खबर
Top News

खाता न बही: मोटाभाई ने बोला वह सही नहीं; एमपी रह गया ठन-ठन गोपाल

Khulasa First

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 जुलाई 2026, 2:53 pm
शेयर करें:
खाता न बही

मध्यप्रदेश के हिस्सेमें आई सिर्फ 'डूब' और गुजरात ले गया 'मलाई'

'नर्मदा' का सियासीचीरहरण: गुजरात की राजनीतिक जिद के आगे क्यों 'ठन-ठन गोपाल' रह गया मप्र?

कागजों पर हिसाब बंद, घाटी में न्याय अधूरा: ~231 करोड़ के 'समझौते' में एमपी की बर्बादी का हिसाब कौन देगा?

डॉ. संतोष पाटीदार 93400-81331 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जो फैसला नर्मदा जल विवाद का पंचाट ( ट्रिब्यूनल) 30 वर्ष में नहीं कर पाया, मोटाभाई ने करवा दिया। काश! ऐसा कुछ पिछली सदी के अंतिम वर्षों में हो जाता तो माई नर्मदा का ऐसा राजनीतिक चीरहरण नहीं होता।

तब इस समय जैसी करोड़ों रुपए की घट-बढ़ नहीं करना थी, तब तो बांध की ऊंचाई वर्तमान 455 फीट की बजाए महज 410 या 436 फीट करने की गुहार मप्र ने लगाई थी लेकिन गुजरात की राजनीति ने ऐसा नहीं होने दिया।

वैसा होता तो अभी जो गुजरात के लिए 550 करोड रुपए का वित्तीय भार उठाना पड़ रहा है, नहीं उठाना पड़ता।

उस समय ऊंचाई कम करने की मांग प्रदेश के सभी राजनीतिक दलों और उनके प्रमुख नेताओं ने उठाई थी। मोटाभाई होते तो मप्र में डूब क्षेत्र बहुत कम रह जाता। लेकिन गुजरात के नेताओं की राजनीतिक जिद ने किसी की नहीं सुनी।

मां नर्मदा की पुकार भी नही सुनी गई और चिर कुंवारी नर्मदा को वेद पुराणों का सम्मान किए बिना बांध दिया गया। नर्मदा मृतप्राय हो गई। सब कुछ वेद पुराण शास्त्र धर्म संस्कृति के विरुद्ध होता चला गया। न नर्मदा नदी रही न उसकी इकोलॉजी, पर्यावरण, इकोनॉमी, संस्कृति, देवालय, भूगोल, भूगर्भ न हरी-भरी चुनरी न पिता मेकल पर्वत की गोद जैसी पर्वतमाला, उर्वर भूमि के साथ प्रागैतिहासिक काल की संपदा एवं वनवासियों के प्रकृति का आवास उनके देवी-देवता, उनके जंगल बच सके।

मूल्यांकन तो इस सब का भी जरूरी है जो ढाई सौ करोड नहीं इससे कई गुना ज्यादा बैठता है। इसकी गणना क्यों नहीं की गई ?

जमाना इकोलॉजी मूल्यांकन और कार्बन क्रेडिट का है तो फिर इसका हिसाब कौन लगाएगा?

गुजरात की राजनीति, उसके पूंजीपतियों के उद्योगों के पानी, सिंचाई पेयजल आदि के लिए और पानी की राजनीति के लिए थी। मप्र की भरपूर प्राकृतिक संपदा, संस्कृति, खेत-खलिहान, गांव सब कुछ चुनावी राजनीति की बलि चढ़ गए।

गुजरात के आगे नहीं चली मप्र की... ऐसा नहीं था गुजरात की मनमानी को प्रदेश में स्वीकार कर लिया हो, बांध बनाने का जबरदस्त विरोध हुआ और नर्मदा बचाने वाले निमाड़वासी और प्रदेश के नागरिक व मीडिया, विकास और देश विरोधी तक कहे गए बावजूद नर्मदा को बचाने के लिए 1991 के दौर में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल ने बांध की ऊंचाई 410 फीट करने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी।

उसके बाद फिर प्रदेश के सभी राजनीतिक दलों ने प्रदेश को बचाने के लिए 436 फीट की ऊंचाई के लिए प्रयास किए लेकिन गुजरात की राजनीति ने यह सब नहीं होने दिया। यदि गुजरात बांध की ऊंचाई को लेकर मप्र पर रहम करता तो चिरकुंवारी जीवन और मोक्षदायिनी बनी रहती और इन दिनों सांस्कृतिक पुनर्जागरण के सोशल मीडियाई, माई नर्मदा की परकमम्मा उठाने वाले या परिक्रमावासी आज जैसी नर्मदा माई की बजाए काफी हद तक हरी-भरी और समृद्ध नर्मदा का पुण्य पाते।

