लक्की शर्मा हुआ अनलकी: अवैध कमर्शियल कॉम्प्लेक्स पर मिला नोटिस; नियम-कायदों का खुला उल्लंघन
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
स्वच्छ और प्रतिबद्ध पत्रकारिता के प्रति पूर्णत: समर्पित खुलासा फर्स्ट में छपी एक और खबर पर नगर निगम ने एक्शन लिया है। कनाड़िया मेनरोड पर कुख्यात और भ्रष्ट बिल्डर लक्की शर्मा द्वारा बनाए गए अवैध कमर्शियल कॉम्प्लेक्स को लेकर नगर निगम ने नोटिस जारी कर दिया है। उसे तीन दिन में जवाब देने और अवैध निर्माण को तोड़ लेने का निर्देश दिया गया है। खुलासा फर्स्ट ने लक्की शर्मा की कारगुजारी का बेखौफ होकर खुलासा किया था।
उल्लेखनीय है कि लक्की शर्मा ने न केवल कनाड़िया रोड पर बल्कि बायपास पर भी अनेक अवैध निर्माण बना लिए और बना रहा है जिनमें एमओएस नहीं छोड़ा गया है। यानी एमओएस की जमीन को भी वो खा गया है। यही नहीं, लक्की शर्मा ने नियम-कायदों का खुला उल्लंघन भी किया है।
ताजा मामला कनाड़िया बायपास का है जहां उसने ग्रुप हाऊसिंग के तहत अवैध बंगले बनाए हैं, जिनमें कार खड़ी करने की जगह भी नहीं छोड़ी है। ये बंगले मिलनग्रीन कॉलोनी में ग्रुप हाउसिंग के तहत बने हैं जो 950 से 2000 स्क्वेयर फीट तक के हैं।
उसका ये प्रोजेक्ट पूरी तरह अवैध इसलिए है, क्योंकि ये बिना अनुमति के हैं और नियमों के विरुद्ध बीच की दीवार एक ही है जबकि हर बंगले की अपनी दीवार बनना चाहिए। यहां वो करीब 12 बंगले बनाए हैं, जिनमें एमओएस नहीं छोड़ा गया है।
स्थिति ये है कि कार पार्किंग की जगह भी नहीं है जिसका नतीजा ये है कि इसमें रहने वालों को अपनी कार सड़क पर पार्क करना पड़ेगी, जो पूरी तरह असुरक्षित और असुविधाजनक होगा। अन्य लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। लक्की शर्मा ये बंगले 1.5 करोड़ से 2 करोड़ रुपए तक की कीमत में बेच रहा है।
लक्की ने बायपास पर सिटाडेल माल के पास शंखेश्वर पार्श्वनाथ सिटी में भी ऐसे ही ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के तहत बंगले बनाए हैं, जिनमें न एमओएस है न अन्य सुविधाएं। खरीदार तो परेशान होंगे ही, आसपास के लोगों को भी समस्याएं होंगी। निगम को करोड़ों का चूना लगा रहा है, वो अलग ही है।
लक्की शर्मा ने संचार नगर में जेएमबी यानी जैन मिठाई भंडार की बड़ी दुकान की गली में भी 1500 स्क्वेयर फीट पर एक बंगला बनाया है वो भी इन्हीं कारणों से पूरी तरह अवैध है। लक्की शर्मा द्वारा आलोक नगर में दो प्लॉटों को जोडक़र बनाई जा रही अवैध कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का खुलासा भी खुलासा फर्स्ट ने बेझिझक होकर किया था।
इसमें उसने जी+2 के स्थान पर जी+3 का निर्माण कर लिया है जिसकी अनुमति नहीं है। पूरे कॉम्प्लेक्स में भ्रष्ट बिल्डर लक्की शर्मा ने न तो कोई एमओएस छोड़ा न अन्य नियमों का पालन किया। जो कॉम्पलेक्स बनाया है, उसमें ग्राउंड कवरेज भी नहीं है और शुद्ध हवा-पानी आने के इंतजाम भी नहीं हैं।
लक्की शर्मा ने नीचे दुकानें बनाई हैं और ऊपर ऑफिस बना लिए हैं और बेच रहा है। इस तरह क्षेत्र की शांति, ट्रैफिक और नियम-कायदों को बेचकर अपनी तिजोरी भर रहा है। उसने पास में एक अन्य बिल्डिंग भी बनाई है जिसमें भी न एमओएस छोड़ा है और न अन्य नियमों का पालन किया है।
यहां भी दुकानें बनी हैं जिनमें एक दुकान येवले की चाय की दुकान है जिस पर दिनभर ग्राहकों की भीड़ रहती है जिनके वाहनों के कारण रहवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लक्की की एक और बिल्डिंग जिसमें जेएमबी यानी जैन मिठाई भंडार की दुकान चल रही है, वहां भी यहीं हाल है। उसने इन अवैध निर्माणों में प्रकोष्ठ भी बना डाले हैं जबकि इसकी कोई अनुमति नहीं है। कोई पार्किंग की जगह नहीं है। नतीजा ये कि लोग परेशान हैं।
नोटिस दिया है, तीन दिन में जवाब मांगा है- मामले में जोन 19 के भवन अधिकारी विशाल राठौर ने बताया कि लक्की शर्मा को तीन दिन का नोटिस दिया है कि वो जवाब दे और अपना अवैध निर्माण हटाए। यदि नहीं हटाएगा, तो निगम रिमूवल कार्रवाई करेगा। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिना अधिकारियों की शह केे कैसे हो गया अवैध निर्माण
इस मामले में सवाल ये है कि बिना अधिकारियों की शह के आखिर भ्रष्ट बिल्डर लक्की शर्मा इतना बड़ा अवैध निर्माण कैसे खड़ा कर सकता है? जाहिर है कि उसकी निगम अधिकारियों के साथ मिलीभगत है।
क्या क्षेत्र के भवन अधिकारी-भवन निरीक्षक को उसका अवैध निर्माण नजर नहीं आया? ऐसा कैसे हो सकता है कि निर्माण होता रहे और निगम के अधिकारियों को पता न चले। जाहिर है कि कहीं न कहीं किसी की शह तो है।
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