ड्रग्स सप्लाई के संगठित नेटवर्क का खुलासा: इस राज्य के ड्रग्स माफिया का किस शहर में नेटवर्क; ‘बुर्का’ वाली तस्कर के जरिए युवाओं तक पहुंचा ये ड्रग्स;
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एमडी ड्रग्स सप्लाई के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसकी जड़ें चित्तौड़गढ़ के ड्रग्स माफिया से जुड़ी पाई गई हैं। इस नेटवर्क की मुख्य कड़ी मानी जा रही आरोपी फिरदौस बी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि उससे जुड़े अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है।
‘बुर्का’ में करती थी सप्लाई, पहचान छिपाकर बनाती थी नेटवर्क
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि फिरदौस बी बुर्का पहनकर शहर में सक्रिय रहती थी और युवाओं को उनकी डिमांड के अनुसार एमडी ड्रग्स उपलब्ध कराती थी। वह अपनी पहचान छिपाकर काम करती थी, जिससे लंबे समय तक पुलिस की नजर से बची रही।
खजराना क्षेत्र में एक मैरिज ब्यूरो खोला
खास बात यह है कि उसने खजराना क्षेत्र में एक मैरिज ब्यूरो खोल रखा था, जिसे वह अपने अवैध कारोबार की आड़ के रूप में इस्तेमाल कर रही थी। इसी माध्यम से वह युवाओं से संपर्क बनाती और धीरे-धीरे उन्हें ड्रग्स की लत लगाकर अपना ग्राहक बना लेती थी।
ओसामा ने खड़ा किया पेडलर्स का नेटवर्क
इस पूरे नेटवर्क में ओसामा नाम का आरोपी भी अहम भूमिका निभा रहा था। उसने चंदन नगर इलाके में पेडलर्स और युवाओं की एक टीम तैयार कर रखी थी, जो शहर के अलग-अलग हिस्सों में ड्रग्स सप्लाई का काम करती थी। पुलिस अब तक इस गिरोह से जुड़े कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और इनके नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
चित्तौड़गढ़ कनेक्शन: नारायण के जरिए पहुंचती थी ड्रग्स
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि फिरदौस बी का कनेक्शन सीधे चित्तौड़गढ़ के ड्रग्स माफिया से जुड़ा हुआ है। उसे एमडी ड्रग्स सप्लाई करने वाला नारायण नामक आरोपी फिलहाल पुलिस रिमांड पर है और उससे पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, नारायण के अलावा भी एक अन्य बड़े सप्लायर की जानकारी पुलिस को मिली है, जिसकी तलाश जारी है। आशंका है कि यह नेटवर्क इंदौर से बाहर भी फैला हो सकता है।
पति की मौत के बाद अपराध की राह
जांच में यह भी सामने आया है कि फिरदौस बी मूल रूप से चित्तौड़गढ़ निवासी महेंद्र परिहार की पत्नी है। महेंद्र की कुछ समय पहले मौत हो गई थी। इसके बाद वह उसके दोस्त नारायण के संपर्क में आई और धीरे-धीरे ड्रग्स के कारोबार में उतर गई। बताया जा रहा है कि आर्थिक स्थिति और संपर्कों के चलते उसने इस अवैध धंधे को अपनाया और देखते ही देखते शहर में एक सक्रिय सप्लायर बन गई।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
डीसीपी जोन-2 के अनुसार, इस पूरे मामले में लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ड्रग्स की सप्लाई किन-किन शहरों से हो रही थी। नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। युवाओं को किस स्तर तक इसकी चपेट में लाया गया।
युवाओं को निशाना बनाने का खतरनाक ट्रेंड
इस मामले ने एक बार फिर यह चिंता बढ़ा दी है कि शहर में ड्रग्स माफिया युवाओं को टारगेट कर संगठित तरीके से नेटवर्क फैला रहे हैं। मैरिज ब्यूरो जैसे वैध दिखने वाले माध्यम का इस्तेमाल कर युवाओं तक पहुंचना इस गिरोह की सुनियोजित रणनीति को दर्शाता है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं, साथ ही अन्य शहरों में भी इसके लिंक खंगाले जा रहे हैं।
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