नाना के हाथ में ड्रग्स की डोर: पैडलरों के खुलासे के बाद लिया हिरासत में; पूछताछ कर छोड़ा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में नशे के नेटवर्क की परतें उधेड़ रही राजेंद्र नगर पुलिस की कार्रवाई कल उस समय राजनीतिक रंग ले गई, जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
ब्राउन शुगर के साथ पकड़े गए दो आरोपियों की निशानदेही पर नाना को पकड़ा गया। नाना से ड्रग्स कनेक्शन को लेकर राजेंद्र नगर थाना परिसर स्थित एसीपी गांधी नगर के कार्यालय में कई घंटे पूछताछ की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में उसके समर्थक थाना परिसर में जमा हो गए।
रात को पुलिस ने नाना पटवारी और उसके साथी मानव गंगवानी को सशर्त उनके वकील के हवाले कर दिया, लेकिन जांच की दिशा अब सीधे मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, चैट, टॉवर लोकेशन और ड्रग्स नेटवर्क के पुराने कनेक्शनों तक पहुंच गई है।
जानकारी के अनुसार मामले की शुरुआत सुबह उस समय हुई, जब राजेंद्र नगर पुलिस ने इरफान उर्फ गोलू चंदेरी पिता फारुख खान (28) निवासी नई बस्ती (राऊ) और संजय उर्फ रॉनी पिता ग्यारसीलाल कौशल (42) निवासी कृष्णा नगर को स्कॉर्पियो (एमपी 09 एआर 0058) में 10.8 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया। एफएसएल टीम ने मौके पर ब्राउन शुगर होने की पुष्टि की।
थाने ले जाकर की गई पूछताछ में दोनों आरोपियों ने दावा किया कि यह खेप नाना पटवारी और मोबाइल एसेसरीज का काम करने वाले मानव गंगवानी को देने जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल टॉवर लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर दोनों क्षेत्र के सनशाइन फार्म हाउस के बाहर से हिरासत में ले लिया।
बताते हैं इस दौरान नाना पटवारी ने पुलिसकर्मियों से हुज्जत की और अपनी कार की चाबी कहीं फेंक दी। हंगामे से बचने के लिए पुलिसकर्मी उसे पकड़कर सीधे राजेंद्र नगर थाने नहीं ले जाते हुए तेजीजी नगर या किसी अन्य थाने में ले जाकर पूछताछ की गई। इसके बाद रात को राजेंद्र नगर थाना परिसर स्थित एसीपी गांधी नगर के कार्यालय में लाया गया, जहां नाना और मानव गंधवानी से गोलू चंदेरी व रॉनी कौशल के सामने पूछताछ की गई।
इस बीच नाना के समर्थक बड़ी संख्या में थाना परिसर में खड़े रहे। घंटों चली पूछताछ के बाद नाना और गंधवानी को सशर्त छोड़ते हुए वकील जय हार्डिया के हवाले कर दिया गया। फिलहाल पुलिस की जांच इन बिंदुओं पर केंद्रित है- क्या ब्राउन शुगर की खेप वास्तव में नाना पटवारी के लिए मंगवाई गई थी? क्या वह नियमित रूप से ड्रग्स खरीदता था? या फिर उसका नाम केवल आरोपियों के बयान तक सीमित है? इन सवालों के जवाब अब फोरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्य तय करेंगे। पुलिस का कहना है कि वर्तमान मामले में पुराने मामलों के आधार पर नहीं, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई होगी।
थाने में भी अकड़, पुलिसकर्मी का हाथ झटका
खास बात यह कि रात को जब पूछताछ के लिए नाना पटवारी को कार से राजेंद्र नगर थाने ले जाया गया। वहां कार से उतारने के बाद जब पुलिसकर्मी एसीपी कार्यालय की ओर ले जाने लगे तब उन्होंने मीडिया के कैमरों से बचाते हुए ले जाने की जल्दी में नाना का हाथ पकड़कर तेजी से चलने को कहा। इस दौरान भी उसकी अकड़ कम नहीं हुई। वह पुलिसकर्मी का हाथ झटकते हुए बोले छोड़ रे।
à अब मोबाइल चैट और पुराने नेटवर्क की पड़ताल तेज, Ãआज नोटिस तामील कराकर 10.8 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ पकड़े आरोपियों को रिमांड पर लेगी पुलिस
फोरेंसिक जांच के लिए भेजेंगे मोबाइल
डीसीपी नरेंद्र रावत के अनुसार आज गोलू चंदेरी और रॉनी कौशल को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस अब गिरफ्तार पैडलरों के मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजेगी। यदि मोबाइल चैट या डिजिटल साक्ष्यों में ड्रग्स मंगाने या सप्लाई से जुड़ी बातचीत मिलती है, तो जांच की दिशा बदल सकती है। ऐसे में नाना पटवारी और मानव गंधवानी को भी केस में आरोपी बनाया जाएगा। जांच की दिशा में कदम आगे बढ़ाते हुए ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े संभावित वित्तीय लेन-देन, बैंक रिकॉर्ड और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी खंगाले जा रहे हैं।
