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केदारनाथ धाम यात्रा में दर्शनार्थियों की संख्या 4 लाख पार: राज्य सरकार और प्रशासन ने की व्यापक व्यवस्थाएं

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 मई 2026, 5:26 pm
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केदारनाथ धाम यात्रा में दर्शनार्थियों की संख्या 4 लाख पार

खुलासा फर्स्ट, देहरादून।
यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता, यातायात, पार्किंग और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाएं लगातार सुदृढ़ की जा रही हैं। जिला प्रशासन यात्रा मार्ग और धाम क्षेत्र में निरंतर निगरानी रख रहा है।

प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा अनुभव प्रदान करना है। जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से मौसम की जानकारी लेकर यात्रा करने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

तीस लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके पंजीकरण
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा, बीते वर्ष की तुलना में इस बार चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की नया रिकॉर्ड बनाएगी। यात्रा के लिए बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पंजीकरण कर रहे हैं।

यात्रा मार्गों पर जीएमवीएन के विश्राम गृहों में अब तक नौ करोड़ की बुकिंग हो चुकी है। महाराज ने बताया कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गढ़वाल मंडल विकास निगम के विश्राम गृहों में 16 फरवरी 2026 से ऑनलाइन बुकिंग शुरू की गई थी।

अब तक 9.9 लाख की बुकिंग हो चुकी है। यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से 30 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं।

यात्रा के दौरान क्यूआर कोड चेकपोस्ट पर स्कैन होगा और बिना पंजीकरण वाले यात्रियों को वापस भेजा जाएगा। कहा कि 50 साल से अधिक आयु वाले श्रद्धालु हेल्थ स्क्रीनिंग सेंटर पर जांच अवश्य कराएं।

उन्होंने तीर्थयात्रियों से आग्रह किया कि धामों में स्वच्छता बनाने में सहयोग करें। धामों की पवित्रता बनाए रखना हम सभी जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी ने केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया:श्रद्धालुओं से संवाद कर फीडबैक लिया... जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम पहुंचकर देर रात यात्रा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

उन्होंने यात्रा के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए विभिन्न सुविधाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इन दिनों केदारनाथ धाम यात्रा में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं।

यात्रा के शुरुआती दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या 3 लाख 82 हजार के पार पहुंच गई है। जिलाधिकारी ने धाम में मौजूद श्रद्धालुओं से सीधे संवाद किया और यात्रा व्यवस्थाओं पर उनका फीडबैक लिया। तीर्थयात्रियों ने दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने मंदिर परिसर, दर्शन लाइन, विद्युत व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और साफ-सफाई का गहन निरीक्षण किया।

उन्होंने अधिकारियों को यात्रा अवधि के दौरान हर व्यवस्था पर सतत निगरानी रखने और किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने केदारनाथ धाम में निर्मित अस्पताल का भी निरीक्षण किया।

उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सकीय उपकरणों और दवाओं की स्थिति की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रखने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे श्रद्धालुओं से भी बात की और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं पर उनकी संतुष्टि जानी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएं।

केदारनाथ धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 4 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। 8 मई को शाम 5 बजे तक कुल 4,01,748 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। इसी दिन, यानी 8 मई को, 19,466 श्रद्धालुओं ने श्री केदारनाथ धाम में दर्शन किए।

देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए धाम पहुंच रहे हैं। राज्य सरकार और जिला प्रशासन द्वारा यात्रा के सफल संचालन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के नेतृत्व में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सुदृढ़ व्यवस्थाओं से गद् गद् श्रद्धालु
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगमता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए हैं। तीर्थयात्री इन प्रबंधाें की सराहना कर रहे हैं।

यात्रा मार्ग से लेकर धाम परिसर तक पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा, सुरक्षा एवं दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं का यात्रा अनुभव सुखद एवं संतोषजनक बन रहा है।

गाजियाबाद के वैशाली निवासी श्रद्धालु मोनिका वर्मा ने बताया कि पैदल मार्ग से यात्रा करने के दौरान उन्हें हर आवश्यक सुविधा सुलभ रूप से उपलब्ध हुई। उन्होंने कहा कि मार्ग पर पेयजल, खाद्य सामग्री, स्वच्छ शौचालय एवं साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था है।

उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा से पूर्व उन्हें कुछ भ्रामक सूचनाओं के कारण चिंता थी, लेकिन धाम पहुंचने पर उन्होंने पाया कि प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से की गई हैं।

उन्होंने अन्य श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और निश्चिंत होकर यात्रा करें। अंबाला निवासी श्रद्धालु आकाश ने कहा कि वह प्रतिवर्ष बाबा केदार के दर्शन हेतु आते हैं और इस वर्ष की व्यवस्थाएं पूर्व वर्षों की तुलना में और अधिक सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित हैं।

उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से समान रूप से दर्शन कराए जा रहे हैं तथा वीआईपी व्यवस्था का अभाव है, जिससे सभी को समान अवसर मिल रहा है। इसके लिए प्रशासन द्वारा प्रभावी बैरिकेडिंग एवं प्रबंधन किया गया है।

बद्रीनाथ को स्प्रिचुअल हिल टाउन के रूप में विकसित करने की योजना बना रही सरकार
राज्य सरकार बद्रीनाथ धाम काे स्प्रिचुअल हिल टाउन के रूप में विकसित करने की कार्य योजना तैयार कर रही है। यहां मास्टर प्लान के तहत सौंदर्यीकरण, सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थलों को विकसित कियाजा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष बुधवार को सचिवालय में पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के अंतर्गत चल रहे कार्यों की जानकारी साझा की।

बैठक में सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया गया कि बद्रीनाथ को एक आध्यात्मिक स्मार्ट हिल टाउन के रूप में विकसित करने के लिए बहु-आयामी और चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य तीर्थयात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ दिव्य और व्यवस्थित अनुभव देना है।

उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान के तहत क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थलों को विशेष रूप से विकसित किया जा रहा है।

देव दर्शनी पॉइंट को इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को यहां से बद्रीनाथ धाम के प्रथम दर्शन एक भव्य और दिव्य रूप में प्राप्त हो सकें।

वहीं बद्रीनारायण चौक को एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं और आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे।

बद्रीनाथ धाम में आईएसबीटी वॉल पर स्थानीय कला एवं धार्मिक विषयों पर आधारित भित्ति चित्रों के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।

वसुधा वाटिका कलाकृति के माध्यम से प्रकृति, आध्यात्मिकता और उत्तराखंड की पारंपरिक कला का समावेश करते हुए आकर्षक लैंडस्केप तैयार किए जायेंगे।

मास्टर प्लान में भगवान विष्णु से जुड़े प्रतीकों को भी प्रमुखता दी गई है, जिनमें पाञ्चजन्य शंख, कौमोदकी गदा, सुदर्शन चक्र, वैकुंठ द्वार जैसी भव्य कलाकृतियों का निर्माण किया जायेगा, जोन केवल धार्मिक महत्व को दर्शायेंगे, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेंगे।

इसके साथ ही शेषनेत्र कलाकृति और पंच तत्व थीम पर आधारित संरचनाएं आध्यात्मिक ऊर्जा और भारतीय दर्शन को दर्शाने का कार्य करेंगी।

भगवान राम व कृष्ण पर आधारित रामायण एवं महाभारत कालीन प्रतीकों का इसमें समावेश किया गया है। दिया आरती स्थल के विकास की योजना भी तैयार की गई है, ताकि यहां आयोजित होने वाली आरती श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव बने।

वहीं पूरे क्षेत्र में स्ट्रीटस्कैप का विकास कार्य किया जाना भी प्रस्तावित है, जिसके तहत आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से पैदल मार्ग, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाएं, साइनेज और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य कराये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बद्रीनाथ धाम के दिव्य स्वरूप को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए इस मास्टर प्लान में सभी आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित किये जायें। साथ ही स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाए।

उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों के माध्यम से बद्रीनाथ में न केवल आध्यात्मिक वातावरण सुदृढ़ होगा, बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा दी जा सकेगी।

परियोजना के पूर्ण होने पर बद्रीनाथ एक ऐसे आदर्श स्थल के रूप में स्थापित होगा, जहां आस्था, आधुनिकता और प्रकृति का संतुलित संगम देखने को मिलेगा।

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