दूषित पानी कांड की रिपोर्ट में अफसरों पर गिरी गाज!: टेंडर में देरी को माना बड़ी वजह; एमआईसी और जनप्रतिनिधियों को क्लीन चिट
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
दिसंबर 2025 में सामने आए भागीरथपुरा दूषित पानी कांड की जांच रिपोर्ट में अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर टिप्पणियां सामने आई हैं।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा गठित एक सदस्यीय जांच कमेटी ने पाइपलाइन बदलने के काम में देरी और टेंडर प्रक्रिया में लापरवाही को घटना की प्रमुख वजह माना है।
हाईकोर्ट की ओर से गठित कमेटी की रिपोर्ट फिलहाल गोपनीय है और सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि, रिपोर्ट से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी सामने आई है।
रिपोर्ट में अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं, जबकि एमआईसी और किसी भी जनप्रतिनिधि को घटना के लिए जिम्मेदार नहीं माना गया है। जांच में करीब 20 लाख रुपए मुआवजे की अनुशंसा किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में हुई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने 27 जनवरी को रिटायर्ड जस्टिस सुशील गुप्ता की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच दल गठित किया था। जांच पूरी होने के बाद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट करीब एक सप्ताह पहले हाईकोर्ट में जमा की।
रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है। संबंधित याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता रजिस्ट्रार के समक्ष रिपोर्ट देख सकते हैं। रिपोर्ट में सामने आए बिंदुओं के मुताबिक, जांच का मुख्य फोकस पाइपलाइन बदलने में हुई देरी और उससे जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया पर रहा।
टेंडर में देरी को माना घटना की बड़ी वजह
जांच में सामने आया कि पाइपलाइन बदलने का काम समय पर पूरा हो जाता तो दूषित पानी की समस्या पैदा होने की संभावना कम हो सकती थी। कमेटी ने टेंडर प्रक्रिया में हुई देरी को गंभीरता से लिया है।
रिपोर्ट में मुख्य रूप से जल विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। इसमें मुख्य कार्यपालन यंत्री जल विभाग संजीव श्रीवास्तव की भूमिका का उल्लेख करते हुए लापरवाही की बात कही गई है।
इसके अलावा तत्कालीन अपर आयुक्त आईएएस रोहित सिसोनिया के कार्यकाल में टेंडर प्रक्रिया में हुई देरी का भी उल्लेख रिपोर्ट में होने की जानकारी है।
तत्कालीन अपर आयुक्त संदीप सोनी की भूमिका और लापरवाही का भी जिक्र किया गया है। एस. प्रजापति समेत अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच में चर्चा की गई है।
पूर्व निगमायुक्तों को क्लीन चिट
रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व निगमायुक्त दिलीप यादव और शिवम वर्मा की भूमिका को लेकर भी जांच की गई। दोनों को मामले में क्लीन चिट दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
वहीं, जांच में एमआईसी और किसी जनप्रतिनिधि को दोषी नहीं माना गया है। यानी कमेटी की रिपोर्ट का मुख्य फोकस अधिकारियों की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक स्तर पर हुई देरी पर रहा है।
20 लाख रुपए मुआवजे की अनुशंसा
रिपोर्ट में प्रभावित परिवारों के लिए करीब 20 लाख रुपए मुआवजे की अनुशंसा किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
हालांकि, रिपोर्ट गोपनीय होने के कारण इसके विस्तृत निष्कर्ष और अनुशंसाओं की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है।
रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
इधर, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और याचिकाकर्ता प्रमोद द्विवेदी व महेश गर्ग की ओर से अधिवक्ताओं ने इंटरविनर याचिका दायर की है। अधिवक्ता रितेश इनानी की ओर से भी याचिका प्रस्तुत की गई है।
याचिकाओं में मामले की अन्य याचिकाओं से अलग सुनवाई, लाइव स्ट्रीमिंग शुरू करने, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इन मांगों पर अगली सुनवाई में पक्षकारों की ओर से दलीलें रखी जाएंगी।
फिलहाल जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में है। रिपोर्ट सार्वजनिक होने या अदालत में उस पर विस्तार से सुनवाई के बाद ही इसके सभी निष्कर्ष आधिकारिक रूप से स्पष्ट हो सकेंगे।
संबंधित समाचार