ड्रग्स केस में पहले भी आ चुका नाना का नाम
बताते हैं ड्रग्स सप्लाई के कथित नेटवर्क में नाना पटवारी का नाम आना नई बात नहीं है। करीब छह साल पहले विजय नगर पुलिस ने ड्रग्स पैडलर सेंधवा के सोहन उर्फ जोजो और नाना पटवारी के पुराने ड्राइवर भूरू बैंड उर्फ राजू खान (आजाद नगर) को पकड़ा था। उस दौरान भी दोनों ने नाना पटवारी का नाम लिया था। हालांकि पुलिस ने उस पर कार्रवाई नहीं की थी। अब वह फाइल भी निकाली गई है। पुलिस पता लगा रही है कि कहीं पुराना नेटवर्क फिर तो सक्रिय नहीं है। पता चला है कि कल भी नाना पटवारी के कहने पर गोलू चंदेरी और रॉनी कौशल भूरू बैंड उर्फ राजू से ड्रग्स लाए थे, लेकिन उसे देने से पहले पकड़े गए।
गिरफ्तारी से पहले खंगाली पुराने मामलों की फाइलें
नाना पटवारी के खिलाफ कार्रवाई को अंतिम रूप देने से पहले पुलिस ने उसके आपराधिक रिकॉर्ड और पूर्व में दर्ज मामलों की विस्तृत पड़ताल की। सूत्रों के मुताबिक जिन-जिन मामलों में पहले नाना पटवारी का नाम सामने आया था और जिनकी विवेचना अलग-अलग पुलिस अधिकारियों ने की थी, उन सभी अधिकारियों से वरिष्ठ अफसरों ने अलग-अलग जानकारी जुटाई। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को थाने बुलाकर उनसे केसवार बिंदुओं पर चर्चा की गई। बताया जा रहा है कि पुराने प्रकरणों की विवेचना, आरोपों की प्रकृति, उपलब्ध साक्ष्य, जांच की स्थिति और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की समीक्षा की गई, ताकि मौजूदा कार्रवाई से पहले पूरा आपराधिक रिकॉर्ड एक जगह संकलित किया जा सके।
सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों ने केवल वर्तमान मामले तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि नाना पटवारी के संभावित नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की जानकारी भी जुटाई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि उसके संपर्क किन-किन लोगों से रहे और ड्रग्स नेटवर्क की कड़ियां कहां तक फैली हुई हैं। इसी वजह से पिछले मामलों की विवेचना करने वाले अधिकारियों के अनुभव और जानकारी को भी महत्वपूर्ण माना गया। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इस संबंध में आधिकारिक रूप से ज्यादा जानकारी साझा नहीं की, लेकिन विभागीय स्तर पर चल रही गतिविधियों से संकेत मिल रहे हैं कि जांच केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रखी जा रही। पूरे नेटवर्क की परतें खोलने और उससे जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका की जांच पर जोर दिया जा रहा है।
थाने के बाहर रहा हाई वोल्टेज माहौल
नाना पटवारी को ड्रग्स मामले में पूछताछ के लिए थाने लाए जाने की खबर फैलते ही थाना परिसर के बाहर लोगों की भीड़ जुटने लगी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में समर्थक, परिचित और स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए, जिससे क्षेत्र का माहौल हाई प्रोफाइल हो गया।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने थाना परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी और अनावश्यक लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पूछताछ की प्रक्रिया पूरी तरह कानून के दायरे में होगी और किसी भी बाहरी व्यक्ति को जांच में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान थाना परिसर के बाहर लगातार हलचल बनी रही और हर गतिविधि पर लोगों की नजर टिकी रही।
डीसीपी बोले- अभी आरोपी नहीं, लेकिन जांच के घेरे में
