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यात्रा का एक महीना पूरा: 19 लाख श्रद्धालु पहुंचे; 40 लाख से अधिक लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन

KHULASA FIRST

संवाददाता

23 मई 2026, 5:49 pm
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यात्रा का एक महीना पूरा

खुलासा फर्स्ट।
चारों धामों के कपाट खुलने को आज यानी शनिवार को एक महीना पूरा हो चुका है। अब तक 19 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। वहीं, यात्रा के लिए अब तक 40 लाख से अधिक लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।

2025 के शुरुआती एक महीने में 28 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसकी तुलना में इस बार रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या में लगभग 43% का उछाल आया है।

गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ शुरू हुई थी चारधाम यात्रा
चारधाम यात्रा के पहले पड़ाव गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए थे। दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री और 12 बजकर 35 मिनट पर यमुनोत्री के कपाट खोल दिए गए थे।

गंगोत्री में पहली पूजा पीएम मोदी के नाम की हुई थी, जिसमें सीएम पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए थे। कपाट खुलने के बाद से ही भागीरथी गंगा के दर्शन और पवित्र स्नान के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।

सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यात्रा के पहले महीने में अब तक 3.20 लाख से ज्यादा श्रद्धालु गंगोत्री धाम पहुंचकर मां गंगा के चरणों में शीश नवा चुके हैं।

वहींं, मां गंगा के दर्शन के लिए 7.12 लाख से ज्यादा लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।

एक महीने में 75 यात्रियों की मौत
चारधाम यात्रा में बदलते मौसम और ऑक्सीजन की कमी के चलते यात्रा की शुरुआत (19 अप्रैल) से लेकर अब तक 75 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने के कारण मौत हो चुकी है।

इनमें सबसे ज्यादा 38 मौतें केदारनाथ धाम में दर्ज की गईं। इसके बाद बद्रीनाथ में 19, यमुनोत्री में 10 और गंगोत्री धाम में 8 तीर्थयात्रियों की जान गई है।

उ त्तराखंड पर्यटन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल चारधाम यात्रा के पहले महीने में लगभग 17.17 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए आए थे। इसकी तुलना में इस बार अब तक लगभग 10.62% अधिक श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं।

7.90 लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन... रुद्रप्रयाग स्थित केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए थे। कपाट खुलने के मौके पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने धाम में पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम की पहली पूजा कराई थी।

कपाट खुलने के बाद से ही बाबा के दर पर भक्तों का भारी सैलाब उमड़ रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार, यात्रा के पहले ही महीने में अब तक 7.90 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं।

वहींं, बाबा केदार के दर्शन के लिए 13.5 लाख से ज्यादा लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इसके अलावा यहां आने के लिए 52 हजार से ज्यादा छोटे-बड़े वाहनों का रजिस्ट्रेशन दर्ज किया गया है।

बद्रीनाथ धाम पहुंचे 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु... बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। कपाट खुलने के बाद से ही बद्री विशाल के दर्शन के लिए भक्तों में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है।

उत्तराखंड सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यात्रा के पहले महीने में अब तक 5 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री भगवान बद्रीनाथ के दर्शन कर चुके हैं। वहींं, बद्री विशाल के दर्शन के लिए 12.15 लाख से ज्यादा लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।

यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खोले गए थे...चारधाम यात्रा के दूसरे पड़ाव यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। कपाट खुलने के बाद से ही यमुना मैया के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है।

उत्तराखंड सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यात्रा के पहले महीने में अब तक 3.26 लाख से ज्यादा श्रद्धालु यमुनोत्री धाम पहुंचकर मां यमुना के दर्शन और पूजा-अर्चना कर चुके हैं। वहींं, मां यमुना के दर्शन के लिए 6.90 लाख से ज्यादा लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।

आज विधि-विधान से खुलेंगे हेमकुंड गुरुद्वारे के कपाट
आज विधि-विधान से हेमकुंड के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस दौरान हेमकुंड साहिब में लगभग 7000 श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

इससे पहले जो बोले सो निहाल-सत श्री अकाल के जयघोष के साथ पंज प्यारों की अगुवाई में शुक्रवार को गोविंदघाट से श्रद्धालुओं का जत्था निशान साहिब के साथ हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुआ था। इससे पूर्व गोविंदघाट गुरुद्वारे में गुरुवाणी का पाठ हुआ।

