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करोड़ों डकार गए अफसर-ठेकेदार: 10 साल बाद भी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे कछालिया गांव के रहवासी

KHULASA FIRST

संवाददाता

20 मई 2026, 7:25 pm
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करोड़ों डकार गए अफसर-ठेकेदार

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट के विधानसभा क्षेत्र सांवेर में जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजना का सरकारी तंत्र ने मखौल बना दिया है। विभागीय दावों के उलट मंत्री के अपने ही क्षेत्र की ग्रामीण जनता पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रही है।

सांवेर के ग्राम कछालिया में पेयजल संकट दूर करने के नाम पर दस साल से ढाई करोड़ की लागत से पानी की टंकी का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज तक ग्रामीणों को पीने का साफ पानी नसीब नहीं हुआ है। इस भीषण गर्मी में पूरा गांव पानी की भारी किल्लत से जूझ रहा है और लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए पड़ोस के गांवों पर निर्भर हैं।

सरकारी खजाने से मेंटेनेंस और निर्माण के नाम पर दो-दो बार करोड़ों की राशि आहरित की जा चुकी है, लेकिन धरातल पर काम पूरी तरह ठप पड़ा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से इस पूरे प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं लांघ दी गई हैं।

हद तो तब हो गई जब विभाग ने कागजों पर काम को पूरा दिखाकर और झूठी एनओसी जारी करके शासन-प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने का काम किया। वहीं दूसरी ओर, जिला पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी भी इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह मूकदर्शक बने हुए हैं।

सरकारी राशि का खुलेआम बंदरबांट
जिला पंचायत अधिकारियों की घोर लापरवाही और लचर मॉनिटरिंग के कारण ही ठेकेदारों के हौसले बुलंद हैं और सरकारी राशि का खुलेआम बंदरबांट किया जा रहा है। इस पानी घोटाले और प्रशासनिक उदासीनता से तंग आकर अब कछालिया के ग्रामीणों का सब्र पूरी तरह टूट चुका है।

ग्रामीणों ने 18 मई को अनुविभागीय अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर साफ चेतावनी दी है कि यदि 22 मई तक दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई कर गांव में पानी की सप्लाई शुरू नहीं की गई तो ग्रामीण 24 मई को सुबह 10 बजे से कछालिया चौराहे पर सांवर-देपालपुर रोड जाम कर देंगे।

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