर्शन भी किए। अमरनाथ यात्रा इस साल 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 9 अगस्त 2026 तक चलेगी।
इन दिनों रास्ते में सामान्य जगहों पर 6 से 8 फीट और हिमस्खलन वाले इलाकों में 10 से 12 फीट तक बर्फ जमी है। बालटाल मार्ग पर 9 किमी और नुनवान-पहलगाम मार्ग पर 8 किमी ट्रैक से बर्फ हटाई जा चुकी है।
ट्रैक को 12 फीट चौड़ा करने, सतह सुधारने, रिटेनिंग वॉल और कल्वर्ट बनाने का काम भी चल रहा है।इस बार बेस कैंप में टेंट की जगह प्री-फैब्रिकेटेड और फाइबर स्ट्रक्चर बनाए जा रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं को आरामदायक और आधुनिक आवास जैसी सुविधा मिल सकेगी।
फाइबर स्ट्रक्चर तापमान में अचानक गिरावट और बारिश से निपटने में कारगर रहेंगे। हर इमारत में 48 कमरे हैं। हर कमरे में अटैच्ड वॉशरूम हैं। गर्म-ठंडे पानी की सुविधाएं होंगी।
हर इमारत में पैंट्री भी बनाई जा रही है। इन जगहों पर तीन साल पहले काम शुरू हुआ था, जो अब पूरा होने वाला है।
इस बार बाढ़ वाली जगह पर कैंप नहीं लगाए जाएंगे...इस साल सभी संवेदनशील हिस्सों और आपदा की आशंका वाले स्थानों को तीर्थयात्रियों के लिए ‘नो-एंट्री जोन’ घोषित किया गया है।
बालटाल और नुनवान रास्तों के दोनों ट्रैक को चौड़ा किया गया है। पुलों को भी बेहतर बनाया गया है। बादल फटने और अचानक बाढ़ की घटनाओं को देखते हुए संवेदनशील जगहों पर कैंप नहीं लगाए जाएंगे।
चारधाम यात्रा पिकनिक नहीं, श्रद्धालु अनुशासन रखें: स्वामी अरुण गिरि
चारधाम यात्रा से लौटे आवाहन अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर Swami Arun Giri ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान अनुशासन और जिम्मेदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सनातन आस्था, संयम और अनुशासन का प्रतीक है।
स्वामी अरुण गिरी ने कहा कि यात्रा के दौरान पैदा हो रही कई समस्याओं और अव्यवस्थाओं के लिए कुछ श्रद्धालु भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग प्रशासन और पुलिस के निर्देशों का पालन करने के बजाय बहस करने लगते हैं और नियमों को नजरअंदाज करते हैं, जिससे यात्रा व्यवस्था प्रभावित होती है।
रील और वीडियो बनाने से लग रहा जाम... उन्होंने कहा कि आजकल बड़ी संख्या में लोग चारधाम यात्रा को पिकनिक और सोशल मीडिया रील बनाने का माध्यम समझ रहे हैं।
कई श्रद्धालु रास्तों में वाहन रोककर वीडियो और रील बनाते हैं, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है और दूसरे यात्रियों को परेशानी होती है।
पुलिस और प्रशासन कर रहे कड़ी मेहनत... स्वामी अरुण गिरी ने कहा कि पुलिस और प्रशासन के कर्मचारी घंटों सड़क पर खड़े रहकर व्यवस्था संभाल रहे हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं का भी कर्तव्य है कि वे सहयोग करें और यात्रा को सुचारू बनाए रखने में मदद करें।
ईंधन बचाने की भी अपील...उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की अपील को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पूरी यात्रा के दौरान वाहनों का कम से कम उपयोग किया, ताकि ईंधन की बचत हो और पर्यावरण पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
स्वामी अरुण गिरी ने कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले सभी श्रद्धालु धैर्य रखें, नियमों का पालन करें और यात्रा की पवित्रता को समझें। उन्होंने कहा कि यदि श्रद्धालु स्वयं जिम्मेदारी निभाएंगे तो यात्रा अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालित हो सकेगी।
बद्रीनाथ धाम हाईवे पर घंटों जाम में फंसे श्रद्धालु
उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ अब ट्रैफिक व्यवस्था पर भारी पड़ने लगी है। शुक्रवार को बद्रीनाथ हाईवे पर जोशीमठ, मारवाड़ी और विष्णुप्रयाग के बीच लंबा जाम लग गया, जिससे हजारों यात्री घंटों सड़क पर फंसे रहे।
सड़क पर थमी वाहनों की रफ्तार... हाईवे पर दूर-दूर तक वाहनों की लंबी कतारें नजर आईं। तेज धूप और धीमी रफ्तार के कारण यात्रियों की परेशानी कई गुना बढ़ गई। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्हें देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार पहुंचकर ट्रेन और फ्लाइट पकड़नी थी, लेकिन जाम के कारण उनकी चिंता बढ़ गई।
सड़क संकरी, निर्माण कार्य बना वजह... पुलिस प्रशासन के अनुसार सड़क की कम चौड़ाई, पहाड़ों से गिर रहे पत्थर और अधूरे निर्माण कार्य जाम की बड़ी वजह हैं।
कई स्थानों पर सड़क किनारे नालियों का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। स्थिति ऐसी हो गई कि कई जगह दो बड़े वाहन एक साथ नहीं निकल पा रहे हैं।
ट्रैफिक संभालने में जुटा प्रशासन... पुलिस, होमगार्ड और प्रशासनिक टीमें लगातार ट्रैफिक नियंत्रित करने में लगी रहीं। सुबह से देर रात तक जवान जाम खुलवाने का प्रयास करते रहे, लेकिन भारी भीड़ और सीमित सड़क चौड़ाई प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
गंगोत्री और यमुनोत्री में भी रिकॉर्ड भीड़... चारधाम यात्रा शुरू होने के एक महीने के भीतर ही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में छह लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।
आंकड़ों के अनुसार 19 अप्रैल से 20 मई 2026 तक यमुनोत्री धाम में 3,08,456 और गंगोत्री धाम में 3,02,594 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
60 हजार से ज्यादा वाहनों की आवाजाही... यात्रा अवधि के दौरान करीब 60 हजार वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा मार्ग को सुपरजोन, जोन और सेक्टर में बांटा है।
सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, पीएसी, एसडीआरएफ, फायर सर्विस और होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं।
संबंधित समाचार

चर्चित अभि तोमर हत्याकांड की आग भिंड तक जा पहुंची:इंदौर की गैंगवार का बदला लेने चली गोलियां

शौक पूरे करने के लिए करता था चोरी:दो ऑटो किए बरामद; रात के अंधेरे में उड़ाता था वाहन, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सिंहस्थ की जमीन से हटाया अतिक्रमण:20 अवैध मकान ध्वस्त 3 हेक्टेयर जमीन को कब्जा मुक्त; पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान चलाया

इस अधिकारी ने बढ़ाया देवी अहिल्या की नगरी का गौरव:ओडिशा के राज्यपाल की एडीसी बनी; ऐसा करने वाली पहली महिला ऑफिसर भी
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!