जोन-1 के डीसीपी नरेंद्रसिंह रावत ने खुलासा फर्स्ट को बताया कि फिलहाल नाना पटवारी और मानव गंधवानी को आरोपी नहीं बनाया गया है। आरोपियों के मोबाइल कॉल लॉग में उनका नंबर मिला है और कई बार बातचीत होने की पुष्टि हुई, लेकिन अभी तक ऐसे ठोस साक्ष्य नहीं मिले, जिनके आधार पर उन्हें प्रकरण में आरोपी बनाया जा सके। नाना को जांच में सहयोग करने और बिना सूचना शहर नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं। आवश्यकता पड़ने पर दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। साथ ही आज नोटिस तामील करवाकर भी विधिवत इसकी सूचना दी जाएगी।
नाना पटवारी पर 2012 से अब तक 9 केस
क्र. अपराध क्रमांक अपराध का प्रकार
1 632/2012 दंगा/बलवा
2 91/2015 मारपीट, गाली-गलौज,
जातिसूचक अपमान
3 312/2017 हत्या का प्रयास, दंगा, आगजनी
4 313/2017 हथियारों के साथ दंगा
5 314/2017 दंगा, मारपीट, धमकी, रास्ता रोकना
6 316/2017 हत्या का प्रयास, सरकारी
कर्मचारी पर हमला
7 782/2018 महिला से छेड़छाड़ (यौन उत्पीड़न)
8 957/2023 दंगा, गाली-गलौज
9 1225/2023 गाली-गलौज
विधायक पहुंचे, लेकिन पुलिस ने नहीं दी अंदर जाने की अनुमति
नाना पटवारी से जुड़ी कार्रवाई की जानकारी मिलते ही मुरैना जिले की जौरा विधानसभा सीट से विधायक पंकज उपाध्याय भी थाना परिसर पहुंच गए। उन्होंने नाना पटवारी से मुलाकात करने की इच्छा जताई और पूछताछ के दौरान अंदर जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें स्पष्ट रूप से बताया कि जांच प्रक्रिया जारी है और किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
पुलिस ने यह भी कहा कि पूछताछ निष्पक्ष और बिना किसी बाहरी प्रभाव के की जाएगी। इसके बाद विधायक थाना परिसर में ही कुछ समय तक मौजूद रहे और अधिकारियों से चर्चा करते रहे। पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम में कानून व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता दी और किसी भी तरह के दबाव से इनकार किया। अधिकारियों का कहना था कि जांच पूरी तरह तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है तथा किसी भी व्यक्ति के लिए अलग नियम नहीं अपनाए जाएंगे।
पहले लेता था ड्रग्स, अब तो शराब भी नहीं छूता...
पूरे मामले में नाना पटवारी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा मैं ड्रग्स का आदी हूं, इस बात का खंडन करना चाहता हूं। तीन साल पहले मैं ड्रग्स ले रहा था। वो गलती से हुआ। दो-तीन साल से इन चीजों से दूर हूं। शराब तक नहीं पीता। उधर, थाने से छोड़े जाने के बाद नाना पटवारी के समर्थकों ने उनके मोबाइल पर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाले और उन्हें छोड़े जाने पर प्रसन्नता जताई।
वकीलों की मौजूदगी में दर्ज हुए बयान... पूछताछ के दौरान नाना पटवारी की ओर से कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए वकीलों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई। जानकारी के अनुसार उनकी ओर से कुछ अधिवक्ताओं को थाने के भीतर जाने की अनुमति दी गई, जिसके बाद पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ी। नाना पटवारी ने अपने बयान भी वकीलों की मौजूदगी में दर्ज कराए। पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पूछताछ की और बयान दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में पुलिस ने कई बिंदुओं पर जानकारी ली, जबकि वकीलों ने भी आवश्यक कानूनी सलाह उपलब्ध कराई।
खुशी कुलवाल सुसाइड केस की फाइल भी चर्चा में
ड्रग्स नेटवर्क की जांच के दौरान नाना पटवारी से पूछताछ होने के बाद सात साल पुराने चर्चित खुशी कुलवाल आत्महत्या केस की फाइल एक बार फिर चर्चा में आ गई है। वर्ष 2018 में हुई इस हाई-प्रोफाइल घटना ने उस समय पूरे इंदौर में सनसनी फैला दी थी।
जांच के दौरान कारोबारी, बिल्डर, ठेकेदार और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रभावशाली लोगों के नाम चर्चा में आए थे, जिसके कारण यह मामला लंबे समय तक सुर्खियों में रहा। तत्कालीन जांच में पुलिस ने खुशी के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और सोशल मीडिया संपर्कों की भी पड़ताल की थी।
