खबर
Top News

सामूहिक विवाह ही उत्तम: फिजूल खर्च से बचें, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव; बागेश्वर धाम में कन्या विवाह सम्मेलन में नव दंपतियों को दिया आशीष

KHULASA FIRST

संवाददाता

14 फ़रवरी 2026, 11:02 पूर्वाह्न
140 views
शेयर करें:
सामूहिक विवाह ही उत्तम

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बेटे-बेटियों का विवाह करने के लिए सामूहिक विवाह सबसे उत्तम माध्यम है। समाज में ख़र्चीले विवाहों का प्रचलन चिंतनीय है। मितव्ययिता जरूरी है। हमारा समाज परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बदलते वक्त के साथ हमें अपनी सोच भी बदलने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने स्वयं अपने पुत्र का विवाह उज्जैन में एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में किया हैं। शादियों में अनावश्यक खर्च से हमें बचना ही चाहिए। सामूहिक विवाहों से हुई बचत परिवार के लिए अन्य सुविधा जुटाने के लिए उपयोगी हो सकती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि विवाह और मृत्यु भोज जैसे कार्यक्रमों में फिजूलखर्ची और दिखावे को बंद करने की आवश्यकता है। बागेश्वर धाम में हो रहे सामूहिक विवाह एक यज्ञ के समान हैं।

अच्छाइयां ही हमेशा याद रहती हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय संस्कृति की भावना को मजबूत करने के लिए छतरपुर को कैंसर अस्पताल की सौगात दी है।

हमारे देवस्थान चमत्कारिक होते हैं। मंदिर के आसपास अस्पताल भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बागेश्वर धाम सरकार में आयोजित सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज जितने भी बेटे-बेटियों का विवाह हुआ है, इन्हें किसी भी रोजगार या काम-धंधे की आवश्यकता है, तो सरकार सभी को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराएगी।

16 संस्कारों में विवाह सबसे बड़ा संस्कार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे जीवनकाल के 16 संस्कारों में विवाह सबसे बड़ा संस्कार है। उन्होंने सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल हुए 300 नव दंपतियों को शुभकामनाएं दी। भारतीय सनातन संस्कृति को आघात पहुंचाने के लिए दुनियाभर के आक्रांताओं ने भारत भूमि पर आक्रमण किए।

गुजरात के देवधाम सोमनाथ मंदिर पर भी आक्रमण किया, लेकिन पिछले 75 साल से सोमनाथ मंदिर की भव्यता दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही है। भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में भी श्रीरामलला भव्य मंदिर में विराजे हैं।

उन्होंने कहा कि बागेश्वर धाम ने सनातन संस्कृति को नई दिशा दी है। राज्य सरकार बेटियों के विवाह के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के जरिए 51 हजार रुपए की राशि प्रदान कर रही है।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!