युवाओं पर कांग्रेस का फोकस:‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी हो सकते हैं शामिल

पहले दोस्ती, फिर युद्ध की कहानी:विदेशी डॉक्टर ने रिटायर्ड प्रिंसिपल से ऐंठे लाखों; पुुलिस जांच में जुटी

जन्म के 24 घंटे में ही पकड़ में आ जाएगी बीमारी:अस्पताल में शुरू होगी न्यूबोर्न स्क्रीनिंग; केंद्र सरकार की मदद से बढ़ेंगी सुविधाएं

हत्या के आरोपियों का जुलूस:मौका मुआयना कराने ले गई पुलिस; पिटाई का वीडियो वायरल, 7 आरोपी गिरफ्तार

15 मिनट की मुलाकात, कई सवाल:मुख्यमंत्री और लालवानी की बातचीत पर सियासी नजरें;एयरपोर्ट पर दोनों की वन-टू-वन चर्चा

निलंबित सीएसपी पर 10 हजार का इनाम:लुकआउट नोटिस जारी; जमीन सौदा मामले में बढ़ी मुश्किलें

सरकारी आदेश ही फर्जी निकला:पक्षकार को फायदा पहुंचाने वकील ने रचा फर्जीवाड़ा, एफआईआर दर्ज

निर्माणाधीन बिल्डिंग में युवती से दरिंदगी:विरोध किया तो पीटा; चीखें सुनकर पहुंचे लोग, आरोपी गिरफ्तार

देखिए वीडियो:डिलीवरी के दौरान मां-बच्चे की मौत; 4 कर्मचारी सस्पेंड, 5 सदस्यीय कमेटी करेगी इलाज की जांच; 3 दिन में रिपोर्ट

मंदाकिनी ने मचाई तबाही:30 फीट उफान में बहा रामघाट का पुल; शहर हुआ जलमग्न

पैकेट पर दिखेगा लाल निशान:ज्यादा नमक-शक्कर और फैट से मिलेगा अलर्ट; FSSAI ने सुप्रीम कोर्ट को दिया चेतावनी लेबल का प्रस्ताव

ढाबे बने शराबखोरी के अड्डे:वायरल वीडियो से खुलासा; नशे में युवक-युवतियां करते दिखे हंगामा, पुलिस पर उठे सवाल

तीन पिस्टल के साथ यूपी का युवक गिरफ्तार:डील होते ही डिलीवरी देने जा रहा था; दो मैगजीन भी मिलीं

करोड़ों की ड्रग्स डील का आरोपी गिरफ्तार:5 साल से दे रहा था चकमा; कोर्ट परिसर से क्राइम ब्रांच ने दबोचा

सुअर को बचाने में अनियंत्रित हुई बाइक:सड़क पर गिरी मासूम; जन्मदिन से 2 दिन पहले मौत

चापलूसी से पद और नेतावाद का कब्जा:भाजपा महिला मोर्चा में नई नियुक्ति पर फूटा पूर्व नगर अध्यक्ष का गुस्सा; सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट होने के बाद भी सियासत गर्म

सीएम मोहन यादव बोले:‘कांग्रेस राज में मंत्री की हत्या हुई; हमने बालाघाट से माओवाद खत्म किया, अब बैगा अंचलों में विकास पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती

15 साल बाद रोहिणी नक्षत्र में मनेगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव:जन्माष्टमी पर होगा दुर्लभ संयोग; मंदिरों में होंगे विशेष आयोजन

एक थे ‘रबड़ी' गुरु एक थे ‘सन्नू' गुरु:एमडी ड्रग में बदनाम वर्तमान के इंदौर में कभी था मनुक्का का ‘आयुर्वेद आनंद’

देखिए वीडियो:तबाही लाने वाले ग्लेशियर टूटने के खौफनाक दृश्य का खुलासा; 800 मीटर लंबा बर्फीला हिस्सा भरभराकर गिरा, 633 मौतें, 2500 लापता
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!