खबर
Top News

नशे के खिलाफ व्यापक अभियान: कॉलेजों में नशा मुक्ति समितियों का होगा गठन; बैठक में कलेक्टर ने कही ये बात

KHULASA FIRST

संवाददाता

28 अप्रैल 2026, 5:55 pm
199 views
शेयर करें:
नशे के खिलाफ व्यापक अभियान

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय में एनसीओआरडी (NCORD) की जिला स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर रोशन राय डीसीपी क्राइम राजेश त्रिपाठी,आबकारी सहायक आयुक्त अभिषेक तिवारी अन्य अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में बताया गया कि जिले में नशा मुक्ति अभियान को व्यापक, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की गई है। कलेक्टर श्री वर्मा ने बताया कि अवैध नशे के विरुद्ध मल्टी-प्रोंग रणनीति के तहत आबकारी विभाग, पुलिस एवं एनसीबी के डाटा के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जन-जागरूकता को मजबूत करने के लिए जिले के सभी कॉलेजों में “नशा मुक्ति समितियों” का गठन किया जाएगा। इन समितियों में विद्यार्थी एवं फैकल्टी शामिल रहेंगे, जो कैंपस में नशे से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखेंगे तथा प्रभावित छात्रों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। यदि कोई बाहरी व्यक्ति कॉलेज परिसर में ड्रग्स की बिक्री करने का प्रयास करता है तो उसकी सूचना तत्काल प्रशासन तक पहुंचाई जाएगी, जिससे समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके। ऐसे स्कूल-कॉलेज जहाँ पूर्व से समितियां गठित है, उन्हें सक्रिय कर उनके कार्यों को परिणाममूलक बनाया जाएगा। नवगठित समितियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा

कलेक्टर ने बताया कि नशीले केमिकल की बिक्री और उपयोग पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में नशा मुक्ति को लेकर समितियों का गठन किया जाए और जहां समितियां अभी तक नहीं बनी हैं, वहां जल्द उनका गठन सुनिश्चित किया जाए।

विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएं। कलेक्टर श्री वर्मा ने यह भी कहा कि पुनर्वास केंद्रों में रह चुके बच्चों से उनकी स्थिति और समस्याओं के बारे में जानकारी ली जाए तथा यदि उन्हें दोबारा किसी प्रकार की परेशानी आती है तो उनकी हर संभव सहायता की जाए। इस अभियान में एनजीओ और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि सामूहिक प्रयासों से नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

बैठक में ड्रग माफिया पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रासायनिक कंपाउंड्स की निगरानी पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने बताया कि ऐसे कंपाउंड्स, जिनका उपयोग ड्रग्स बनाने में किया जाता है, उन्हें एनडीपीएस एक्ट के दायरे में लाने और उनकी कड़ी निगरानी के लिए आवश्यक कानूनी प्रावधानों पर कार्य किया जाएगा। जिन रसायनों का नियमन पहले से है, उनके साथ-साथ अन्य कंपाउंड्स को भी विधिक प्रक्रिया के तहत नियंत्रित करने के प्रयास किए जाएंगे।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!