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हनीट्रैप मामले में बड़ा खुलासा: 100 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो मिले; बिजनेसमैन, नेता, डीआईजी रैंक के अफसरों के भी नाम, MP से दिल्ली तक मचा हड़कंप

KHULASA FIRST

संवाददाता

23 मई 2026, 12:00 pm
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हनीट्रैप मामले में बड़ा खुलासा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
हनीट्रैप मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। साल 2019 के बहुचर्चित हनीट्रैप कांड की याद दिलाने वाला यह नया मामला अब ‘हनीट्रैप-2’ के नाम से चर्चा में है। इसकी गूंज मध्यप्रदेश से निकलकर छत्तीसगढ़, गुजरात और दिल्ली तक पहुंच गई है।

पूछताछ में हो रहे बड़े खुलासे
मामले में गिरफ्तार श्वेता विजय जैन, रेशू चौधरी और अलका दीक्षित से पूछताछ में लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसियों को आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस से 100 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं।

ब्लैकमेल कर करोड़ों रुपए वसूले गए
पुलिस का दावा है कि इन वीडियो के जरिए कई लोगों को ब्लैकमेल कर करोड़ों रुपए वसूले गए। इसके अलावा कई और सौदों पर काम चलने के संकेत भी मिले हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि पूरा रैकेट बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था।

श्वेता करती थी पूरे नेटवर्क को ऑपरेट
पुलिस के मुताबिक भोपाल में बैठकर श्वेता विजय जैन पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करती थी। वह सीधे सामने नहीं आती थी, बल्कि रेशू चौधरी के जरिए संपर्क और रणनीति तय की जाती थी। रेशू कथित तौर पर टारगेट्स की जानकारी जुटाती थी, जिसके आधार पर आगे की प्लानिंग होती थी।

कई राज्यों तक फैले नेटवर्क के संकेत मिले
पुलिस की जांच में कई राज्यों तक फैले नेटवर्क के संकेत मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश के एक विधायक, मालवा-निमाड़ क्षेत्र के कुछ नेताओं और एक पूर्व अधिकारी का नाम जांच के दायरे में है।

वहीं छत्तीसगढ़ के एक डीआईजी स्तर के अधिकारी, दिल्ली के एक वरिष्ठ नेता और गुजरात के एक उद्योगपति को भी कथित तौर पर निशाना बनाया गया। दिल्ली के एक नेता से 4 करोड़ रुपए वसूलने की साजिश की भी जांच की जा रही है।

आपत्तिजनक वीडियो बड़े स्तर पर बेचने की तैयारी में थे
पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी आपत्तिजनक वीडियो बड़े स्तर पर बेचने की तैयारी में थे। जांच एजेंसियों को राजनीतिक संपर्कों और आर्थिक लेनदेन से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं।

कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराई
सूत्रों का कहना है कि एक विधायक से जुड़ा वीडियो राजनीतिक दबाव बनाने के मकसद से साझा किया गया था। मामले का खुलासा तब हुआ जब कारोबारी हितेंद्र उर्फ चिंटू ठाकुर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

वीडियो वायरल करने की दी धमकी
शिकायत के मुताबिक 28 अप्रैल 2026 को सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में अलका दीक्षित और उसके साथियों ने उनके साथ मारपीट की और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी दी। घटना के बाद चिंटू ठाकुर और उसका भाई उज्जैन पहुंचे और एक प्रभावशाली व्यक्ति से संपर्क किया।

शिकायतकर्ता पर भी दर्ज है मामले
इसके बाद पुलिस हरकत में आई और कार्रवाई तेज कर दी गई। हालांकि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शिकायतकर्ता चिंटू ठाकुर पर भी हत्या के प्रयास सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि उसका भाई हेमू ठाकुर पहले एनएसए के तहत आरोपी रह चुका है।

कई आरोपियों को गिरफ्तार किया
मामले में कई पुरुष आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। इनमें जितेंद्र पुरोहित, विनोद शर्मा, जयदीप और लाखन चौधरी के नाम शामिल हैं। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क को कहीं प्रशासनिक संरक्षण तो नहीं मिल रहा था।

पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल इंदौर पुलिस की कई टीमें जांच में जुटी हुई हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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