हनीट्रैप मामले में बड़ा अपडेट: रेशू, श्वेता सहित 6 आरोपी फिर जज के बंगले पर पेश; इनको भेजा जेल, एक की रिमांड बढ़ी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
चर्चित हनीट्रैप पार्ट-2 मामले में पुलिस की गोपनीय कार्रवाई लगातार चर्चा में बनी हुई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्राइम ब्रांच आरोपियों की पेशी और जांच को पूरी तरह सीक्रेट मोड में संचालित कर रही है। इसी क्रम में मुख्य आरोपी रेशू चौधरी को एक बार फिर गुपचुप तरीके से जज के बंगले पर पेश किया गया है।
जज के आवास पर किया गया पेश
साथ ही श्वेता जैन, अलका दीक्षित, विनोद शर्मा, जयदीप दीक्षित, लाखन चौधरी और जितेंद्र पुरोहित को भी बेहद गोपनीय तरीके से जज के आवास पर ही पेश किया गया है। मीडिया और आम लोगों की नजर से बचाने के लिए पूरी कार्रवाई अलसुबह की गई।
पूरी कार्रवाई अलसुबह की गई
बताया जा रहा है कि सबसे पहले सभी आरोपियों को मेडिकल जांच के लिए एमवाय अस्पताल लाया गया। इसके बाद सीधे कोर्ट परिसर ले जाने के बजाय जज के बंगले पर पेश किया गया, जहां से छह आरोपियों को जेल भेजने के आदेश जारी कर दिए गए।
अलका की बढ़ाई गई रिमांड
सूत्रों के अनुसार मामले में आरोपी अलका दीक्षित की पुलिस रिमांड बढ़ा दी गई है, जबकि रेशू चौधरी, श्वेता जैन, लाखन चौधरी, जयदीप दीक्षित, जितेंद्र पुरोहित और सेवा से बर्खास्त हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस को है ये आशंका
इससे पहले भी पुलिस ने रेशू चौधरी और विनोद शर्मा को गुप्त रूप से जज के आवास पर पेश कर रिमांड हासिल की थी। माना जा रहा है कि पुलिस को आशंका है कि यदि रेशू चौधरी मीडिया के सामने आई तो उसके बयान से बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा हो सकता है।
प्रभावशाली लोगों को निशाना बना रही थी
जांच एजेंसियों के मुताबिक अब तक की पड़ताल में सामने आया है कि रेशू चौधरी, श्वेता जैन और अलका दीक्षित की तिकड़ी कई प्रभावशाली लोगों को निशाना बना रही थी। आरोप है कि नेताओं, अधिकारियों और रसूखदार लोगों के वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था।
जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
कई मामलों में करोड़ों रुपए की उगाही की बात भी जांच में सामने आ रही है। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि पुराने हनी ट्रैप केस की मुख्य आरोपी श्वेता जैन के पुराने वीडियो दोबारा सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि इन्हीं वीडियो का इस्तेमाल रेशू चौधरी के साथ मिलकर ब्लैकमेलिंग के लिए किया गया।
आपत्तिजनक वीडियो तैयार किए गए
इसके साथ ही नए लोगों के भी कथित आपत्तिजनक वीडियो तैयार किए गए। मामले की जांच अब और व्यापक होती जा रही है। क्राइम ब्रांच की एसआईटी के साथ एटीएस की एंट्री की भी जानकारी सामने आई है।
कई डिजिटल साक्ष्य जब्त किए
बताया जा रहा है कि एटीएस की टीम ने सागर के नेहानगर मकरोनिया स्थित ठिकानों पर तलाशी लेकर कई डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री किन-किन लोगों को भेजी गई और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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