घणी सुणी हो... इंदर राजा: जिना दन टेर लगई; उका अगला दन से सलंग बरसी रियो झमाझम
KHULASA FIRST
संवाददाता

अहिल्या नगरी ही नहीं, मालवा-निमाड़ अंचल पर बरसी इंद्र देव की कृपा
बात भरोसे और विश्वास की, प्रार्थना में हो अंतर्मन से पुकार तो बरसती है अमृतमयी फुहार
30 जून को मनपूर्वक लगाई थी इंद्र देवता से गुहार, 7 दिन में बरस गया करीब 8 इंच पानी
मनुहार पर रीझे पानी भरे बादल, धरती के रीते कंठ को किया तरबतर, ताल-तलैया, नदी-सरोवरों में आया पानी
अरब सागर से आई नीरभरी सौगात से तरबतर हुआ मालवा अंचल, आने वाले दिन भी होंगे भीगे-भीगे
नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
घणी सुणी हो... म्हारा इंदर राजा। मन गद्गद् हुई ग्यो। मन से लगई थी तमारे टेर... अई जा हो... इंदर राजा। तमने झट् दनी से सुण ली। लाज राखी ली हो... जिणा दन टेर लगई, उका अगला दन सेई तम आ धमकी ग्या।
हमारे कईं पतो थो कि तम मनुहार कीज राह ताकी रिया था। सच बोलूं? तमारे खूब दुःखी हुई के गुहार लगई थी। तम अईं-वईं खूब भमि भी रिया था न बरसी भी रिया था, पण हम इंदौरवाला तरसी रिया था।
नद्दी-नाला सब रिता हुई ग्या था। बोरिंग होण भी टें बोली गया था। पण तमारा कईं अता-पता नी था। तम बद्दल होण के रोज भेजी तो रिया था, पण वी य्हां अई के कईं बी नी करी रिया था। तम दयालु हो, हो इंदर राजा।
इंद्रनगरी इंद्रेश्वर महादेव की अहिल्या नगरी को दुःख तमारा से देख्यो नी गयो। तम टेर लगताई अई बी गया, न रीझी भी गया। सबसे भली बात तो या कि तम जिना दन से आया, उना दन सेज सलंग बरसी रिया हो।
धरती को कलेजो ठंडो करी दियो तमने, न हमारो बी। अबी वी मौसम वाला बतई रिया हे कि तम आठ-पंद्रा दन यांज रेवोगा। या बात सुण हम खुश तो हां, पण हमारो केणो यो हे कि अईं-वईं जाणोई क्यों? पूरा चौमासा यांज रो नी?
पेलां भी तो रेता था कि नी? हमारा बाप-दादा होण का टेम? असो अब क्यों नी करो तम? अब अई ग्या हो तो यांज मालवा पेई डेरो डाल दो हो... इंदर राजा...!
बा त भरोसे की है। उस विश्वास की भी, जो इंसान व कुदरत के बीच रहता आया है या बनाया जाता है। प्रकृति से इंसान का नाता तो सृष्टि की रचना के साथ ही परस्पर गुंथा हुआ है। कुदरत तो उस रिश्ते को निर्दोष रूप में आज भी निभा रही है। वक्त पर ठंड आ जाती है।
तय समय पर ग्रीष्म ऋतु दस्तक दे देती है। भीगी-भीगी पावस ऋतु भी ज्यादा इंतजार नहीं करवाती। सब ऋतुएं अपने कर्त्तव्य-पथ पर मुस्तैद हैं। बस, हम इंसान ही नुगरे हो गए हैं। प्रकृति से नाता निभाने में बेईमान हो गए हैं। हम प्रकृति का दोहन नहीं, शोषण पर आमादा हो गए हैं। बावजूद इसके कुदरत से ये उम्मीद भी करते हैं कि सब मौसम वक्त पर आपके अंतस तक वह लेकर आए।
कितने कमजर्फ हैं न हम? जल-जंगल-जमीन... तीनों को जमींदोज कर हम 40-45 इंच बारिश और लबालब ताल-तलैया, नदी-सरोवर व नलकूप की आस करते हैं। हरियाली को उजाड़ते रहें। सीमेंट के जंगल खड़े किए जा रहे और उस पर पानी की आस?