अनेक कसौटियों पर कसा जाना है समझौता... पर्यावरण वैज्ञानिकों का तर्क है सरदार सरोवर परियोजना से सबसे अधिक डूब, विस्थापन, वन और राजस्व भूमि का नुकसान मप्र ने झेला।

पुनर्वास और पर्यावरणीय दायित्वों पर अभी भी प्रश्न उठ रहे हैं इसलिए वित्तीय समझौते का मूल्यांकन केवल रकम नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों के न्याय और पुनर्वास के साथ उसकी अकूत प्राकृतिक संपदा के नुकसान के आधार पर भी होना चाहिए।

इसलिए यह समझौता केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और संघीय संतुलन की कसौटी पर भी परखा जाएगा।

आने वाले समय में सबसे बड़ा प्रश्न यही रहेगा क्या यह समझौता केवल सरकारी खातों का हिसाब बंद करता है, या नर्मदा घाटी के प्रभावित लोगों के अधूरे न्याय का भी समाधान प्रस्तुत करता है। बांध की अधिकतम (फुल रिजर्वायर लेवल – एफआरएल) ऊंचाई 138.68 मीटर (455 फीट) है।

अंतिम चरण में ऊंचाई बढ़ाने और गेट बंद कर जलाशय को इस स्तर तक भरने की अनुमति जून 2017 में मिली, और सितंबर 2017 में इसका राष्ट्र को समर्पण किया गया।

1979 में नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण ने जल-बंटवारे के साथ-साथ सरदार सरोवर परियोजना की लागत-साझेदारी की व्यवस्था भी तय की थी। ट्रिब्यूनल के अनुसार बांध गुजरात में स्थित है, लेकिन इसका जलाशय ऊपरी तटवर्ती राज्यों मप्र और महाराष्ट्र की भूमि को डुबोता है।

इसी आधार पर गुजरात पर पुनर्वास और भूमि-अधिग्रहण की लागत में बड़ा हिस्सा वहन करने की जिम्मेदारी डाली गई थी लेकिन दशकों तक लागत-बंटवारे, पुनर्वास व्यय और मुआवजे को लेकर चारों राज्यों के बीच सहमति नहीं बन पाई।

गुजरात को लगभग ₹553.43 करोड़ सहभागी राज्यों से प्राप्त होंगे। इसमें मध्य प्रदेश का हिस्सा लगभग ₹231.80 करोड़ बताया गया है। शेष राशि अन्य सहभागी राज्यों (महाराष्ट्र और राजस्थान) के हिस्से से जुड़े समायोजन का भाग है। इसलिए यह कहा जाए ‘मप्र’ गुजरात को ₹550 करोड़ देगा", तो उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह सही नहीं है।

सही बात है गुजरात को कुल ₹553.43 करोड़ मिलने हैं, जिनमें मप्र का दायित्व लगभग ₹231.80 करोड़ बताया गया है। दूसरी ओर, प्रदेश सरकार का दावा है इस समझौते से राज्य को बड़ी राहत मिली क्योंकि पहले चल रहे हजारों करोड़ रुपए के विवाद का निपटारा हुआ और राज्य का वास्तविक भुगतान काफी कम है।

संबंधित समाचार

हजारों महिलाओं ने किया सीएम हाउस कूच
Top News

हजारों महिलाओं ने किया सीएम हाउस कूच:मंत्री के बंगले के सामने घंटों बैठी रही; 10 नवंबर तक का दिया अल्टीमेटम

12 minutes ago
कम बारिश से जलसंकट का खतरा
Top News

कम बारिश से जलसंकट का खतरा:पानी बचाने महापौर पुष्पमित्र भार्गव की शहरवासियों से अपील

12 minutes ago
देखिए वीडियो, प्रदर्शन को लेकर पीसीसी चीफ का पीएम पर हमला
Top News

देखिए वीडियो, प्रदर्शन को लेकर पीसीसी चीफ का पीएम पर हमला:बोले; विरोध को जितना दबाएंगे, उतनी ताकत से उठेगी आवाज

