बस हादसे पर उबाल: सीए एसोसिएशन का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन; 4 वर्षीय बच्चे की हुई थी दर्दनाक मौत
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
देशभर में लगातार सामने आ रही बसों में आग लगने की घटनाओं के बीच इंदौर से ग्वालियर जा रही एक निजी इंटरसिटी बस में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में इंदौर के प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट दंपत्ति के 4 वर्षीय पुत्र अनय जैन की मौत हो गई।
कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा
घटना को लेकर सोमवार को चार्टर्ड अकाउंटेंट एसोसिएशन ने इंदौर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
यात्रियों ने दी थी चेतावनी, फिर भी नहीं चेता बस स्टाफ
जानकारी के अनुसार 15/16 मई 2026 की दरमियानी रात इंदौर से ग्वालियर/शिवपुरी के लिए रवाना हुई निजी इंटरसिटी बस क्रमांक MP07-ZL-9090 में मक्सी स्थित जैन पथ होटल के सामने अचानक भीषण आग लग गई। हादसे में सीए अभिषेक जैन एवं सीए मिनी जैन के मासूम पुत्र अनय जैन गंभीर रूप से झुलस गए, जिनकी बाद में मौत हो गई।
बस में तार जलने जैसी बदबू आ रही थी
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का आरोप है कि यात्रा के दौरान बस में बार-बार तार जलने जैसी बदबू आ रही थी। यात्रियों ने इसकी शिकायत कई बार ड्राइवर और बस स्टाफ से की, लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई।
आरोप है कि बाद में बस को सड़क किनारे खड़ा कर पूरा स्टाफ यात्रियों को असहाय छोड़ मौके से फरार हो गया।
कुछ ही मिनटों में आग का गोला बनी बस
यात्रियों की शिकायतों के बावजूद ड्राइवर और कंडक्टर द्वारा कोई पहल नहीं किए जाने के चलते कुछ ही समय में पूरी बस आग की चपेट में आ गई। आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इसी दौरान मासूम अनय जैन आग में बुरी तरह झुलस गए और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना के बाद शहर के पेशेवर संगठनों और नागरिक समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यह हादसा केवल दुर्घटना नहीं बल्कि परिवहन विभाग और बस संचालकों की लापरवाही का परिणाम है।
बस में नहीं थे सुरक्षा इंतजाम
चार्टर्ड अकाउंटेंट एसोसिएशन ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि बस परिवहन विभाग के नियमों और सुरक्षा मानकों की खुलेआम अवहेलना करते हुए संचालित की जा रही थी। बस में न तो पर्याप्त इमरजेंसी एग्जिट थे और न ही आग बुझाने के जरूरी फायर सेफ्टी उपकरण उपलब्ध थे।
फिटनेस पर भी सवाल
संगठन ने सवाल उठाया कि आखिर बिना उचित फिटनेस जांच के ऐसी बसों को सड़कों पर दौड़ने की अनुमति कैसे दी जा रही है। उनका कहना है कि यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले बस संचालकों और जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज होना चाहिए।
पहले भी हुई घटनाएं, फिर भी नहीं जागा प्रशासन
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पूर्व में भी देश और प्रदेश में बसों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्रशासन और परिवहन विभाग ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई। संगठन ने मांग की कि प्रदेशभर में निजी बसों की विशेष जांच अभियान चलाया जाए और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाली बसों के परमिट तत्काल निरस्त किए जाएं।
एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
* बस संचालक, ड्राइवर और जिम्मेदार स्टाफ पर कठोर आपराधिक कार्रवाई
* सभी निजी बसों की फिटनेस और फायर सेफ्टी की विशेष जांच
* प्रत्येक बस में अनिवार्य इमरजेंसी एग्जिट और अग्निशमन उपकरण
* परिवहन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो
* मृतक मासूम के परिवार को उचित मुआवजा एवं न्याय
शहर में शोक और आक्रोश का माहौल
मासूम अनय जैन की मौत के बाद पूरे इंदौर में शोक और गुस्से का माहौल है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते बस स्टाफ ने शिकायतों को गंभीरता से लिया होता तो एक मासूम की जान बचाई जा सकती थी। अब लोग प्रशासन से केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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