शिवाजी मार्केट के 120 दुकानदारों को हाई कोर्ट से बड़ी राहत: छुट्टी के दिन विशेष बेंच ने सुनवाई कर रिमूवल पर लगाया स्टे; अपील के लिए मिला सात दिन का समय, तत्काल बेदखली की योजना पर विराम
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के शिवाजी मार्केट के दुकानदारों को हटाने की नगर निगम की मुहिम को हाई कोर्ट ने फिलहाल रोक दिया है। रविवार की छुट्टी होने के बावजूद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष बेंच का गठन किया गया, जहां जस्टिस प्रणय वर्मा ने दुकानदारों के पक्ष में सुनवाई करते हुए रिमूवल कार्रवाई पर स्टे जारी कर दिया।
न्यायालय ने दुकानदारों को अपनी बात रखने और अपील दायर करने के लिए सात दिनों का समय दिया है, जिससे निगम की तत्काल बेदखली की योजना पर विराम लग गया है। गौरतलब है कि नगर निगम ने एनजीटी के आदेश और कान्ह नदी की सफाई का हवाला देते हुए 22 अप्रैल को नोटिस जारी किया था, जिसमें तीन दिन के भीतर दुकानें खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया था। इसके विरोध में दुकानदारों ने अधिवक्ता मनीष यादव के माध्यम से याचिका लगाई थी, जिसमें दलील दी गई कि प्रशासन उन्हें कानूनी अपील का पर्याप्त मौका नहीं दे रहा है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद सियासी सरगर्मी भी तेज हो गई है।
निगम प्रशासन पर तानाशाही का आरोप- एक ओर नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कार्यकर्ताओं के साथ बाजार पहुंचकर धरने पर बैठते हुए इसे छोटे व्यापारियों की जीत बताया और निगम प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाया।
दूसरी जगह दुकानें आवंटित
वहीं दूसरी ओर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्पष्ट किया कि कोर्ट ने केवल अपील के लिए समय दिया है, कार्रवाई पूरी तरह निरस्त नहीं हुई है। महापौर के अनुसार सभी 120 दुकानदारों को पहले ही दूसरी जगह दुकानें आवंटित की जा चुकी हैं और निगम कानून के दायरे में रहकर शहर विकास का कार्य जारी रखेगा। फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद आगामी रविवार तक प्रशासन कोई भी बलपूर्वक कार्रवाई नहीं कर सकेगा, जिससे सैकड़ों परिवारों को अस्थाई तौर पर बड़ी राहत मिली है।
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