इसी दौरान नाना पटवारी का नाम जांच के दायरे में आया था और जांच एजेंसियों ने उनसे पूछताछ की थी। यह दावा किया जाता रहा कि घटना से पहले खुशी के संपर्क में रहने वाले अंतिम लोगों में नाना का नाम भी शामिल था।
हालांकि पुलिस जांच में उनके खिलाफ ऐसा कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिला, जिसके आधार पर उन्हें आरोपी बनाया जा सके। बाद में इस प्रकरण की जांच बंद कर दी गई थी और किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई उनके विरुद्ध नहीं हुई। अब ब्राउन शुगर मामले में नाना पटवारी से पूछताछ के बाद पुलिस एक बार फिर उनके पुराने संपर्कों, कॉल रिकॉर्ड और आपराधिक इतिहास की पड़ताल कर रही है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि वर्तमान जांच का उद्देश्य केवल ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े तथ्यों का सत्यापन करना है, लेकिन इसी क्रम में पुराने मामलों के रिकॉर्ड भी देखे जा रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खुशी कुलवाल आत्महत्या प्रकरण को दोबारा खोले जाने संबंधी कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है और न ही उस मामले में फिलहाल किसी नई कार्रवाई की पुष्टि की गई है। वहीं इस पूरे घटनाक्रम के बाद शहर में एक बार फिर यह चर्चा तेज हो गई है।
नाना मामले से कांग्रेस में हलचल, उतरेगी सड़क पर
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को ड्रग्स मामले में पुलिस द्वारा कल हिरासत में लेने और पूछताछ के बाद छोड़ने का मामला गर्मा गया है। पार्टी ने इस मामले में आंदोलन की रणनीति बनाना शुरू कर दी है। बताते हैं प्रदेशाध्यक्ष पटवारी जल्द ही इंदौर में पार्टीजन की बैठक लेकर आंदोलन का ऐलान करेंगे।
उल्लेखनीय है जब-जब नाना को पुलिस ने उठाया, तब-तब जीतू ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता विनेक तनखा से बात की, जिन्होंने इस तरह की हिरासत को गलत बताया और कहा कि बिना सूचना के इस तरह नहीं उठाया जा सकता।
दिनभर पटवारी परेशान रहे, क्योंकि नाना का कुछ पता नहीं चल रहा था कि पुलिस उसे लेकर कहां गई है। शाम को पुलिस ने नाना उर्फ कुलभूषण को राजेंद्र नगर थाने में पेश किया, फिर छोड़ दिया। हालांकि ये मामला पूछताछ का ही था, लेकिन कांग्रेस नेताओं का मानना है कि ये भाजपा सरकार की बदले की कार्रवाई है और इस मुद्दे पर पार्टी आंदोलन करेगी।
कल रात्रि नाना और जीतू ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया। नाना ने कहा उसकी गलती केवल इतनी है कि वह जीतू पटवारी का भाई है। उसने दावा किया कि जिन लोगों को पुलिस ने ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया है, उनसे उसका किसी भी प्रकार का ड्रग्स संबंधी लेन-देन या बातचीत नहीं है। वह अपनी गाड़ी सर्विसिंग के लिए लेकर गया था, तभी पुलिस अपने साथ ले गई। थाने में उससे केवल नाम पूछा, हिरासत में लेने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। उसने आरोप लगाया कि पुलिस पूरे दिन उसे अलग-अलग स्थानों पर लेकर घूमती रही और देर रात छोड़ दिया।
नाना ने बताया उसकी गाड़ी संजय कौशल उर्फ रॉनी के कार वॉश सेंटर पर धुलती है, जहां इरफान उर्फ गोलू भी आता-जाता है। पुलिस ने संजय कौशल और इरफान के संबंध में पूछताछ की। उन्होंने बताया दोनों कांग्रेस कार्यकर्ता हैं और चुनाव के दौरान पार्टी के लिए काम कर चुके हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस स्कॉर्पियो वाहन की चर्चा की जा रही है, वह संजय कौशल उर्फ रॉनी की है और उसमें मिले किसी भी सामान से कोई संबंध नहीं है।
बहरहाल, एक-दो दिन में पटवारी इदौर में कांग्रेसजन की बैठक लेंगे और आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दबाने का प्रयास कर रही है। इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। वे न झुके हैं और न दबे हैं। सरकार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।
संबंधित समाचार

