पौराणिक मान्यता: इन प्रमुख पड़ावों के बिना अधूरी मानी जाती है तीर्थयात्रा
KHULASA FIRST
संवाददाता

केदारनाथ 5 लाख पार श्रद्धालु, बद्रीनाथ में भी उमड़ी भारी भीड़, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
खुलासा फर्स्ट, देहरादून।
उत्तराखंड में जारी चार धाम यात्रा 2026 इस बार रिकॉर्ड तोड़ भीड़ की ओर बढ़ रही है। विशेष रूप से केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है, जहां अब तक 5 लाख से अधिक भक्त भगवान केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं।
वहीं बद्रीनाथ धाम में भी 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर चुके हैं। दोनों धामों को मिलाकर यह संख्या 8 लाख के पार पहुंच गई है, जिससे यात्रा की भव्यता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
केदारनाथ धाम में प्रतिदिन करीब 25 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भारी भीड़ के बावजूद प्रशासन द्वारा दर्शन व्यवस्था को बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। सुबह से दोपहर तक श्रद्धालुओं को ‘स्पर्श दर्शन’ कराए जा रहे हैं, जबकि दोपहर बाद ‘श्रृंगार दर्शन’ की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद लंबी कतारें आम बात बन गई हैं और कई श्रद्धालुओं को 8 से 10 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।
यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की अधिक आवाजाही से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। साथ ही, कतार प्रबंधन भी चुनौती बना हुआ है, जहां कई स्थानों पर दो-दो लाइनें लग रही हैं।
कुछ श्रद्धालुओं ने यह भी आरोप लगाया कि वीआईपी गेट के जरिए पैसे देकर जल्दी दर्शन की सुविधा मिलने से आम यात्रियों को और अधिक इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने मंदिर प्रशासन से व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।
वहीं बद्रीनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। यहां प्रतिदिन औसतन 16 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जबकि एक दिन में 18 हजार से ज्यादा दर्शनार्थियों का रिकॉर्ड भी दर्ज किया गया।
बद्रीनाथ जाने वाले मार्गों पर हजारों वाहनों की आवाजाही से सड़कें खचाखच भरी हुई हैं और पूरा क्षेत्र मेले जैसा नजर आ रहा है।
प्राकृतिक सौंदर्य भी श्रद्धालुओं को खासा आकर्षित कर रहा है। हिमालय की बर्फीली चोटियां, ठंडी हवाएं और शांत वातावरण यात्रा को आध्यात्मिक के साथ-साथ यादगार अनुभव बना रहे हैं।
हालांकि बढ़ती भीड़ के बीच प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखना है, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और सुविधा दोनों बनी रह सके।
उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु बदरीनाथ धाम, केदारनाथ धाम, गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के दर्शन कर खुद को धन्य मानते हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह यात्रा केवल इन चार धामों तक सीमित नहीं है।
स्थानीय परंपराओं और पुराणों में वर्णित कुछ ऐसे महत्वपूर्ण पड़ाव भी हैं, जिनके बिना यात्रा को अधूरा माना जाता है। जानकारी के अभाव में अधिकांश यात्री इन स्थानों के पास से गुजर तो जाते हैं, लेकिन रुककर दर्शन नहीं कर पाते।
यात्रा की शुरुआत में सत्यनारायण मंदिर में दर्शन को विशेष महत्व दिया गया है। ऋषिकेश स्थित इस प्राचीन मंदिर को बदरीनाथ की ‘पहली चट्टी’ भी कहा जाता है, जहां से भगवान नारायण से यात्रा की अनुमति लेने की परंपरा है।
वहीं, बदरीनाथ धाम के निकट स्थित माता मूर्ति मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए खास आस्था का केंद्र है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, यहीं माता मूर्ति के तप से भगवान विष्णु ने नर-नारायण रूप में अवतार लिया था।
इसी तरह बदरीनाथ मार्ग पर पड़ने वाला हनुमान चट्टी भी एक अहम पड़ाव माना जाता है। महाभारत काल से जुड़ी कथा के अनुसार, यहां भीम और हनुमान का संवाद हुआ था, जिसके चलते श्रद्धालु यहां रुककर पूजा-अर्चना करते हैं।
दूसरी ओर, केदारनाथ धाम के समीप स्थित भैरवनाथ मंदिर को पूरी घाटी का रक्षक माना जाता है। मान्यता है कि सर्दियों में जब केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं, तब भैरवनाथ ही क्षेत्र की रक्षा करते हैं और यहीं पूजा होती है।
धार्मिक जानकारों का कहना है कि चारधाम यात्रा केवल चार मंदिरों के दर्शन भर नहीं, बल्कि एक संपूर्ण आध्यात्मिक अनुभव है। ऐसे में इन महत्वपूर्ण स्थलों को शामिल करने से ही यात्रा का वास्तविक महत्व और पूर्णता प्राप्त होती है।
चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 12.60 लाख पार
उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष नया कीर्तिमान स्थापित करती नजर आ रही है। 19 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में अब तक 12 लाख 60 हजार से अधिक श चारों धामों में सबसे अधिक भीड़ केदारनाथ धाम में उमड़ रही है।
महज 22 दिनों में ही यहां 5 लाख 23 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। कठिन पहाड़ी रास्तों के बावजूद यात्रियों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को मौसम पर सतत निगरानी रखने और खराब परिस्थितियों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
हेलीकॉप्टर सेवाएं, मेडिकल कैंप और राहत दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अन्य धामों की बात करें तो बदरीनाथ में अब तक 3 लाख 24 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं, जबकि गंगोत्री में 2 लाख 5 हजार और यमुनोत्री में 2 लाख 7 हजार से ज्यादा तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं।
बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने स्लॉट बुकिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया है, जिससे यात्रा प्रबंधन पहले से अधिक सुव्यवस्थित हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ धाम में किए गए पुनर्निर्माण कार्यों का भी असर दिख रहा है। नए पैदल मार्ग, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और ठहरने की व्यवस्थाओं ने यात्रा को पहले की तुलना में अधिक सुगम बना दिया है।
राज्य सरकार का दावा है कि इन सुधारों के चलते हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 से 2025 के बीच करीब 69 लाख 45 हजार श्रद्धालु केदारनाथ धाम की यात्रा कर चुके हैं।
वर्ष 2023 में सर्वाधिक 19 लाख 58 हजार और 2025 में 17 लाख 68 हजार श्रद्धालु यहां पहुंचे थे। उम्मीद जताई जा रही है कि इस वर्ष भी चारधाम यात्रा नए रिकॉर्ड कायम कर सकती है।
संबंधित समाचार

