हनीट्रैप-2 में नया धमाका: इधर पति से गुजारा भत्ता लेती रही रेशू; उधर वीडियो से करती रही ब्लैकमेल
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
हनीट्रैप-2 केस में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं और अब जांच ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां पुराने हनीट्रैप कांड की परछाइयां फिर सामने आने लगी हैं।
एक तरफ रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी पति से आज भी तीन हजार रुपए महीना गुजारा भत्ता ले रही थी, वहीं दूसरी तरफ वह श्वेता जैन के साथ मिलकर पुराने वीडियो और फोटो के जरिए रसूखदारों को ब्लैकमेल करने के आरोपों में घिर गई है। मामले की गंभीरता इतनी बढ़ गई कि अब एसटीएफ के बाद एटीएस भी जांच में कूद पड़ी है।
पुराने फुटेज को बनाया हथियार
सूत्रों के मुताबिक, पुराने हनीट्रैप कांड से जुड़े वीडियो, फोटो और डिजिटल फुटेज श्वेता जैन के पास पहले से मौजूद थे। इन्हीं फुटेज को हथियार बनाकर रेशू ने नेताओं, कारोबारियों और हाईप्रोफाइल लोगों तक पहुंच बनाई।
धीरे-धीरे दोनों ने ऐसा नेटवर्क तैयार कर लिया, जिसमें दलाल, कारोबारी संपर्क और राजनीतिक लिंक तक जुड़ गए। निमाड़ क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता से वसूली किए जाने की चर्चा भी जांच एजेंसियों तक पहुंच चुकी है।
क्राइम ब्रांच सूत्रों के मुताबिक श्वेता जैन के पास पहले हनीट्रैप कांड से जुड़े कई वीडियो और डिजिटल फुटेज मौजूद थे। इन्हीं फुटेज का इस्तेमाल कर रेशू ने राजनीतिक और हाईप्रोफाइल संपर्क बढ़ाए। धीरे-धीरे दोनों ने ऐसा नेटवर्क तैयार किया जिसमें दलाल, कारोबारी संपर्क और राजनीतिक लिंक भी शामिल हो गए। निमाड़ क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता से तो वसूली तक हो चुकी है।
बॉयफ्रेंड शुभम भी जांच के घेरे में
जांच के दौरान रेशू के बॉयफ्रेंड शुभम का नाम भी सामने आया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि रेशू अक्सर शुभम के साथ इंदौर और भोपाल आती-जाती थी। शुभम खेती करता है।
जांच एजेंसियों को शक है कि उसे रेशू की गतिविधियों की जानकारी थी। पुलिस ने उससे भी पूछताछ की है। सूत्रों का दावा है कि श्वेता जैन भी कई बार शुभम के साथ देखी गई थी।
एटीएस के हाथ लगा वो मोबाइल, जिससे भेजे गए थे सीक्रेट फोटो
मामले में नया मोड़ तब आया जब आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) भी जांच में शामिल हो गया। एटीएस ने रेशू के स्नेहानगर, मकरोनिया (सागर) स्थित घर पर दबिश देकर उसका वह मोबाइल जब्त किया है, जिससे कथित तौर पर फोटो और संवेदनशील सामग्री अलग-अलग लोगों को भेजी गई थी।
उधर, एसटीएफ पहले से जब्त सातों आरोपियों के सात मोबाइलों का डिलीट और फॉरवर्ड डेटा रिकवर करने में जुटे हैं। पुलिस को आशंका है कि डिजिटल सबूत सामने आने के बाद कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकते हैं।
रायपुर के महेंद्र अहिरवार से हुई थी शादी
जांच में यह भी सामने आया है कि रेशू मस्कट (ओमान) में पढ़ाई कर चुकी है। वर्ष 2018 में उसकी शादी रायपुर निवासी महेंद्र अहिरवार से हुई थी, लेकिन झगड़े बाद रेशू मस्कट से वापस लौट आई और पति, ससुर प्यारेलाल अहिरवार और सास गीता के खिलाफ केस दर्ज करा दिया।
महज तीन महीने में ही वह पति से अलग हो गई। आज भी उसे तीन हजार रुपए प्रतिमाह गुजारा भत्ता मिल रहा था। केस दर्ज होने के चलते पति महेंद्र कभी काम के लिए मस्कट नहीं जा पाया।
रेशू उर्फ अभिलाषा के पिता पुलिस में थे। उनकी जगह रेशू का भाई अभिलाष पुलिस में अनुकंपा नियुक्ति पर है। रेशू भाई के साथ ही सागर में रह रही थी।
‘त्रिमूर्ति’ का दोबारा लिया जा सकता है रिमांड
