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सोना चोरी कांड के बाद पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल: इस थाने के टीआई को हटाया; 7 इंस्पेक्टराें का ट्रांसफर, 4 थानों में नए प्रभारी

KHULASA FIRST

संवाददाता

28 अप्रैल 2026, 12:41 pm
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सोना चोरी कांड के बाद पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में चर्चित सोना चोरी कांड के बाद पुलिस विभाग में व्यापक स्तर पर बदलाव किए गए हैं। लसूडिया थाना प्रभारी (TI) तारेश सोनी को हटाकर क्राइम ब्रांच भेज दिया गया है। इसके साथ ही कुल सात इंस्पेक्टरों के तबादले किए गए हैं और चार प्रमुख थानों में नए टीआई की नियुक्ति की गई है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। सोमवार को जारी आदेश में यह बदलाव किए गए।

सोना चोरी के गंभीर आरोप लगे
लसूडिया थाने पर वारंट तामील के नाम पर घर में घुसकर सोना चोरी के गंभीर आरोप लगे थे। इस मामले में पहले ही पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका था, अब टीआई को भी हटा दिया गया है। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने स्थिति को देखते हुए चार थानों के प्रभारियों में बदलाव किया। इनमें कुछ टीआई हाल के दिनों में विवादों के कारण सुर्खियों में रहे थे।

यह हुए प्रमुख बदलाव
लसूडिया थाना: राजकुमार यादव नए TI, तारेश सोनी क्राइम ब्रांच भेजे गए, तुकोगंज थाना: जितेंद्र चौहान को TI बनाया गया, जितेंद्र यादव क्राइम ब्रांच भेजे गए, मल्हारगंज थाना: नीरज कुमार बिरथरे को TI बनाया गया (पहले रक्षित केंद्र में पदस्थ), एरोड्रम थाना: देवेंद्र सिंह कुशवाह को TI बनाया गया, जबकि तरुण भाटी को क्राइम ब्रांच भेजा गया।

विवादों से जुड़ा रहा तबादला
राजकुमार यादव पहले भंवरकुआं थाने के TI रह चुके हैं, जिन्हें राजनीतिक कारणों से हटाया गया था। अब उन्हें शहर के अहम माने जाने वाले लसूडिया थाने की जिम्मेदारी दी गई है। नीरज बिरथरे को हाल ही में राजेंद्र नगर थाने से एक सुसाइड केस में विवाद के बाद हटाया गया था, लेकिन अब उन्हें फिर से थाना प्रभार सौंपा गया है। वहीं तुकोगंज के पूर्व TI जितेंद्र यादव भी एक ज्वेलर्स मामले में धोखाधड़ी की FIR दर्ज करने के बाद विवादों में आए थे।

डीसीपी की नाराजगी भी बनी वजह
सूत्रों के अनुसार, लसूडिया थाने की कार्यशैली को लेकर जोन के डीसीपी भी संतुष्ट नहीं थे। सोना चोरी के आरोपों के अलावा थाने में मारपीट के मामलों और हाईकोर्ट इंदौर द्वारा लगाए गए 10 हजार रुपए के जुर्माने जैसे घटनाक्रमों ने भी इस कार्रवाई को तेज किया। कुल मिलाकर, लगातार विवादों में घिरे थानों में सुधार और सख्त संदेश देने के लिए पुलिस कमिश्नर ने यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है।

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