श्रेय लेने की होड़ में भिड़े कांग्रेस भाजपा नेता:कांग्रेस विधायक कार्यक्रम छोड़कर हुए रवाना

देवकीनंदन ठाकुर के बेटे की ट्रोलिंग पर धीरेंद्र शास्त्री नाराज:बोले- संतान को पिता का पेशा चुनने का अधिकार

प्राकृतिक आपदा ने तोड़ी किसानों की कमर:केले की फसल नष्ट होने के बाद भी नहीं मिला मुआवजा

मेहंदी से लिखा सुसाइड नोट:जहर खाकर विवाहिता ने की आत्महत्या

एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 का शुभारंभ मुख्यमंत्री करेंगे:देश-विदेश के उद्योग जगत, निवेशकों और नीति विशेषज्ञों का होगा संगम; जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में निवेश को मिलेगा बढ़ावा

यूसीसी पर पूर्व डीजीपी का विवादित बयान:बोले; 'सभी समुदायों की सहमति के बिना लागू नहीं किया जा सकता', संहिता के प्रस्तावित स्वरूप पर उठाए सवाल

वीडियो देखिये, मां-बेटे की संदिग्ध मौत से सनसनी:गांव की काकड़ पर मिले शव; जहरीले पदार्थ की बोतल बरामद

ओमान तट के पास व्यापारी जहाज पर हमला:11 भारतीय सवार; 10 सुरक्षित, एक अब भी लापता

वीडियो देखिये, स्नैचिंग करने वाले दो बदमाश गिरफ्तार:पांच मोबाइल और एक्टिवा स्कूटी जब्त; शौक पूरे करने के लिए करते थे वारदात, कई थाना क्षेत्रों में किया अपराध

नशे में धुत युवक ने नदी में लगाई छलांग:लोगों ने उसे सुरक्षित बाहर निकाला; पुलिस ले गई थाने

अभिनेत्री मौत मामला:जिम बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू; फॉरेंसिक रिपोर्ट जांच एजेंसी को सौंपी,सीलबंद लिफाफे में भेजी गई

इतने शिक्षकों का अटैचमेंट खत्म:इन दफ्तरों से हटाकर स्कूल भेजे जाएंगे; इतने जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश, विधानसभा में सवाल उठने के बाद हुई कार्रवाई

वीडियो देखिये, टिकट नहीं मिलने पर क्या बोले नरोत्तम मिश्रा:पार्टी से बड़ा कोई व्यक्ति नहीं; मैं समर्पित कार्यकर्ता की तरह काम करूंगा

वीडियो देखिये, बद्रीनाथ मंदिर मामले पर क्या बोले आध्यात्मिक गुरु:तुरंत जांच के आदेश दिए गए; दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

विकसित भारत 2047 में एमपी निभाएगा बड़ी भूमिका:माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव में गूंजा विकसित मध्य प्रदेश का संकल्प

कलेक्टर के सख्त निर्देश:इस तारीख तक पूरे हों निर्माण कार्य; वीआईपी दर्शन पर सख्ती, सवारी मार्ग पर खुले बिजली तार हटाने के निर्देश

वीडियो देखिये, प्रदेश हुआ नक्सल मुक्त:बीएसएफ के दो जवानों को राज्य सरकार देगी इतने लाख रुपये; मुख्यमंत्री ने की सराहना

जहां नदियों की धारा के साथ मिलता है सुरक्षा बलों का हौसला:दुमैल का बर्फीला संगम

अब एक दिन में होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन:मीनामर्ग से 6 किमी का तीसरा मार्ग बनाने की तैयारी

हिस्ट्री ने किया नाना की काली करतूतों का खुलासा:ड्रग्स, सट्टे और लड़कियों का एडिक्ट है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का भाई
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!