खाद्य सामग्री में अनियमितता पर बड़ी कार्रवाई: फूड सैंपल जांच में हुआ ऐसा खुलासा; इतनी फर्मों पर इतने लाख का जुर्माना, मिलावटखोरों पर प्रशासन का डंडा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मिलावट और खाद्य गुणवत्ता में अनियमितताओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला प्रशासन और खाद्य विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य पदार्थों के सैंपलों की जांच में गड़बड़ियां मिलने के बाद अपर कलेक्टर न्यायालय ने 15 फर्मों पर कुल 41 लाख रुपए की पेनल्टी लगाने के आदेश जारी किए हैं।
कार्रवाई के दायरे में पनीर, घी, वेफर्स, चॉकलेट, दाल और अन्य खाद्य उत्पादों के नमूने शामिल रहे। अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार की कोर्ट में सुनवाई के बाद संबंधित फर्मों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत दोषी पाया गया, जिसके बाद जुर्माना लगाया गया।
इन प्रमुख फर्मों पर हुई कार्रवाई
कार्रवाई की जद में आई प्रमुख फर्मों में कानेडिट बिजनेस सॉल्यूशंस, तिरुपति बेकर्स एंड कन्फेक्शनर्स, श्रीजी रेस्टोरेंट, सहस्त्र फूड सर्विसेज, सोलगेयर हेल्थकेयर, कैलिब्रो न्यूट्रासाइंसेज, हेल्दी हेल्थ न्यूट्रस्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, वोस्तोक हर्बल्स, मां अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट और चोगाला श्याम ट्रेडिंग शामिल हैं। इन प्रतिष्ठानों पर एक लाख रुपए से लेकर पांच लाख रुपए तक की पेनल्टी लगाई गई है।
कानेडिट पर 12 लाख रुपए का जुर्माना
कानेडिट बिजनेस सॉल्यूशंस के खिलाफ चार अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की गई। जांच के दौरान कंपनी के यहां एप्रीकोट, बेरी, पंचमेवा सहित अन्य उत्पाद मिथ्याछाप (मिसब्रांडेड) पाए गए। कोर्ट ने प्रत्येक मामले में तीन-तीन लाख रुपए की पेनल्टी लगाते हुए कुल 12 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।
तिरुपति बेकर्स पर 4.50 लाख की पेनल्टी
तिरुपति बेकर्स एंड कन्फेक्शनर्स के यहां बच्चों के उपयोग में आने वाले विभिन्न प्रकार के वेफर्स मिथ्याछाप पाए गए। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि संबंधित उत्पादों का निर्माण, भंडारण और विक्रय आवश्यक खाद्य अनुमति के बिना किया जा रहा था। इस मामले में फर्म पर दो प्रकरणों में कुल 4 लाख 50 हजार रुपए की पेनल्टी लगाई गई।
पनीर और दाल के सैंपल निकले सब-स्टैंडर्ड
सहस्त्र फूड सर्विसेज के यहां से लिए गए पनीर और तुअर दाल के नमूने गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इस पर फर्म को 1.50 लाख रुपए का जुर्माना भरना होगा। वहीं मुस्कान डेयरी नमकीन एंड स्वीट्स के यहां से लिए गए पनीर के नमूने भी सब-स्टैंडर्ड पाए गए, जिसके चलते फर्म पर 2 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई गई।
बिना पंजीयन और गंदगी में खाद्य निर्माण
श्रीजी रेस्टोरेंट के खिलाफ जांच में बिना खाद्य पंजीयन के संचालन तथा अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ तैयार करने के तथ्य सामने आए। इसके चलते रेस्टोरेंट पर 1 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई गई।
सोलगेयर हेल्थकेयर पर सबसे बड़ी कार्रवाई
इस कार्रवाई में सबसे बड़ा जुर्माना सोलगेयर हेल्थकेयर पर लगाया गया। कंपनी के खिलाफ तीन मामलों में सुनवाई के बाद प्रत्येक मामले में पांच-पांच लाख रुपए की पेनल्टी निर्धारित की गई। इस तरह कंपनी पर कुल 15 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया।
अन्य फर्मों पर भी कार्रवाई
इसके अलावा वोस्तोक हर्बल्स, मां अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट, चोगाला श्याम ट्रेडिंग, कैलिब्रो न्यूट्रासाइंसेज और हेल्दी हेल्थ न्यूट्रस्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड सहित अन्य प्रतिष्ठानों पर भी खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामलों में पेनल्टी लगाई गई है।
मिलावट के खिलाफ अभियान जारी
खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जिले में सैंपलिंग और जांच की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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