देखा न इस बरस ही? जरा-सी बारिश की खेंच ने हम इंसानों के क्या हाल कर दिए थे? जून रूखा-सूखा होते ही सबकी पेशानी पर पसीना छलक आया था। मानसून पूर्व की होने वाली बारिश ने भी एक हद तक अहिल्या नगरी ही नहीं, मालवा अंचल से हाथ खींच लिए थे।
मौसम महकमा भी नित-नए दिन मानसून के भटकने के अंदेशे जाहिर कर रहा था। कभी अरब सागर तो कभी बंगाल की खाड़ी को दोष दे रहा था। अलनीनो के नाम पर एक बड़ा डर भी जन-जन के मन में भर दिया गया था। ऊपर से देशव्यापी भविष्यवाणी कि इस बार मानसून कमजोर रहेगा।
यानी सब कुछ विज्ञान के आधार पर प्रतिकूल। लेकिन प्रकृति का अपना एक अलग नजरिया है। वह विज्ञान जैसी ज्ञानी नहीं, न इंसान जैसी निष्ठुर। वह आज भी भोली है। निर्दोष है। तभी तो वह उस माटी-पुत्र की कारुणिक पुकार पर हर बरस रीझती है, जो तमाम दुनियावी प्रतिकूलताओं के बावजूद प्रकृति के नजदीक है। उसी के भरोसे है। उसी की कृपा पर उसका दाना-पानी है, जिंदगी है, बाल-बच्चे हैं, खेत-खलिहान हैं।
बस, इसी निर्दोष मन से कुदरत रीझती है। आसमान की तरफ टकटकी लगाए नयन उसे द्रवित करते हैं। हल से बखर दिए गए खेत उसे मजबूर करते हैं। सिर पर जल का कलश लेकर नंगे पांव देवालयों की तरफ बढ़ती माता-बहनों की कतारें उसे मजबूर करती हैं कि उसे बरसना है।
ग्रामीण समाज की वैशाख की चिलचिलाती धूप में पंचकोसी यात्रा किस निमित्त होती है? इस यात्रा के केंद्र में भी जोरदार बारिश की प्रार्थना शामिल रहती है। तब जाकर इंदर राजा की कृपा होती है।
शहरी समुदाय क्या करता है, पानी-बारिश के लिए? कोई प्रार्थना, कोई मन्नत, कोई उपवास, कोई पदयात्रा, कोई मनुहार, कोई गुहार, कोई टकटकी लगाए इंतजार? कुछ नहीं करता।
ऐसे में कोई तो हो, जो इंदर राजा से गुहार लगाए- अई जा हो... इंदर राजा। ऐसी गुहार-मनुहार आखिर कब तक ग्रामीण समाज, गांव, खेत करेंगे? शहर क्या करेगा? बारिश का सैर-सपाटा?
इंदौर-उज्जैन में आज अलर्ट, एमपी में भारी बारिश की चेतावनी... इंदौर में बीते सात दिन में करीब आठ इंच पानी बरस गया है। जून में धरती के बैंक में महज चार-सवा चार इंच बारिश थी।
8 जुलाई बुधवार तक ये आंकड़ा बढ़कर करीब 13 इंच पहुंचा है। जुलाई का शुभागमन न सिर्फ इंदौर, बल्कि पूरे मालवा-निमाड़ अंचल के लिए मनोनुकूल रहा है।
धार से लेकर झाबुआ व उज्जैन-रतलाम से लेकर मंदसौर-नीमच तक झमाझम चल रही है। निमाड़ में भी मनावर, कुक्षी, अंजड़, बड़वानी, खरगोन, धामनोद, धरमपुरी में जोरदार बारिश हो रही है।
खंडवा और आसपास तो बाढ़ जैसे हालात हैं। मोरटक्का के पुल को छूते हुए माई नर्मदा भी प्रवाहमान हो रही हैं। पूरे प्रदेश में मानसून जमकर बरस रहा है। नदियां उफान पर हैं। मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक अगले 4 दिन प्रदेश में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है।
यानी 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। बुधवार को प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं जबलपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, धार, झाबुआ, मंदसौर, नीमच में भारी बारिश हो सकती है।
संबंधित समाचार

