खबर
Top News

महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष को इतने करोड़ का मानहानि नोटिस: यौन शोषण और अवैध कब्जे के आरोपों पर भड़के विधायक; इतने दिन में मांगे सबूत

KHULASA FIRST

संवाददाता

07 मई 2026, 11:52 am
265 views
शेयर करें:
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष को इतने करोड़ का मानहानि नोटिस

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्य प्रदेश में सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। रतलाम जिले की आलोट सीट से भाजपा विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय ने मप्र महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया को 10 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजा है। यह नोटिस उन बयानों को लेकर भेजा गया है जिनमें बोरासी ने विधायक पर यौन शोषण और अवैध भूमि कब्जे जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। विधायक ने एक स्थानीय टेलीविजन चैनल को भी कानूनी नोटिस भेजा है।

राज्यपाल से शिकायत के बाद छिड़ा विवाद
कुछ दिन पूर्व रीना बोरासी ने भोपाल के लोकभवन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद मीडिया को दिए बयान में उन्होंने विधायक मालवीय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि एक पीड़ित महिला ने उन्हें शपथपत्र और साक्ष्य सौंपे हैं, जो वे राज्यपाल को देने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक ने एक महिला का यौन शोषण किया, उसके घर और पैतृक जमीन पर अवैध कब्जा किया तथा 25-30 गुंडे भेजकर संपत्ति तोड़फोड़ कराई और 70 वर्षीय महिला पर अत्याचार किया। बोरासी ने सरकार और राज्यपाल से विधायक की सदस्यता रद्द करने की मांग भी की थी।

नोटिस में विधायक का पक्ष- राजनीतिक द्वेष का आरोप
एडवोकेट शेखर श्रीवास्तव के माध्यम से भेजे गए इस नोटिस में विधायक की ओर से कहा गया है कि वे एक उच्च शिक्षित और समाज में प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधि हैं। रीना बोरासी ने बिना किसी ठोस प्रमाण के केवल चुनावी रंजिश और राजनीतिक द्वेष के चलते उनकी छवि धूमिल करने की मंशा से ये झूठे आरोप लगाए हैं। नोटिस में यह भी कहा गया है कि 'पृथ्वीचक्र' चैनल और सोशल मीडिया पर प्रसारित यह इंटरव्यू एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा है।

7 दिन में सबूत दें, वरना अदालत में मिलेंगे
नोटिस में रीना बोरासी को 7 दिन की मोहलत दी गई है। इस अवधि में उन्हें उन सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध करानी होंगी जिनके आधार पर आरोप लगाए गए। यदि वे निर्धारित समय में सबूत पेश करने में विफल रहती हैं तो उनके विरुद्ध 10 करोड़ रुपए की दीवानी क्षतिपूर्ति का मुकदमा और आपराधिक मानहानि का केस दर्ज किया जाएगा। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से इस विवाद के और तूल पकड़ने के आसार हैं।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!