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पटाखा फैक्ट्री हादसे में और इतनी मौतें: अब तक इतने लोगों की जान गई; इस अस्पताल में चल रहा था उपचार, इस राज्य के निवासी थे

KHULASA FIRST

संवाददाता

23 मई 2026, 12:06 pm
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पटाखा फैक्ट्री हादसे में और इतनी मौतें

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
देवास जिले के टोंककला में 14 मई को हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में झुलसे दो और मजदूरों की मौत हो गई है। शुक्रवार रात इलाज के दौरान अजय और निरंजन ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 8 पहुंच गई है।

दोनों घायलों का इलाज एमवाय अस्पताल की बर्न यूनिट में चल रहा था। अस्पताल सूत्रों के अनुसार दोनों की हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। मृतक बिहार के रहने वाले बताए गए हैं।

पहले भी हो चुकी है एक मरीज की मौत
इससे पहले सोमवार रात एमवाय अस्पताल में भर्ती राम (20) पिता मुकेश कुमार की भी मौत हो चुकी है। हादसे में झुलसे कई मजदूरों की हालत बेहद गंभीर थी। बताया गया कि तीन मजदूरों का शरीर 99 प्रतिशत तक जल गया था।

विशाल की हालत में सुधार
हादसे में घायल विशाल (25) को सिर में गंभीर चोट आने के बाद न्यूरो सर्जरी वार्ड में भर्ती किया गया था। धमाके के दौरान वह दूर जाकर गिर पड़ा था, जिससे उसके सिर में खून का थक्का जम गया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था और अस्पताल प्रबंधन के अनुसार उसे शनिवार दोपहर डिस्चार्ज किया जाना है।

बर्न यूनिट में विशेष निगरानी
बर्न यूनिट में संक्रमण की आशंका को देखते हुए पांच नर्सिंग कर्मचारियों की 24 घंटे शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों की देखभाल में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।

वहीं चोइथराम अस्पताल में भर्ती चार मरीजों में से तीन को डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि एक मरीज का उपचार जारी है। उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

धमाके में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे
देवास के टोंककलां क्षेत्र में गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ था। हादसे में 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। मृतकों में उत्तर प्रदेश और बिहार के मजदूर शामिल हैं।

शुरुआत में धीरज, सनी और सुमित की मौत की पुष्टि हुई थी। इसके बाद अमलतास अस्पताल में भर्ती अमर और गुड्डू ने भी दम तोड़ दिया था। अब अजय और निरंजन की मौत के बाद मृतकों की संख्या 8 हो गई है।

25 फीट दूर तक गिरे शवों के टुकड़े
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विस्फोट इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। फैक्ट्री की दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और आसपास के मकान तक हिल गए।

हादसे के बाद झुलसे मजदूर बदहवास हालत में फैक्ट्री से बाहर निकलते दिखाई दिए। कई लोगों के कपड़े शरीर की त्वचा से चिपक गए थे। फैक्ट्री परिसर के बाहर बाल और जले हुए अवशेष बिखरे पड़े मिले।

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