30 से ज्यादा लोगों की तबीयत बिगड़ी: दाल-बाफले खाने के बाद उल्टी-दस्त की शिकायत; चार मरीज हुए अस्पताल में भर्ती, इसी इलाके में दूषित पानी की वजह से हो चुकी है दर्जनों मौत, हजारों की इलाज से बची थी जान
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी कांड के बाद अब फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आया है। दाल-बाफले और लड्डू खाने के बाद 30 से अधिक लोग पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत से बीमार हो गए।
गंभीर फूड पॉइजनिंग का नहीं निकला मामला
हालांकि राहत की बात यह रही कि मामला गंभीर फूड पॉइजनिंग का नहीं निकला और सभी प्रभावित लोगों की हालत अब सामान्य है।
शुक्ला गली में हुआ था कार्यक्रम
शनिवार को भागीरथपुरा की शुक्ला गली में आकाश मुक्शिया के बेटे का जन्मदिन मनाया गया था। कार्यक्रम में रिश्तेदारों और परिचितों को बुलाया गया था। भोजन में दाल-बाफले, आलू की सब्जी और अन्य घरेलू व्यंजन परोसे गए थे।
रविवार सुबह होते ही कुछ मेहमानों को पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हुई, जिसके बाद वे नजदीकी सरकारी और निजी क्लिनिकों में इलाज के लिए पहुंचे।
अधिकांश को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घर पर ही भोजन तैयार किया गया था और करीब 40 से 48 लोगों ने खाना खाया था। बीमार हुए लोगों में कुलकर्णी नगर, बाणगंगा, एमआर-10 और आसपास के क्षेत्रों के निवासी भी शामिल थे। अधिकांश मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद कुछ ही घंटों में डिस्चार्ज कर दिया गया।
चार मरीज एमवाय अस्पताल में भर्ती
परिवार के मुखिया आकाश ने बताया कि फिलहाल चार मरीज एमवाय अस्पताल में भर्ती किए गए थे, जिनकी हालत अब पूरी तरह ठीक है। भर्ती मरीजों में निकिता (18), हर्षिता (19), पायल (17) और आर्यन (18) शामिल हैं। इनमें पायल और आर्यन आपस में भाई-बहन हैं और सभी महादेव नगर, नई सब्जी मंडी क्षेत्र के निवासी हैं।
स्वास्थ्य और खाद्य विभाग ने लिए सैंपल
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और खाद्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। खाद्य विभाग ने भोजन के सैंपल जांच के लिए लिए। नगर निगम ने पानी के नमूने भी प्रयोगशाला भेजे। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
CMHO का बयान
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी ने स्पष्ट किया कि सभी प्रभावित नागरिकों का स्वास्थ्य अब पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने बताया कि एहतियातन कुछ लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया था, लेकिन किसी भी मरीज की स्थिति गंभीर नहीं पाई गई।
पार्षद बोले – निजी कार्यक्रम, नर्मदा जल सप्लाई नहीं
स्थानीय पार्षद कमल वाघेला ने कहा कि यह कार्यक्रम पूरी तरह निजी आयोजन था। उन्होंने बताया कि जिस गली में कार्यक्रम हुआ, वहां नर्मदा जल सप्लाई फिलहाल नहीं है, और स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है।
35 लोगों की हो चुकी है मौत
गौरतलब है कि, भागीरथपुरा में जहरीला पानी पीने से 35 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें बच्चे भी शामिल है। इतना नहीं दूषित पानी से फैली बीमारी के कारण सैकड़ों लोगों को अस्पताल में भर्ती भी होना पढ़ा था।
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