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सीबीआई की बड़ी कार्रवाई: दो जालसाजों को पकड़ा; फर्जीवाड़े से हासिल की रेलवे में नौकरी

KHULASA FIRST

संवाददाता

02 मार्च 2026, 3:42 pm
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सीबीआई की बड़ी कार्रवाई

खुलासा फर्स्ट, जबलपुर।
रेलवे में फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल करने के मामले में (सीबीआई) की जबलपुर टीम ने बिहार के मुंगेर जिले से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप है। उन्हें जबलपुर कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

2024 की भर्ती से शुरू हुआ खेल
भारतीय रेलवे में वर्ष 2024 में विभिन्न पदों के लिए करीब 8 हजार से अधिक भर्तियां निकली थीं। इनमें टेक्नीशियन पद भी शामिल था। मुंगेर निवासी मुकेश कुमार ने इस पद के लिए आवेदन किया था।

6 लाख रुपए में तय हुआ सौदा
आरोप है कि मुकेश ने अपने पड़ोसी रंजीत कुमार, जो कोचिंग पढ़ाता है, से संपर्क किया और परीक्षा से लेकर नौकरी लगने तक 6 लाख रुपए देने का सौदा किया।

दूसरे ने दी परीक्षा, मेडिकल भी कराया
अप्रैल 2024 में फॉर्म भरा गया और दिसंबर में पटना में सीबीटी परीक्षा हुई। आरोप है कि रंजीत कुमार, मुकेश बनकर परीक्षा में बैठा। परीक्षा पास होने के बाद दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल के लिए भोपाल बुलाया गया, जहां भी रंजीत ने मुकेश के नाम से प्रक्रिया पूरी की। मेडिकल कोटा अस्पताल में हुआ।

चयन टेक्नीशियन पद पर हो गया
जुलाई 2025 में चयन सूची जारी हुई और मुकेश का चयन टेक्नीशियन पद पर हो गया। सितंबर 2025 में उसकी ज्वाइनिंग हो गई। उसने दमोह, सागर और जबलपुर में काम भी किया। बाद में अक्टूबर 2025 में उसे प्रशिक्षण के लिए प्रयागराज भेजा गया।

बायोमैट्रिक में खुली पोल
रेलवे नियमों के अनुसार, नई भर्ती का एक वर्ष के भीतर बायोमैट्रिक सत्यापन होता है। 14 नवंबर 2025 को हुए सत्यापन में अंगूठे और चेहरे का मिलान नहीं हो सका। इसके बाद मुकेश बिना सूचना दिए गायब हो गया और बिहार लौट गया।

जबलपुर मंडल की शिकायत पर 2 दिसंबर 2025 को सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। एसपी एसके राठी के निर्देश पर डीएसपी ए.के. मिश्रा की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुंगेर में दबिश दी और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गूगल से तैयार की गई ‘मिक्स’ फोटो
जांच के दौरान सामने आया कि आवेदन फॉर्म में लगी फोटो गूगल की मदद से एडिट कर तैयार की गई थी, जिसमें मुकेश और रंजीत की तस्वीरों को मिलाया गया था। योजना थी कि पहचान होने पर इसे पुरानी फोटो बताकर बचाव किया जा सके।

सीबीआई अब यह भी जांच कर रही है कि क्या मुकेश या रंजीत ने इसी तरह किसी अन्य अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देकर नौकरी दिलाने में भूमिका निभाई है। फ़िलहाल मामले की जांच जारी है।

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