श्रेय लेने की होड़ में भिड़े कांग्रेस भाजपा नेता:कांग्रेस विधायक कार्यक्रम छोड़कर हुए रवाना

देवकीनंदन ठाकुर के बेटे की ट्रोलिंग पर धीरेंद्र शास्त्री नाराज:बोले- संतान को पिता का पेशा चुनने का अधिकार

प्राकृतिक आपदा ने तोड़ी किसानों की कमर:केले की फसल नष्ट होने के बाद भी नहीं मिला मुआवजा

मेहंदी से लिखा सुसाइड नोट:जहर खाकर विवाहिता ने की आत्महत्या

एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 का शुभारंभ मुख्यमंत्री करेंगे:देश-विदेश के उद्योग जगत, निवेशकों और नीति विशेषज्ञों का होगा संगम; जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में निवेश को मिलेगा बढ़ावा

यूसीसी पर पूर्व डीजीपी का विवादित बयान:बोले; 'सभी समुदायों की सहमति के बिना लागू नहीं किया जा सकता', संहिता के प्रस्तावित स्वरूप पर उठाए सवाल

वीडियो देखिये, मां-बेटे की संदिग्ध मौत से सनसनी:गांव की काकड़ पर मिले शव; जहरीले पदार्थ की बोतल बरामद

ओमान तट के पास व्यापारी जहाज पर हमला:11 भारतीय सवार; 10 सुरक्षित, एक अब भी लापता

वीडियो देखिये, स्नैचिंग करने वाले दो बदमाश गिरफ्तार:पांच मोबाइल और एक्टिवा स्कूटी जब्त; शौक पूरे करने के लिए करते थे वारदात, कई थाना क्षेत्रों में किया अपराध

नशे में धुत युवक ने नदी में लगाई छलांग:लोगों ने उसे सुरक्षित बाहर निकाला; पुलिस ले गई थाने

अभिनेत्री मौत मामला:जिम बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू; फॉरेंसिक रिपोर्ट जांच एजेंसी को सौंपी,सीलबंद लिफाफे में भेजी गई

इतने शिक्षकों का अटैचमेंट खत्म:इन दफ्तरों से हटाकर स्कूल भेजे जाएंगे; इतने जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश, विधानसभा में सवाल उठने के बाद हुई कार्रवाई

वीडियो देखिये, टिकट नहीं मिलने पर क्या बोले नरोत्तम मिश्रा:पार्टी से बड़ा कोई व्यक्ति नहीं; मैं समर्पित कार्यकर्ता की तरह काम करूंगा

वीडियो देखिये, बद्रीनाथ मंदिर मामले पर क्या बोले आध्यात्मिक गुरु:तुरंत जांच के आदेश दिए गए; दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

विकसित भारत 2047 में एमपी निभाएगा बड़ी भूमिका:माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव में गूंजा विकसित मध्य प्रदेश का संकल्प

कलेक्टर के सख्त निर्देश:इस तारीख तक पूरे हों निर्माण कार्य; वीआईपी दर्शन पर सख्ती, सवारी मार्ग पर खुले बिजली तार हटाने के निर्देश

वीडियो देखिये, प्रदेश हुआ नक्सल मुक्त:बीएसएफ के दो जवानों को राज्य सरकार देगी इतने लाख रुपये; मुख्यमंत्री ने की सराहना

जहां नदियों की धारा के साथ मिलता है सुरक्षा बलों का हौसला:दुमैल का बर्फीला संगम

अब एक दिन में होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन:मीनामर्ग से 6 किमी का तीसरा मार्ग बनाने की तैयारी

हिस्ट्री ने किया नाना की काली करतूतों का खुलासा:ड्रग्स, सट्टे और लड़कियों का एडिक्ट है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का भाई
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!