‘शुद्धीकरण’ पर बयान पड़ा भारी:राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर; दलित भावनाएं आहत करने का आरोप

नेपाल की सुरंगों में जिंदगी की तलाश:भारतीय टनल रेस्क्यू टीम उतरी; फोरेंसिक टीम करेगी डीएनए जांच

एशिया कप में भारत की धमाकेदार शुरुआत:थाईलैंड को 94 रन से रौंदा; दीप्ति ने बिना रन दिए झटके 3 विकेट

घरेलू विवाद में पत्नी-बेटी से मारपीट का आरोप:एसएएफ ड्राइवर पुलिसकर्मी पर केस दर्ज

पिकअप से टक्कर के बाद पानी में गिरी कार:पांच घायल; युवकों ने शीशा तोड़कर बचाया

चांदी के जेवरों के लिए बुजुर्ग दंपती की हत्या:प्रेमी-प्रेमिका ने दो साथियों संग रची साजिश;सोते समय पत्थरों से कुचला सिर

शिवडोले में उमड़ा आस्था का महासागर:27 झांकियों के साथ निकली सिद्धनाथ महादेव की पालकी; लाखों श्रद्धालु हुए शामिल

अस्पताल की लिफ्ट गिरने से मरीज की मौत:परिजन ने किया हंगामा; पुलिस पर मारपीट का आरोप, कांग्रेस ने सरकार को घेरा

2934 करोड़ के कथित साइबर फर्जीवाड़े का खुलासा:शेयर बाजार और ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर ठगी का जाल; आरोपी को एसटीएफ ने पकड़ा

मामा ने भांजे को मौत के मुंह से निकाला:खुद नदी में समाए; दूसरे दिन मिला शव, 14 साल के बच्चे की बची जान

बुंदेलखंड से भाजपा का बड़ा संदेश:केन-बेतवा पर कांग्रेस को घेरा; विकास को बनाया सियासी हथियार

स्कूल ऑडिट पर सीजेपी की बैठक में हंगामा:सवाल-जवाब के बाद छात्रों ने की नारेबाजी; पुलिस ने संभाला मोर्चा

अधूरे वादों से नहीं बच सकती सरकार:तीन मांगें अब भी अधूरी; सीजेपी का 5 सितंबर को फिर राजधानी मार्च

एशियन गेम्स के लिए तीन खिलाड़ी जापान रवाना:सॉफ्ट टेनिस टीम में मिली जगह; पदक पर नजर

वीडियो देखिये, नशे की लत ने बनाया चोर:कर्ज चुकाने के लिए चार ऑटो उड़ाए; आठ लाख का माल बरामद

डैम में डूबने से युवक की मौत:देर रात तक घर नहीं लौटा; तलाश के बाद मिला शव

डिजिटल अरेस्ट पर सीजेआई का बड़ा बयान:संसद के कानून का इंतजार नहीं करेगी न्यायपालिका; सुप्रीम कोर्ट ने खुद लिया संज्ञान

मंदिर शिफ्टिंग के विरोध में प्रदर्शन:विहिप-बजरंग दल ने किया चक्काजाम; प्रशासन के आश्वासन पर आंदोलन खत्म

व्यापारियों का महामंथन:स्वदेशी उत्पाद; डिजिटल कारोबार और ग्लोबल मार्केट पर चर्चा

आतंकियों का नया डिजिटल जाल:पोर्न-डेटिंग साइट्स के चैट फीचर से भेज रहे सीक्रेट मैसेज; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!