केदार के दीदार के लिए करना पड़ रहा घंटों इंतजार: प्रशासन की अनदेखी; 10 से 12 घंटों में हो रहे दर्शन
KHULASA FIRST
संवाददाता

मुख्य मंदिर से 1 किमी दूर हेलीपैड तक लग रही बेतरतीब कतारें
खुलासा फर्स्ट, रुद्रप्रयाग।
केदारनाथ में श्रद्धालुओं की भीड़ का आलम यह है कि मुख्य मंदिर से करीब 1 किमी दूर हेलीपैड तक श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगती नजर आ रही है। इन सबके बीच पुलिस प्रशासन की उदासीनता भी देखने को मिल रही है।
इतना बड़ा भीड़ प्रबंधन केवल चंद पुलिसकर्मियों के हवाले सौंप दिया गया है। इन सबका खामियाजा श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ रहा है। भारी अव्यवस्थाओं के बीच 10 से 12 घंटों के लंबे इंतजार के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन प्राप्त हो रहे हैं।
इन सब में सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। लाइन में धक्का-मुक्की और विपरीत मौसम के कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही है।
जल्दी दर्शन और भीड़ से बचने के लिए श्रद्धालु रात से ही लाइन में लग जाते हैं लेकिन इसके बाद भी उन्हें वीआईपी पर्ची वालों के दर्शन करने के बाद ही दर्शन मिलते हैं।
इन सबके बीच कई श्रद्धालु परेशान होकर बिना दर्शन किए ही वापस लौट रहे हैं।
यात्रा मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल... केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रा मार्ग पर इतनी अधिक भीड़ उमड़ रही है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
संकरे रास्तों पर घोड़े-खच्चरों की आवाजाही से यात्रियों को काफी परेशानी होती है, जिससे कई बार धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन जाती है। भारी भीड़ और अव्यवस्थित यातायात के कारण यात्रा मार्ग पर जाम लगना आम बात हो गई है।
इससे श्रद्धालुओं को घंटों तक रुकना पड़ता है और उनकी यात्रा प्रभावित होती है। प्रशासन द्वारा व्यवस्थाएं की जा रही हैं, लेकिन भीड़ नियंत्रण अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
बुजुर्गों से ज्यादा युवाओं में दिख रहा उत्साह... केदारनाथ धाम यात्रा में इस बार बुजुर्गों की तुलना में युवाओं में अधिक उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में युवा श्रद्धालु ट्रैकिंग और धार्मिक आस्था के साथ यात्रा का आनंद लेने पहुंच रहे हैं।
सोशल मीडिया पर बन रही रील्स और वीडियो भी युवाओं को काफी आकर्षित कर रहे हैं। कई लोग खूबसूरत पहाड़ों, बर्फीले दृश्यों और मंदिर परिसर के वीडियो देखकर यात्रा के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर केदारनाथ यात्रा लगातार ट्रेंड कर रही है, जिससे युवाओं में रोमांच और भक्ति दोनों का उत्साह बढ़ा है। यही कारण है कि इस बार यात्रा में युवाओं की भागीदारी अधिक दिखाई दे रही है।
चारधाम यात्रा शुरू होने के लगभग 40 दिन बाद भी श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर उत्साह कम नहीं हो रहा है। प्रतिदिन केदारनाथ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है।
बाबा केदार के दर्शन करने वालों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है। करीब 9 लाख श्रद्धालु अब तक बाबा के दर्शन कर चुके हैं।
पुजारी का नियुक्ति को लेकर गहराया विवाद
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ मंदिर में पुजारी की नियुक्ति का विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में धाम के रावल भीमाशंकर लिंग ने श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी समेत प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बीते दिनों मंदिर समिति की ओर से जारी नियुक्ति आदेश को परंपराओं के विरुद्ध बताया है।
साथ ही आदेश वापस न लिए जाने पर ऊखीमठ स्थित वैराग्यपीठ (उषा मठ) में बेमियादी अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
पत्र में रावल ने कहा कि परंपरा के अनुसार केदारनाथ, मध्यमेश्वर, ओंकारेश्वर व विश्वनाथ मंदिर में पूजा के लिए चक्रवार हर साल पांच पुजारी नियुक्त होते हैं। इनमें से चार पुजारी इन चारों मंदिरों में पूजा की जिम्मेदारी संभालते हैं, जबकि एक पुजारी रिजर्व में रहता है। कहा कि वर्ष 2023 से पुजारी का एक पद रिक्त चल रहा है, जिस पर चेला परंपरा के अनुसार शांत लिंग की नियुक्ति की जानी थी।
इस संबंध में पिछले दो वर्षों में मंदिर समिति को कई पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन आज तक स्थायी नियुक्ति के आदेश जारी नहीं हुए। इसी के चलते शांत लिंग अस्थायी रूप से विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी में कार्यरत थे।
रावल का आरोप है कि उनकी संस्तुति के बिना बीती 27 मई को ईश्वर लिंग केदारनाथ के पुजारी नियुक्त कर दिए गए, जो धार्मिक परंपरा के साथ रावल के अधिकारों का भी उल्लंघन है। उन्होंने तीन दिन के भीतर नियुक्ति आदेश निरस्त करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि आदेश वापस नहीं लिए जाने पर वह ऊखीमठ स्थित वैराग्यपीठ में बेमियादी अनशन शुरू कर देंगे।
