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नौ बीघा जमीन ‘गन पॉइंट’ पर कब्जाई: पितृ देवता का मंदिर तोड़ा; कोर्ट में मामला लंबित, फिर भी दबंगों का तांडव

KHULASA FIRST

संवाददाता

18 फ़रवरी 2026, 5:32 pm
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नौ बीघा जमीन ‘गन पॉइंट’ पर कब्जाई

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जिले के खुड़ैल थाना क्षेत्र में जमीन कब्जाने, जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की खुली धमकियों का सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है। ग्राम दूधिया की कुसुम जाट ने कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचकर आरोप लगाया कि उनकी पैतृक नौ बीघा जमीन, जिसकी कीमत लगभग 90 करोड़ रुपए बताई जा रही है, पर दबंगों ने पुलिस की मौजूदगी में कब्जा करा दिया।

कुसुम जाट के मुताबिक उनके पिता ने जीवित रहते उन्होंने खेत पर पितृ देवता का मंदिर बनवाया था। आरोप है कि जसप्रीत सिंह भाटिया और उसके सहयोगियों के इशारे पर मंदिर को जेसीबी से तोड़ दिया गया। अब जब मंदिर का पुनर्निर्माण और प्लास्टर का काम शुरू हुआ तो 5-7 गुंडों और महिला बाउंसरों ने मिस्त्री को काम करने से रोक दिया। कुसुम का आरोप है कि दबंग खुलेआम रिवॉल्वर लहराकर परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। महिलाओं द्वारा उनके भाई को बलात्कार के झूठे केस में फंसाने की धमकी तक दी जा रही है।

कोर्ट का ऑर्डर नहीं, फिर
भी पुलिस ने कराया कब्जा- कुसुम जाट ने आरोप लगाया कि 3 फरवरी 2026 को खुड़ैल थाना टीआई पूरे स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और बिना किसी वैध कोर्ट आदेश के जमीन पर कब्जा करा दिया, जबकि जमीन का वाद सक्षम न्यायालय में चार वर्षों से विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि 50 वर्षों से उनके परिवार द्वारा खेती की जा रही है, बोरिंग और बिजली मीटर तक उखाड़ने की धमकी दी जा रही है।

गनमैन, बाउंसर और घर के चक्कर कोर्ट तक नहीं पहुंचने दे रहे- पीड़िता का कहना है कि उनकी जमीन पर बाउंसर, गुंडे और गनमैन तैनात कर दिए गए हैं।

आरोप है कि ये लोग खेत पर गन लेकर घूम रहे हैं और घर के बाहर भी चक्कर काट रहे हैं। कुसुम ने यह भी आरोप लगाया कि 12 तारीख को बिचौली क्षेत्र में उनका एक्सीडेंट करवाने की साजिश रची गई, ताकि उन्हें डराकर मामला छोड़ने को मजबूर किया जा सके।

हम कोर्ट-कचहरी नहीं जानते, दबंगों की खुली चुनौती
कुसुम जाट का आरोप है कि कब्जाधारी खुलेआम कहते हैं जमीन हमारी है, खाली कर दो, हम कोई कोर्ट-कचहरी और कानून नहीं जानते। उन्होंने बताया कि उनकी नौ बीघा जमीन की विधिवत रजिस्ट्री है और मामला न्यायालय में लंबित है, फिर भी दबाव और धमकियों का सिलसिला जारी है।

सीएम हेल्पलाइन से आईजी तक गुहार, फिर भी कार्रवाई ठप
पीड़िता ने सीएम हेल्पलाइन, कलेक्टर, एसपी, आईजी, डीआईजी और खुड़ैल थाना में शिकायत करने की जानकारी दी, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया। जनसुनवाई में आवेदन देने पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने शिकायत पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सवालों के घेरे में पुलिस और प्रशासन
कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद कब्जा कैसे कराया गया?

मंदिर तोड़ने और हथियार लहराने वालों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं?

क्या पुलिस की भूमिका निष्पक्ष है या दबंगों के साथ खड़ी है?

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