करोड़ों का गबन कांड: अब शिक्षा विभाग का भृत्य गिरफ्तार, जांच शुरू
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पिछले दिनों शिक्षा विभाग में करोड़ों के गबन का खेल सामने आया था। अतिथि शिक्षकों की तनख्वाह व एरियर के नाम पर खजाने में सेंध लगा 2018 से 2025 तक विभाग के कर्मचारियों ने करोड़ों रु. अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए। इस कांड में एमजी रोड पुलिस ने एक और आरोपी को पकड़ा है।
गिरफ्तार आरोपी पवन खामोद है। आरोपी विभाग में भृत्य है। इससे पहले विभाग के कर्मचारी सिद्धार्थ जोशी को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ में सिद्धार्थ ने कबूला था कि उसने अकेले अपने खाते में करीब 1.75 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि जिले के 37 संकुलों के करीब चार हजार स्कूलों के शिक्षकों की तनख्वाह और एरियर की सूची तैयार होती थी।
आरोपी इसी सूची में हेरफेर कर असली शिक्षकों के नाम के साथ अपने या साथियों के बैंक खातों की जानकारी जोड़ देते थे। फिर भुगतान की राशि सीधे आरोपियों के खातों में पहुंच जाती थी।
भुगतान की प्रक्रिया में कर देते थे बदलाव
जांच में यह भी पता चला है कि ब्लॉक ऑफिस के कंप्यूटरों में अधिकारियों की आईडी और पासवर्ड खुले रहते थे, जिसका फायदा उठाकर आरोपी आसानी से सरकारी भुगतान की प्रक्रिया में बदलाव कर देते थे।
पुलिस के मुताबिक पांच मुख्य आरोपियों ने मिलकर अपने और आठ अन्य सहयोगियों के कुल 33 बैंक खातों में दो करोड़ दो लाख रुपए से अधिक की सरकारी राशि ट्रांसफर की।
मामले में अतिथि शिक्षक मोहन दांगी, सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी छोटेलाल गौड़ और अतिथि शिक्षक केदारनारायण दीक्षित की तलाश जारी है।
पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर गबन की रकम और इसमें शामिल लोगों की संख्या दोनों बढ़ सकती है।
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