पत्र में रावल ने यह भी उल्लेख किया है कि उनके हृदय की शल्य चिकित्सा हुई है और उनकी आयु भी 70 वर्ष से अधिक है। ऐसे में किसी भी तरह की शारीरिक या मानसिक क्षति के लिए मंदिर समिति जिम्मेदार होगी। वहीं, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ का कहना है कि पुजारी का नियुक्ति संबंधी आदेश प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत जारी किया गया है।
तुंगनाथ में आकाशीय बिजली गिरी, दो सगे भाइयों की मौत
उत्तराखंड में तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से लखनऊ के दो सगे भाइयों की मौत हो गई। हादसे में एक पर्यटक घायल हुआ है, जबकि एक अन्य सुरक्षित पाया गया।
रुद्रप्रयाग के तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में शुक्रवार शाम अचानक मौसम ने करवट बदल ली। तेज आंधी-तूफान, बारिश और गर्जना के बीच आकाशीय बिजली गिरने से वहां मौजूद पर्यटक इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही प्रशासन ने डीडीआरएफ, एसडीआरएफ और 108 एम्बुलेंस सेवा की टीमों को मौके पर रवाना किया। बचाव दल ने प्रभावित पर्यटकों तक पहुंचकर राहत एवं रेस्क्यू अभियान चलाया। गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि अन्य पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया।
शुक्रवार शाम तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में मौसम अचानक खराब हो गया। तेज आंधी, बारिश और गर्जना के बीच आकाशीय बिजली गिरने से वहां मौजूद पर्यटक इसकी चपेट में आ गए। ऊंचाई वाले क्षेत्र में हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
एक भाई की मौके पर मौत, दूसरे ने अस्पताल में तोड़ा दम...हादसे में 19 वर्षीय अभिनव वाजपेई पुत्र संजीत कुमार, निवासी लखनऊ की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल उनके बड़े भाई 23 वर्षीय अभिषेक वाजपेई को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। दोनों सगे भाई तुंगनाथ क्षेत्र घूमने पहुंचे थे।
मंत्री हो या संत्री... सबको कटवानी पड़ेगी ~1100 की पर्ची
चारधाम यात्रा में बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में प्रोटोकॉल के तहत वीआईपी अतिथियों से दर्शन के लिए 1100 रुपये शुल्क लिया जाएगा। इस संबंध में बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने आदेश जारी कर दिए हैं। धामों में लाइन में लगने वाले श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन व भीड़ नियंत्रण के लिए बीकेटीसी ने यह निर्णय लिया है।
इन दिनों चारधाम यात्रा चरम पर है। बदरीनाथ व केदारनाथ में तीर्थयात्रियों की भीड़ उमड़ रही है। विभिन्न राज्यों से आने वाले तीर्थयात्री वीआईपी सिफारिश लेकर मंदिर परिसर के गेट नंबर दो पर पहुंच रहे हैं।
ऐसे में परिसर में भीड़ बढ़ने से अव्यवस्था पैदा हो रही है। बीकेटीसी ने सामान्य श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन को प्राथमिकता देते हुए मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) में संशोधन कर दिया है।
हेमंत द्विवेदी, अध्यक्ष, बीकेटीसी ने बताया कि अब प्रोटोकॉल के आधार पर वीआईपी अतिथियों के दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 1100 रुपये सहयोग राशि ली जाएगी। बीकेटीसी ने मंदिर परिसर से प्रोटोकॉल कार्यालय को नीलकंठ विश्राम गृह में स्थानांतरित कर दिया है।
प्रदेश सरकार से प्राप्त प्रोटोकॉल सूचना के आधार पर बीकेटीसी की ओर से दर्शन के लिए पर्ची जारी कर सहयोग राशि ली जाएगी।
प्रोटोकॉल में आने वाले अतिथियों के दर्शन में पारदर्शी व्यवस्था व सामान्य श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए बीकेटीसी ने सहयोग राशि लेने का निर्णय लिया है।
बीकेटीसी का मकसद लाइन में लगने वाले श्रद्धालुओं को कम समय में दर्शन कराना है।
ओवररेटिंग पर पुलिस सख्त, मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं के पैसे कराए वापस
केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर तीर्थयात्रियों से ओवररेटिंग करने वाले घोड़ा हॉकर्स के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। भीमबली क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस ने मध्य प्रदेश से आए श्रद्धालुओं से अवैध वसूली का मामला पकड़ा।
जानकारी के अनुसार नरसिंहपुर, करेली और इंदौर निवासी श्रद्धालु दिनेश विश्वकर्मा, राकेश पटेल, दीपक राय, निर्मला, संगीता गाडेकर और मालिनी रखूंदे से गौरीकुंड के पास कुछ घोड़ा हॉकर्स ने छह घोड़ों के लिए करीब 39,500 रुपये वसूल लिए।
यात्रियों को जिला पंचायत की कोई पर्ची भी नहीं दी गई थी। पूछताछ में पता चला कि प्रति सवारी पैंसठ सौ रुपये लिए गए, जबकि गौरीकुंड से केदारनाथ तक का सरकारी किराया 3,500 रुपये निर्धारित है।
पुलिस ने जब घोड़ा संचालकों से लाइसेंस मांगा तो उनके पास कोई वैध अनुमति नहीं मिली। जांच में सामने आया कि संबंधित घोड़े मालवाहक थे, जिन्हें अवैध रूप से सवारी ढोने में लगाया गया था।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए यात्रियों का पूरा पैसा वापस कराया तथा संबंधित हॉकर्स का 81 पुलिस एक्ट में चालान किया।
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