यह जत्था रात्रि प्रवास के लिए घांघरिया पहुंचा और आज हेमकुंड साहिब पहुंचेगा। गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि शनिवार को सुबह नौ बजे गुरुग्रंथ साहिब को पंज प्यारों की अगुवाई में सचखंड से दरबार साहिब में सुशोभित किया जाएगा।

सुबह 10 बजे सुखमणी का पाठ होगा। पूर्वाह्न 11 बजकर 30 मिनट पर सबद कीर्तन और दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर हेमकुंड साहिब के कपाट खोल दिए जाएंगे और गुरुद्वार में पहली अरदास होगी।

मार्ग में लगा महाजाम
गुरुवार को करीब शाम 6 बजे केदारनाथ के गौरीकुंड में श्रद्धालुओं का महाजाम लग गया। करीब 1 किमी तक श्रद्धालु आपस में गुत्थम गुत्था होते रहे। इस बीच पुलिस प्रशासन की भी पोल खुलती नजर आई। जाम को खुलवाने में पुलिस प्रशासन की कोई तत्परता देखने को नहीं मिली।

केदारनाथ धाम के रास्ते पर लैंडस्लाइड एक की मौत, दूसरे की हालत गंभीर
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के केदारनाथ धाम के रास्ते पर शुक्रवार को भारी लैंडस्लाइड हुई, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक स्थानीय युवक गंभीर घायल हो गया। हादसे के बाद पहाड़ से बड़े-बड़े पत्थर और बोल्डर गिरने लगे। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।

इसके बाद पुलिस ने चारधाम यात्रा को एक घंटे के लिए रोक दिया और जेसीबी की मदद से पत्थर हटाए। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की और बताया कि दो दिन पहले ही इलाके में अनावश्यक आवाजाही न करने की चेतावनी जारी की गई थी।

आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के मुताबिक, सुबह करीब 8 बजे सोनप्रयाग बाजार क्षेत्र में बैरियर के पास अचानक पहाड़ से पत्थर गिरने लगे। उस समय वहां मौजूद दो लोग इसकी चपेट में आ गए।

मृतक की पहचान उमेद सिंह नेगी (48) के तौर पर हुई है, जो बड़ेत, गुप्तकाशी (रुद्रप्रयाग) का रहने वाला था। वहीं, घायल व्यक्ति नेपाल का रहने वाला था और यहां रहकर अपनी रोजी-रोटी कमा रहा था, जिसकी पहचान बम बहादुर (42) के रूप में हुई है।

पत्थर गिरते ही भागे यात्री... केदारनाथ जा रहे यात्रियों ने बताया कि हादसा केदारनाथ हाईवे पर सोनप्रयाग स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर से करीब 10 मीटर आगे हुआ। पत्थर गिरते ही हम लोग डर गए और दौड़कर अपनी जान बचाई।

अगर हम वहां से नहीं भागते तो 10 से 20 यात्री इसकी चपेट में आ जाते। अब हमें आगे चढ़ाई करने में डर लग रहा है। केदारघाटी व्यापार संघ एवं टैक्सी यूनियन सोनप्रयाग के अध्यक्ष अंकित गैरोला ने बताया कि इस दौरान करीब 500 से ज्यादा यात्री मौके पर थे।

आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के मुताबिक, सोनप्रयाग पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटना के बाद जल्द कार्रवाई करते हुए घायलों को अस्पताल भेजा गया। एक स्थानीय व्यक्ति ने रास्ते में दम तोड़ दिया, जबकि एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया है। अधिकारियों ने पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों और संभावित खतरे को देखते हुए इलाके को अस्थायी रूप से खाली कराया।

3 दिन पहले 10 हजार 450 यात्रियों की एनडीआरएफ ने बचाई जान...इससे 3 दिन पहले यानी मंगलवार को केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच मुनकटिया क्षेत्र में देर रात भारी भूस्खलन हुआ था। पहाड़ी से लगातार गिरते मलबे और खराब मौसम के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया था, जिससे हजारों ग्रामीणों और यात्री बीच रास्ते में फंस गए थे।

रात 9:16 बजे सूचना मिलती ही उपाध्याक्ष आशीष डिमरी के नेतृत्व में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और डीडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला। लगातार बारिश और घने अंधेरे की चुनौतियों के हालात में लगभग 10,450 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बचाव किया। इसके बाद जेसीबी मशीनों की मदद से मलबे को हटाकर पैदल मार्ग को दोबारा बहाल कर दिया गया था।

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