पुलिस अब तक श्वेता जैन, रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी, अलका दीक्षित, जयदीप दीक्षित, लाखन चौधरी, जितेंद्र पुरोहित और प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। सात मोबाइल और एक कार भी जब्त की गई है।
मोबाइल को डेटा रिकवरी और फोरेंसिक जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। आज सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक पुलिस अलका, रेशू और श्वेता का रिमांड दोबारा मांग सकती है, क्योंकि जांच एजेंसियों को अब भी कई डिजिटल कड़ियों और हाईप्रोफाइल संपर्कों का खुलासा होना बाकी है।
रेशू पर परफ्यूम कीे जगह शैंपू की बोतल रखने का आरोप
हनीट्रैप केस में घिरी रेशू चौधरी का नाम अब एक पुराने पार्सल विवाद में भी सामने आया है। फरवरी 2026 में ई-कॉमर्स कंपनी के डिलीवरी बॉय लक्ष्मीकांत राज ने मकरोनिया थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि रेशू ने डिलीवरी के दौरान पार्सल से महंगा परफ्यूम निकाल लिया।
परफ्यूम 16,750 रुपए कीमत का था, जिसे वह रेशू के घर डिलिवरी देने पहुंचा था। रेशू पार्सल अंदर ले गई और कुछ देर बाद लौटाकर दे दिया। वजन कम लगने पर उसने बॉक्स खोला तो परफ्यूम की जगह शैंपू की बोतल थी। हालांकि तब मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
शादी के बाद मायके भागी, 1 लाख की मांग, 85 हजार में लौटी
2018 में हुई रेशु की शादी अब दहेज केस, तलाक, फर्जी दस्तावेज और राजनीतिक पहचान तक पहुंच चुके आरोपों के बीच उलझ गई है। पति पक्ष ने महिला पर फर्जी मार्कशीट से शादी करने, विदेश में पति से मारपीट करने और खुद को यूपीएससी व नौकरीपेशा बताकर राजनीतिक पहचान बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। जानकारी के मुताबिक, रेशु उर्फ अभिलाषा चौधरी की शादी वर्ष 2018 में रायपुर निवासी महेंद्र अहिरवार से हुई थी। शादी के बाद रेशु अपने पति के साथ ओमान के मस्कट शहर में रहने चली गई, जहां महेंद्र एक ट्रेवल्स एजेंसी में नौकरी करता था।
महेंद्र के पिता प्यारेलाल ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि शादी के महज चार दिन बाद ही रेशु मायके लौट गई थी और वापस बुलाने पर एक लाख रुपए की मांग की गई। बाद में 85 हजार रुपए देने के बाद वह ससुराल लौटी और फिर उसे मस्कट भेजा गया।
मस्कट में रहने के दौरान पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद होते रहे। महेंद्र ने रेशु पर दूसरे युवकों से बातचीत करने, विरोध करने पर झगड़ा करने और मारपीट तक करने के आरोप लगाए हैं। दावा किया गया है कि इस मामले की शिकायत महेंद्र ने वहां भारतीय दूतावास में भी की थी।
जिसके कुछ समय बाद रेशु भारत लौट आई और उसने पति महेंद्र, ससुर प्यारेलाल व सास गीता के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज करा दिया। यह मामला वर्तमान में सागर कोर्ट में चल रहा है। दूसरी ओर, महेंद्र की ओर से रायपुर कोर्ट में वर्ष 2020 में तलाक की अर्जी दाखिल की गई, जिस पर सुनवाई जारी है।
मामले में नया मोड़ तब आया जब पति पक्ष ने रेशु पर फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। प्यारेलाल का कहना है कि रेशु ने राजस्थान के श्रीधर कॉलेज की कथित फर्जी मार्कशीट दिखाकर शादी की थी।
परिवार का दावा है कि उसके पास अन्य फर्जी दस्तावेज भी हैं। इतना ही नहीं, पति पक्ष ने यह सवाल भी उठाया है कि खुद को यूपीएससी से जुड़ा और नौकरीपेशा बताने वाली रेशु किस आधार पर भाजपा में शामिल हुईं और क्या उनके दस्तावेजों की जांच की गई थी।
वही तलाक याचिका लंबित होने के बावजूद महेंद्र अदालत के आदेश अनुसार गुजारा भत्ता दे रहा है और संबंधित दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत किए जा चुके हैं।
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