21 minutes ago
गुलाब जामुन फैक्ट्री और मामाजी गृह उद्योग सील
Top News

गुलाब जामुन फैक्ट्री और मामाजी गृह उद्योग सील:त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर खाद्य सुरक्षा विभाग सख्त शिकंजा, कई रेस्टोरेंट पर छापे

22 minutes ago
व्यवस्था..क्रिकेट मैच के लिए बदलेगा ट्रैफिक
Top News

व्यवस्था..क्रिकेट मैच के लिए बदलेगा ट्रैफिक:तीन रास्ते रहेंगे बंद

29 minutes ago
देखिए वीडियो, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को कांग्रेस का समर्थन
Top News

देखिए वीडियो, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को कांग्रेस का समर्थन:ये नेता बोले; मांगों के साथ खड़ी है पार्टी, सरकार पर लगाया अनदेखी का आरोप

39 minutes ago
जंतर-मंतर नहीं पहुंच पाए प्रदर्शनकारी
Top News

जंतर-मंतर नहीं पहुंच पाए प्रदर्शनकारी:शीर्ष नेता हिरासत में; 3000 समर्थक पकड़े गए, 38 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात

about 1 hour ago
कांग्रेस ने पटाखा दुकानों के किराए का भी मांगा हिसाब
Top News

कांग्रेस ने पटाखा दुकानों के किराए का भी मांगा हिसाब:राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए 14 लाख शुल्क वसूली और भाजपा के कार्यक्रम को छूट देने पर उठाए सवाल

about 1 hour ago
गोवंश वध के मामले में इतने आरोपी गिरफ्तार
Top News

गोवंश वध के मामले में इतने आरोपी गिरफ्तार:वारदात में इस्तेमाल बाइक जब्त; कलेक्टर और एसपी ने दिए थे जांच के निर्देश

about 1 hour ago
350 करोड़ की बेशकीमती जमीन का मामला
Top News

350 करोड़ की बेशकीमती जमीन का मामला:भूमाफिया के पक्ष में आया फैसला; प्रशासन की भूमिका पर सवाल

about 1 hour ago
अवैध वसूली करने वाले 4 वनकर्मी सस्पेंड
Indore

अवैध वसूली करने वाले 4 वनकर्मी सस्पेंड:रेंज में कर दिया लाइन अटैच

about 1 hour ago
इस शहर के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान
Top News

इस शहर के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान:डेढ़ घंटे में पूरा होगा सफर; विंटर शेड्यूल में शुरू होगी विमान सेवा

about 1 hour ago
पूछेंगे एसआईआर के समय फॉर्म जमा क्यों नहीं किया
Top News

पूछेंगे एसआईआर के समय फॉर्म जमा क्यों नहीं किया:आज से बीएलओ जाएंगे घर-घर

about 1 hour ago
लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई
Top News

लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई:इतने परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवा समाप्त; इतने निलंबित

about 1 hour ago
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिया कानूनी झंझटों से बचाने का भरोसा
Top News

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिया कानूनी झंझटों से बचाने का भरोसा:स्वामित्व योजना में पूरा सहयोग करेंगे पटवारी

about 1 hour ago
सड़कों पर कीलें लगाकर  कॉकरोचों को रोक लिया
Indore

सड़कों पर कीलें लगाकर कॉकरोचों को रोक लिया:सड़कों पर कीलें लगाकर कॉकरोचों को रोक लिया

about 1 hour ago
भीषण सड़क हादसा
Top News

भीषण सड़क हादसा:बेकाबू बस ने तीन छात्राओं को कुचला; दो की मौत, एक गंभीर, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

about 1 hour ago
सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर ऑनलाइन सामूहिक तर्पण
Top News

सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर ऑनलाइन सामूहिक तर्पण:कई देशों से जुड़े श्रद्धालु

about 1 hour ago
जेल में कभी भी हो सकता है सोना गबन करने वाले ठगों पर प्राणघातक हमला
Top News

जेल में कभी भी हो सकता है सोना गबन करने वाले ठगों पर प्राणघातक हमला:ऑनलाइन बैटिंग करवाने वाला सटोरिया और हवाला कारोबारी आरोपियों की बैरक बदलने का अधिकारियों पर बना रहा है दबाव

about 2 hours ago
गिरफ्तारी का सताया डर
Top News

गिरफ्तारी का सताया डर:कोर्ट में पेश हो गई आरोपी रुपाली जैन

about 2 hours ago

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!